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Brazil: मनी लॉड्रिंग मामले में घिरे ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति, पुलिस ने लगाए 50 लाख डॉलर के लेनदेन के आरोप

Fri, 22 Aug 2025 07:42 AM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रासीलिया
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रासीलिया Published by: बशु जैन Updated Fri, 22 Aug 2025 07:42 AM IST
सार

बोल्सानारो एक जनवरी, 2019 से 31 दिसंबर, 2022 तक ब्राजील के राष्ट्रपति रहे। उन पर तख्तापलट की साजिश करने का भी आरोप है। अगर अटॉर्नी जनरल उन पर न्याय में बाधा डालने का आरोप लगाने का निर्णय लेते हैं तो पूर्व राष्ट्रपति को एक और मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है।

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Ex Brazilian President surrounded in money laundering case, police alleges transaction of 5 million dollars
ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो। - फोटो : Facebook/Jair Messias Bolsonaro

विस्तार

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो मनी लॉड्रिंग मामले में घिर गए हैं। पुलिस ने उन पर मार्च 2023 और फरवरी 2024 के बीच 50 लाख डॉलर का लेनदेन करने के आरोप लगाए हैं। वहीं बोल्सोनारो ने कहा कि राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा की सरकार उन्हें राजनीतिक रूप से प्रताड़ित कर रही है। 
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बोल्सानारो एक जनवरी, 2019 से 31 दिसंबर, 2022 तक ब्राजील के राष्ट्रपति रहे। उन पर तख्तापलट की साजिश करने का भी आरोप है। इस मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों का एक पैनल सजा सुनाएगा। वे दो से 12 सितंबर के बीच अपना फैसला सुनाएंगे। अगर अटॉर्नी जनरल उन पर न्याय में बाधा डालने का आरोप लगाने का निर्णय लेते हैं तो पूर्व राष्ट्रपति को एक और मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है।
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बोल्सनारो पर आरोप है कि उनको 30 मिलियन से अधिक ब्राजीलियन रीसिस (5 मिलियन डॉलर) प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश बिना किसी स्पष्ट औचित्य के थे तथा उस अवधि के दौरान लगभग इतनी ही राशि के डेबिट भी प्राप्त हुए। दस्तावेजों के मुताबिक लगभग दो करोड़ रियाल (3.48 मिलियन डॉलर) कथित तौर पर PIX नामक 12 लाख से अधिक लेनदेन से आए। बोल्सोनारो ने इस दौरान निवेश पर भी इतनी ही राशि खर्च की। दस्तावेजों से यह भी पता चला है कि पूर्व राष्ट्रपति ने वायर ट्रांसफर, जमा पर्चियों के भुगतान, निकासी और विनिमय कार्यों पर भी पैसा खर्च किया।
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ब्राजील पुलिस ने कहा है कि बोल्सोनारो और उनके बेटे एडुआर्डो ने वित्तीय संसाधनों के स्रोत और गंतव्य को छिपाने के लिए कई पैंतरेबाज़ी की। इसका उद्देश्य विदेश में रहने वाले सांसद (एडुआर्डो बोल्सोनारो) की अवैध प्रकृति की गतिविधियों को वित्तपोषित करना और उनका समर्थन करना था। पुलिस जांच यह भी खुलासा हुआ कि बोल्सोनारो ने पिछले साल अर्जेंटीना में राजनीतिक शरण लेने पर विचार किया था और एहतियाती उपायों के बावजूद हाल के हफ्तों में उन्होंने सहयोगियों के साथ संवाद जारी रखा, जिसके कारण अब उन्हें नजरबंद होना पड़ रहा है।

मामले की देखरेख कर रहे न्यायमूर्ति एलेक्जेंडर डी मोरेस ने बुधवार देर रात बोल्सोनारो के वकीलों से कहा कि उनके पास यह बताने के लिए 48 घंटे का समय है कि पूर्व राष्ट्रपति अपने घर में नजरबंदी के आदेश के लिए निर्धारित उपायों का पालन क्यों नहीं कर रहे हैं? बोल्सोनारो के वकीलों ने उस मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया। वकीलों ने कहा कि किसी भी एहतियाती उपाय का कभी भी उल्लंघन नहीं किया गया था। साथ ही वे संघीय पुलिस द्वारा उन पर औपचारिक रूप से न्याय में बाधा डालने का आरोप लगाने के निर्णय से आश्चर्यचकित हैं।

बोल्सोनारो के एक वकील ने एक टीवी साक्षात्कार में कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ने कभी भी अर्जेंटीना में राजनीतिक शरण लेने पर गंभीरता से विचार नहीं किया। पाउलो कुन्हा ब्यूनो ने बताया कि बोल्सोनारो को उनके खिलाफ जांच के दौरान हर तरह के सुझाव मिले। किसी ने उन्हें फरवरी 2024 में शरण का अनुरोध भेजा था। वह जा सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। वह ऐसा नहीं चाहते थे और न तो उन्हें नज़रबंद किया गया था और न ही उनकी निगरानी रखी गई थी। उनके पास भागने के सभी हालात थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।


सुप्रीम कोर्ट ने जब्त किया पासपोर्ट
ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने 8 फरवरी, 2024 को बोल्सोनारो का पासपोर्ट ज़ब्त कर लिया था। न्यायाधीश डी मोरेस ने सभी अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति के भाग जाने का खतरा माना जा रहा है। वहीं बोल्सोनारो ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति को दिए 33 पन्नों के एक दस्तावेज में दावा किया है कि ब्राजील में उनका राजनीतिक उत्पीड़न हो रहा है। दोनों ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर समर्थक हैं। माइली के प्रवक्ता मैनुअल एडोर्नी ने कहा कि अर्जेंटीना सरकार को अभी तक कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ है।

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