US: अमेरिका में ट्रंप से पहले भी हुए कई राष्ट्रपतियों-पूर्व राष्ट्रपतियों पर हमले, इनमें कई की गई जान, पढ़ें
Donald Trump Attacked: अमेरिकी इतिहास को खंगाले तो ये पहली बार नहीं है जब किसी राष्ट्रपति या पूर्व राष्ट्रपति पर हमला किया गया हो। अमेरिका में ऐसे राष्ट्रपतियों की लंबी सूची है जिन पर गोली चलाई गई।
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अमेरिका में इन दिनों चुनावी बयार बह रही है। चुनावी प्रचार, जनसभाओं और रैलियों का दौर तेज है। शनिवार को ऐसी ही एक रैली में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गोलीबारी हो गई। हालांकि हमले में ट्रंप बाल-बाल बच गए और एक गोली उनके कान को छूकर निकल गई। फिलहाल वे सुरक्षित हैं। इस हमले में हमलावर और एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई।अमेरिकी इतिहास को खंगाले तो ये पहली बार नहीं है जब किसी राष्ट्रपति या पूर्व राष्ट्रपति पर हमला किया गया हो। अमेरिका में ऐसे राष्ट्रपतियों की लंबी सूची है जिन पर गोली चलाई गई।
अमेरिका में इस तरह का सबसे पहला हमला सन 1835 में हुआ था। तब एक व्यक्ति ने तत्कालीन राष्ट्रपति एंड्रयू जैक्सन को मारने की असफल कोशिश की थी। घटना के वक्त जैक्सन एक अंतिम संस्कार में भाग लेने गए थे। तब उनपर दो बार फायरिंग की गई थी। हालांकि हवा में नमी के कारण दोनों बार बंदूक मिसफायर हो गई।
हमलावरों का पहला शिकार बने राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन
किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति की हत्या का पहला सफल मामला 1865 में सामने आया। जब वहां गृहयुद्ध खत्म होने के बाद वाशिंगटन डी.सी. के फोर्ड थिएटर में एक प्रस्तुति के दौरान नाटक के अभिनेता और जॉन विल्क्स बूथ ने उनके सिर के पीछे गोली मार दी थी। इसके बाद बूथ घटनास्थल से भाग गया और जब कुछ हफ्तों बाद वर्जीनिया में उसे पकड़ लिया गया तो उसे गोली मार दी गई। गोली लगने के 12 घंटे के अंदर ही लिंकन की मौत हो गई थी।
1881 में जेम्स गारफील्ड को मारी गई गोली
इसके बाद इस तरह की दूसरी घटना जेम्स गारफ़ील्ड के साथ हुई। साल 1881 में जुलाई माह में जब वे वाशिंगटन डी.सी. के एक रेलवे स्टेशन पर थे तब उनको गोली मार दी गई थी। हालांकि उनकी मौत तब नहीं हुई लेकिन वे ज्यादा दिन जिंदा नहीं रह सके और हमले के घावों के कारण कुछ महीनों बाद सितंबर में न्यू जर्सी में उनकी मौत हो गई। गारफील्ड को गोली मारने वाला उनका ही एक पूर्व समर्थक चार्ल्स गुइटो था जो मानसिक बीमारी से पीड़ित था और गारफील्ड के प्रशासन में नौकरी नहीं मिलने से नाराज था। गुइटो को दोषी ठहराया गया और वर्ष के भीतर फांसी दे दी गई।
1901 में विलियम मैककिनले की हुई हत्या
अमेरिकी इतिहास के पन्नों में इस तरह का तीसरा मामला 1901 में विलियम मैककिनले की हत्या के रूप मे दर्ज है। उन्हें उनके दूसरे कार्यकाल के छह माह बाद एक सार्वजनिक प्रदर्शनी में जब वे जनता से मिल रहे थे, तब गोली मार दी गई थी। हमले के एक सप्ताह बाद ही उनकी मौत हो गई।
अमेरिका में जिस चौथे राष्ट्रपति की हत्या की गई वे जॉन एफ. कैनेडी थे। उन्हें एक पूर्व नौसैनिक ली हार्वे ओसवाल्ड द्वारा गोली मार दी गई थी। स्नाइपर ओसवाल्ड ने नवंबर 1963 में डलास में एक पब्लिक कार रैली के दौरान जब कैनेडी एक खुली छत वाली लिमोसिन में सवार थे तब पास के गोदाम की छठी मंजिल से गोली मारी थी। ओसवाल्ड सोवियत समर्थक था, उसे हमले के कुछ दिनों बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
इन पर भी हुए हमले
वहीं, ट्रंप की तरह ही जब 1912 में पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट दोबारा राष्ट्रपति बनने के लिए चुनावी अभियान में लगे थे तब मिल्वौकी में एक भाषण के लिए जाते समय एक सैलून संचालक ने उन्हें गोली मार दी थी। हालांकि वे इस हमले में बच गए थे। गोलीबारी के बावजूद उन्होंने भाषण दिया। वहीं, 1933 में मियामी में फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट पर हमला किया गया था। रूजवेल्ट की मृत्यु के बाद राष्ट्रपति पद संभालने वाले हैरी ट्रूमैन को 1950 में प्यूर्टो रिकान राष्ट्रवादियों द्वारा व्हाइट हाउस के सामने गोली मार दी गई थी।
वहीं, 1972 में अलबामा के गवर्नर जॉर्ज वालेस तीसरी बार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव प्रचार में लगे थे , को वाशिंगटन डीसी के बाहर गोली मार दी गई थी। हमले के कारण उनकी कमर से नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया था। वहीं, सितंबर 1975 में राष्ट्रपति गेराल्ड फोर्ड पर कैलिफोर्निया में दो बार हमला किया गया। हालांकि वे दोनों बार सुरक्षित बच गए।
भाषण देने के बाद रोनाल्ड रीगन पर भी चली गोली
वहीं, 1981 में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन पर भी वाशिंगटन डीसी में हिल्टन के बाहर हमला किया गया था। इस हमले में उनके प्रेस सचिव जेम्स ब्रैडी, रीगन की तुलना में अधिक गंभीर रूप से घायल हुए थे। वहीं, 2005 में जॉर्ज डब्ल्यू बुश पर भी जब वे जॉर्जिया के तिबिलिसी में भाषण दे रहे थे तब हमला किया गया था। इस घटना में उनके मंच पर ग्रेनेड फेंका गया था। हमले में भले ही ग्रेनेड के पिन को हटा दिया गया था, लेकिन उसे छिपाने के लिए ग्रेनेड के चारों ओर लपेटा गया रूमाल इतना जोर से बांधा गया था कि लीवर अलग नहीं हो सका। इस हमले में कोई भी घायल नहीं हुआ।