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सिंगापुर: दो दिसंबर को भारतीय श्रमिक की मौत मामले में परिवार ने उठाए सवाल, हादसे पर अधिकारियों से मांगे जवाब
Sun, 31 Dec 2023 05:19 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, सिंगापुर
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, सिंगापुर
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Sun, 31 Dec 2023 05:19 PM IST
सार
सिंगापुर में दो दिसंबर को 23 वर्षीय भारतीय श्रमिक की मौत को लेकर परिवार के गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवार ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद समय पर उसे अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया था।
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पोनरामन एझुमलाई
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सिंगापुर में 23 वर्षीय भारतीय श्रमिक की मौत को लेकर परिवार ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दिसंबर माह की शुरुआत में काम के दौरान हुए हादसे में 23 वर्षीय भारतीय श्रमिक की मौत की परिस्थितियों पर परिवार ने अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा हैं। गौरतलब हैं कि पोनरामन एझुमलाई, सिंगापुर में कंक्रीट पंप सहायक के तौर पर केवल आठ माह से काम कर रहा था, लेकिन दो दिसंबर को कंक्रीट पंप ट्रके चेसिस और पीछे हटने वाले आउटरिगर के बीच फंसने से पोनरामन की मौत हो गई थी। सिंगापुर के जनशक्ति मंत्रालय के मुताबिक, यह हादसा दो दिसंबर की रात लगभग 11:20 बजे हुई थी। भारत से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने वाले पोनरामन एझुमलाई अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे।
परिवार ने मौत पर उठाए सवाल
मृतक के परिवार के सदस्यों को घटना की जानकारी दी गई थी। परिवार का आरोप हैं कि सरकारी अधिकारियों ने उन्हें यह नहीं बताया कि आखिर उसे कौन सी चोटें आई थी। गौरतलब हैं कि मृतक पोनरामन के दो चाचा सिंगापुर में ही कार्यरत हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया कि घटना के बाद से परिवार ने हादसे को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्हें उम्मीद हैं कि अधिकारी इन सवालों पर गौर करेंगे। परिवार ने कहा कि हादसे से महज 10 मिनट की दूरी पर एनजी टेंग फोन जनरल अस्पताल था।
समय पर नहीं बुलाई गई एम्बुलेंस- परिवार
परिवार ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद स्थानीय कर्मचारियों ने एम्बुलेंस क्यों नहीं बुलाई, उसे नजदीकी अस्पताल में आखिर क्यों नहीं भर्ती कराया गया था। परिवार के सदस्य ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उसे समय पर अस्पताल में भर्ती करवा देते तो उसकी जान बच सकती थी। वहीं सिंगापुर में कार्यरत चाचाओं ने कहा कि उन्हें रात सूचित किया गया था, उन्हें लगा कि गंभीर चोट नहीं होगी। 24 घंटे से भी कम समय में उनके भतीजे की मौत हो गई, तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ।
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हादसे को लेकर दुखी- एलटीए
मौत पर गंभीर सवालों पर एमओएम ने कहा कि सामान्य सुरक्षा उपाय के तौर पर श्रमिकों को निर्माण उपकरण और मशीनरी जैसे कंक्रीट पंप ट्रक और मोबाइल क्रेन से उचित दूरी बनाए रखनी चाहिए, जब वे संचालन में हों। टेंगा डिपो परियोजना के विकासकर्ता भूमि परिवहन प्राधिकरण (एलटीए) ने कहा कि वह इस घातक हादसे से दुखी हैं।
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परिवार ने मौत पर उठाए सवाल
मृतक के परिवार के सदस्यों को घटना की जानकारी दी गई थी। परिवार का आरोप हैं कि सरकारी अधिकारियों ने उन्हें यह नहीं बताया कि आखिर उसे कौन सी चोटें आई थी। गौरतलब हैं कि मृतक पोनरामन के दो चाचा सिंगापुर में ही कार्यरत हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया कि घटना के बाद से परिवार ने हादसे को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्हें उम्मीद हैं कि अधिकारी इन सवालों पर गौर करेंगे। परिवार ने कहा कि हादसे से महज 10 मिनट की दूरी पर एनजी टेंग फोन जनरल अस्पताल था।
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समय पर नहीं बुलाई गई एम्बुलेंस- परिवार
परिवार ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद स्थानीय कर्मचारियों ने एम्बुलेंस क्यों नहीं बुलाई, उसे नजदीकी अस्पताल में आखिर क्यों नहीं भर्ती कराया गया था। परिवार के सदस्य ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उसे समय पर अस्पताल में भर्ती करवा देते तो उसकी जान बच सकती थी। वहीं सिंगापुर में कार्यरत चाचाओं ने कहा कि उन्हें रात सूचित किया गया था, उन्हें लगा कि गंभीर चोट नहीं होगी। 24 घंटे से भी कम समय में उनके भतीजे की मौत हो गई, तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ।
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हादसे को लेकर दुखी- एलटीए
मौत पर गंभीर सवालों पर एमओएम ने कहा कि सामान्य सुरक्षा उपाय के तौर पर श्रमिकों को निर्माण उपकरण और मशीनरी जैसे कंक्रीट पंप ट्रक और मोबाइल क्रेन से उचित दूरी बनाए रखनी चाहिए, जब वे संचालन में हों। टेंगा डिपो परियोजना के विकासकर्ता भूमि परिवहन प्राधिकरण (एलटीए) ने कहा कि वह इस घातक हादसे से दुखी हैं।