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Pakistan: मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग, चुनाव में कथित धांधली का इमरान खान की पार्टी ने जताया विरोध
Sun, 23 Jun 2024 01:22 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 23 Jun 2024 01:22 PM IST
सार
Pakistan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ने रविवार को फिर देश के मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान रजा से तुरंत इस्तीफे की मांग की है। पीटीआई ने पार्टी के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ विरोध जताया और अपने नेता की रिहाई को लेकर नारेबाजी की।
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चुनाव में कथित धांधली का इमरान खान की पार्टी ने जताया विरोध
- फोटो : ANI
विस्तार
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीई) ने देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में विफल होने का आरोप लगाते हुए देश के मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। एक समाचार पत्र के मुताबिक पीटीआई पार्टी के नेताओं ने नेशनल असेंबली के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर संसद से लेकर संविधान एवेन्यू में मौजूद पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) भवन तक विरोध रैली निकाली।
'अपने काम करने में विफल रहा चुनाव आयोग'
पीटीआई नेता और नेता प्रतिपक्ष उमर अयूब के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने चुनाव में कथित धांधली को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त रजा और चुनाव आयोग के सदस्यों के इस्तीफे की मांग की। बता दें कि 8 फरवरी को पाकिस्तान में हुए विवादास्पद आम चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे हैं। इस रैली के दौरान उमर अयूब ने सीईसी रजा के और ईसीपी के सदस्यों के तुरंत इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि उनका एक मात्र काम साफ और पारदर्शी चुनाव कराना है लेकिन वो अपने संवैधानिक कर्तव्यों को पूरा करने में नाकाम रहे।
इमरान खान की रिहाई को लेकर की गई नारेबाजी
रिपोर्ट के मुताबिक सभी प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग के केंद्रीय कार्यालय पहुंचने से पहले सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। बता दें कि पीटीआई के प्रदर्शन को देखते हुए ईसीपी भवन के बाहर पहले से ही भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। वहीं इस दौरान प्रदर्शनकारियों की तरफ से इमरान खान की रिहाई को लेकर भी नारेबाजी की गई। रैली को संबोधित करते हुए पीटीआई के चेयरमैन बैरिस्टर गौहर खान ने कहा, 'विपक्षी नेताओं के लिए अदालतों के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं; हमारी महिलाएं जेल में हैं। उन्होंने आगे कहा कि ये काफी अफसोस की बात है कि सभी सांसद सड़कों पर उतरे हैं और हमारे नेता के रिहाई की मांग कर रहे हैं।
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हमारी आवाज को दबाया जा रहा है- पीटीआई
इस दौरान पीटीआई चेयरमैन ने आगे कहा कि आज हम सभी सांसद अन्याय के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। सदन में हमारी आवाज नहीं सुनी जा रही है। हम जो कुछ भी सदन में कहते हैं हमारी आवाज को दबा दिया जाता है और ये हमारे मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं। इस मौके पर पीटीआई के केंद्रीय नेता असद कैसर ने कहा, 9 मई को हमें इस बहाने से निशाना बनाया गया कि हम किसी से बातचीत नहीं कर रहे हैं। संसद में हमारी आवाज नहीं सुनी जाती, जो हमारे साथ घोर दुर्व्यवहार है।
सिंतबर से अदियाला जेल में बंद हैं इमरान खान
वहीं देश के विवादास्पद आम चुनावों के बाद, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने गठबंधन सरकार बनाई। 8 फरवरी को पड़ोसी देश में हुए चुनाव में पीटीआई पार्टी की तरफ से समर्थित बहुमत वाले स्वतंत्र उम्मीदवारों ने 265 नेशनल असेंबली सीटों में से 93 सीटें जीतीं। जबकि क्रिकेटर से नेता और प्रधानमंत्री पद पर पहुंचे पीटीआई के संस्थापक इमरान खान पिछले साल सितंबर से रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में बंद हैं। उन्हें जिला जेल अटक से इस जेल में स्थानांतरित किया गया था, जहां उन्हें तोशाखाना मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 5 अगस्त, 2023 को गिरफ्तार किया गया था।
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'अपने काम करने में विफल रहा चुनाव आयोग'
पीटीआई नेता और नेता प्रतिपक्ष उमर अयूब के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने चुनाव में कथित धांधली को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त रजा और चुनाव आयोग के सदस्यों के इस्तीफे की मांग की। बता दें कि 8 फरवरी को पाकिस्तान में हुए विवादास्पद आम चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे हैं। इस रैली के दौरान उमर अयूब ने सीईसी रजा के और ईसीपी के सदस्यों के तुरंत इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि उनका एक मात्र काम साफ और पारदर्शी चुनाव कराना है लेकिन वो अपने संवैधानिक कर्तव्यों को पूरा करने में नाकाम रहे।
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इमरान खान की रिहाई को लेकर की गई नारेबाजी
रिपोर्ट के मुताबिक सभी प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग के केंद्रीय कार्यालय पहुंचने से पहले सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। बता दें कि पीटीआई के प्रदर्शन को देखते हुए ईसीपी भवन के बाहर पहले से ही भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। वहीं इस दौरान प्रदर्शनकारियों की तरफ से इमरान खान की रिहाई को लेकर भी नारेबाजी की गई। रैली को संबोधित करते हुए पीटीआई के चेयरमैन बैरिस्टर गौहर खान ने कहा, 'विपक्षी नेताओं के लिए अदालतों के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं; हमारी महिलाएं जेल में हैं। उन्होंने आगे कहा कि ये काफी अफसोस की बात है कि सभी सांसद सड़कों पर उतरे हैं और हमारे नेता के रिहाई की मांग कर रहे हैं।
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हमारी आवाज को दबाया जा रहा है- पीटीआई
इस दौरान पीटीआई चेयरमैन ने आगे कहा कि आज हम सभी सांसद अन्याय के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। सदन में हमारी आवाज नहीं सुनी जा रही है। हम जो कुछ भी सदन में कहते हैं हमारी आवाज को दबा दिया जाता है और ये हमारे मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं। इस मौके पर पीटीआई के केंद्रीय नेता असद कैसर ने कहा, 9 मई को हमें इस बहाने से निशाना बनाया गया कि हम किसी से बातचीत नहीं कर रहे हैं। संसद में हमारी आवाज नहीं सुनी जाती, जो हमारे साथ घोर दुर्व्यवहार है।
सिंतबर से अदियाला जेल में बंद हैं इमरान खान
वहीं देश के विवादास्पद आम चुनावों के बाद, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने गठबंधन सरकार बनाई। 8 फरवरी को पड़ोसी देश में हुए चुनाव में पीटीआई पार्टी की तरफ से समर्थित बहुमत वाले स्वतंत्र उम्मीदवारों ने 265 नेशनल असेंबली सीटों में से 93 सीटें जीतीं। जबकि क्रिकेटर से नेता और प्रधानमंत्री पद पर पहुंचे पीटीआई के संस्थापक इमरान खान पिछले साल सितंबर से रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में बंद हैं। उन्हें जिला जेल अटक से इस जेल में स्थानांतरित किया गया था, जहां उन्हें तोशाखाना मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 5 अगस्त, 2023 को गिरफ्तार किया गया था।