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S Jaishankar: विदेशी दौरे पर एस जयशंकर, इंडोनेशिया समेत ऑस्ट्रेलिया, लाओस और वियतनाम के समकक्षों से की बातचीत
Wed, 12 Jul 2023 09:10 PM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 12 Jul 2023 09:10 PM IST
सार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को इंडोनेशिया, मलयेशिया, ऑस्ट्रेलिया और वियतनाम सहित कई देशों के अपने समकक्षों के साथ कई बैठकें कीं साथ ही द्विपक्षीय सहयोग और आपसी चिंता के मुद्दों पर चर्चा की।
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एस जयशंकर
- फोटो : Twitter
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विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर आसियान और बिम्सटेक समूहों की बैठक के लिए बुधवार को इंडोनेशिया पहुंच गए। यहां बुधवार को उन्होंने इंडोनेशिया, मलयेशिया, ऑस्ट्रेलिया और वियतनाम सहित कई देशों के अपने समकक्षों के साथ कई बैठकें कीं साथ ही द्विपक्षीय सहयोग और आपसी चिंता के मुद्दों पर चर्चा की।
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एस जयशंकर इन दिनों इंडोनेशिया और थाईलैंड की एक हफ्ते की यात्रा पर हैं। जयशंकर के अलावा विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन दो दिवसीय यात्रा के लिए सीरिया जाएंगे। भारतीय विदेश मंत्री ने इंडोनेशिया की राजधानी में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के महासचिव डॉ. काओ किम के साथ बैठक के साथ अपने कार्यक्रमों की शुरुआत की। जयशंकर ने कहा कि उन्होंने काओ किम के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी के विकास पर चर्चा की।
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उन्होंने ट्वीट्स कर बताया कि बैठक में वित्त, साइबर और समुद्री क्षेत्रों में भारत-आसियान संवाद का सुझाव दिया। साथ ही ऊर्जा, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य और कल्याण पर भी चर्चा हुई। आगे कहा कि हमारे आसियान संबंधों ने इंडो-पैसिफिक विजन के लिए मार्ग प्रशस्त किया। इसलिए भारत आसियान केंद्रीयता के सिद्धांत के प्रति गहराई से प्रतिबद्ध है। जयशंकर ने कहा कि वियतनाम के विदेश मंत्री बुई थान सोन के साथ उनकी उपयोगी बैठक हुई, जिसके दौरान उन्होंने व्यापार और निवेश, ऊर्जा, हवाई संपर्क और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा की।
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एस जयशंकर ने मलयेशिया के विदेश मंत्री डॉ जाम्ब्री अदबुल कादिर से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आसियान से संबंधित मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत में उनके स्वागत के लिए उत्सुक हूं। वह दूसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया-इंडोनेशिया त्रिपक्षीय सम्मेलन में इंडोनेशियाई विदेश मंत्री रेटनो मार्सुडी और ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष पेनी वोंग के साथ शामिल हुए।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ट्वीट किया कि तीन इंडो-पैसिफिक समुद्री राज्यों के बीच अच्छी बैठक हुई। बहुत सारी बातें हुईं, बहुत कुछ पर सहमति बनी। उन्होंने लाओ पीडीआर के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सेलुमक्से कोमासिथ से भी मुलाकात की और आपसी चिंता के क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों और बहुपक्षीय सहयोग की भी समीक्षा की।
जकार्ता के बाद एस जयशंकर रविवार को मेकांग गंगा सहयोग (एमजीसी) तंत्र की 12वीं विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए बैंकॉक जाएंगे। एमजीसी भारत, कंबोडिया, लाओ पीडीआर, म्यांमार, थाईलैंड और वियतनाम की एक पहल है, जो गंगा नदी और मेकांग नदी बेसिन साझा करने वाले छह सदस्य देशों के बीच घनिष्ठ संबंध की सुविधा प्रदान करती है। बैंकॉक में एस जयशंकर 17 जुलाई को बिम्सटेक विदेश मंत्रियों के रिट्रीट में भी शामिल होंगे।