{"_id":"60cc99b28ebc3e29e92cddc3","slug":"european-inventor-award-2021-honor-to-indian-origin-chemist-sumita-mitra-success-in-filling-teeth-with-nanotechnology","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूरोपियन इंवेंटर अवॉर्ड -2021: भारतवंशी रसायनविद् सुमिता मित्रा को सम्मान, नैनो तकनीक से दांतों की फिलिंग में कामयाबी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
यूरोपियन इंवेंटर अवॉर्ड -2021: भारतवंशी रसायनविद् सुमिता मित्रा को सम्मान, नैनो तकनीक से दांतों की फिलिंग में कामयाबी
Fri, 18 Jun 2021 06:33 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, लंदन
पीटीआई, लंदन
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 18 Jun 2021 06:33 PM IST
सार
भारतीय मूल की अमेरिकी रसायनविद् सुमिता मित्रा ने दांतों की चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण तकनीक विकसित की है। नैनो तकनीक की मदद से दांतों को मजबूत बनाने की इस तकनीक को गैर-यूरोपीय पेटेंट देशों की श्रेणी में यूरोपियन इंवेंटर अवॉर्ड-2021 मिला है।
विज्ञापन
भारतीय-अमेरिकी रसायनशास्त्री सुमिता मित्रा
- फोटो : social media
विस्तार
भारतीय-अमेरिकी रसायनशास्त्री सुमिता मित्रा ने यूरोप में नवोन्मेष के लिए दिए जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक जीता है। यह पुरस्कार उन्हें नैनो प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से दांतों को और मजबूत बनाने के लिए उनके द्वारा किए गए काम को लेकर दिया गया। उनके द्वारा बताई गई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल अब दुनियाभर के डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है।
विज्ञापन
दांतों की फिलिंग में नैनोक्ल्स्टर का इस्तेमाल
यूरोपियन पेटेंट ऑफिस (ईपीओ) ने एक बयान में कहा कि इस अनुसंधान में पाया गया है कि नैनोक्लस्टर का इस्तेमाल दांतों की फिलिंग के लिए किया जा सकता है। इसके माध्यम से एक मजबूत, टिकाऊ और देखने में सुखद एहसास वाली फिलिंग (दांतों के बीच छेद या गड्ढों को भरने के लिये इस्तेमाल होने वाला पदार्थ) मिला। मित्रा ने “गैर-यूरोपीय पेटेंट ऑफिस देशों” की श्रेणी में यूरोपियन इंवेंटर अवॉर्ड 2021 जीता।
विज्ञापन
एक अरब लोगों के इलाज में किया इस्तेमाल
ईपीओ के बयान में कहा गया कि मित्रा द्वारा तैयार सामग्री से कई तरह की मुश्किलें दूर होंगी जो पहले दांतों की ‘फिलिंग’ करते वक्त आती थीं। या तो वे बहुत कमजोर होती थीं और इसकी वजह से दांतों से कुछ काटना मुश्किल था। साथ ही उनकी चमक भी जल्द ही फीकी पड़ जाती थी। बयान में कहा गया कि उनके द्वारा बनाई गई इस तकनीक का इस्तेमाल दुनिया भर में एक अरब से लोगों के दांतों के उपचार में सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
विज्ञापन
फिल्टेक टीएम सुप्रीम का वाणिज्यिक इस्तेमाल 2002 में शुरू हुआ
अमेरिका की बहुराष्ट्रीय कंपनी 3एम के ‘ओरल केयर डिविजन’ (मुंह की देखभाल संबंधी इकाई) में काम करते हुए मित्रा ने पहले मौजूद तकनीक के विकल्प की तलाश का संकल्प लिया था। मित्रा के इस नई तकनीक से तैयार फिलर ‘फिल्टेक टीएम सुप्रीम’ का वाणिज्यिक उपयोग 3एम द्वारा 2002 में शुरू किया गया था।