US: एफबीआई की बड़ी कार्रवाई, नस्लीय न्याय आंदोलन में हिस्सा लेने वाले अपने 20 एजेंटों को नौकरी से निकाला
अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद हुए नस्लीय न्याय आंदोलन में भाग लेने वाले करीब 20 एजेंटों को बर्खास्त कर दिया है। ये एजेंट वॉशिंगटन में हुए प्रदर्शन के दौरान घुटनों पर बैठे नजर आए थे। शुरुआत में इन्हें अन्य विभागों में भेजा गया था, लेकिन अब पूरी तरह से निकाल दिया गया है।
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अमेरिका की प्रमुख जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने नस्लीय न्याय आंदोलन में भाग लेने वाले एजेंटों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इसके तहत एफबीआई ने लगभग 20 ऐसे एजेंटों को नौकरी से निकाल दिया है, जो 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद वॉशिंगटन में हुए नस्लीय न्याय आंदोलन के दौरान प्रदर्शन में घुटनों पर बैठे दिखाई दिए थे। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बताया कि नाम ना बताने के शर्त पर इस बात की जानकारी तीन ऐसे अधिकारियों ने दी है जो इस मामले से जुड़े हैं।
सूत्रों के अनुसार, इन एजेंटों को पहले अस्थायी रूप से अन्य विभागों में भेजा गया था, लेकिन पिछले कुछ समय में उन्हें पूरी तरह से निकाल दिया गया। बताया जा रहा है कि करीब 20 एजेंटों को नौकरी से निकाला गया है।
जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद हुआ था आंदोलन
बता दें कि इस पूरे मामले की शुरुआत 2020 में हुई, जब मिनियापोलिस में पुलिस हिरासत में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत हुई। इस घटना के बाद अमेरिका और दुनियाभर में नस्लीय भेदभाव और पुलिस हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे। ऐसे ही एक प्रदर्शन में कुछ एफबीआई एजेंट एकजुटता दिखाने के लिए घुटनों पर बैठे, जिसकी तस्वीरें सामने आई थीं। हालांकि एफबीआई के इस कदम के बारे में
एफबीआई के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
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कई वरिष्ठ अधिकारियों की भी हुई थी छुट्टी
दूसरी ओर यह फैसला एफबीआई डायरेक्टर कश पटेल द्वारा एजेंसी में किए जा रहे बड़े बदलावों के तहत लिया गया है। हाल ही में चार वरिष्ठ एजेंटों और अधिकारियों को भी अचानक हटा दिया गया, जिससे एफबीआई के अंदर कर्मचारियों का मनोबल गिरने की बात कही जा रही है।
इनमें से एक, स्टीव जेनसन, कैपिटल हिल पर 6 जनवरी 2021 को हुए हमले की जांच में शामिल थे। दूसरे अधिकारी, ब्रायन ड्रिस्कोल, ट्रंप प्रशासन की शुरुआत में कार्यकारी एफबीआई निदेशक रहे और उन्होंने उन एजेंटों के नाम देने से इनकार किया जो 6 जनवरी की जांच में शामिल थे।
तीसरे अधिकारी, क्रिस मेयर, जिनके बारे में सोशल मीडिया पर गलत अफवाह थी कि उन्होंने ट्रंप के मार-ए-लागो स्थित घर से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों की जांच की थी। चौथे अधिकारी, वाल्टर जियार्डिना ने ट्रंप के सलाहकार पीटर नवैरो के खिलाफ हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच की थी।
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निकाले गए अधिकारियों ने दायर किया था मुकदमा
गौरतलब है कि ऐसे घटनाक्रम में निकाले गए तीन वरिष्ठ एजेंटो, जेनसन, ड्रिस्कोल और स्पेंसर इवांस ने सरकार पर मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि डायरेक्टर पटेल ने खुद कहा था कि एजेंटों को उनके केस वर्क के आधार पर निकालना संविधान के खिलाफ हो सकता है, लेकिन व्हाइट हाउस और न्याय विभाग का दबाव था, इसलिए वो इसे रोक नहीं सके। हालांकि, पटेल ने हाल ही में कांग्रेस में शपथ लेकर कहा कि उन्होंने किसी को व्हाइट हाउस से आदेश नहीं लिए और जो भी एजेंट निकाले गए, वो एफबीआई के मानकों पर खरे नहीं उतरे।