40 साल बाद यहां नजर आया दुनिया का सबसे दुर्लभ पक्षी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुनिया की सबसे दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों में शुमार जल-पक्षी जापाटा रेल्स (रेलिडे या सायनोलिमनास केरवेराय) 40 साल के बाद नजर आया है। पक्षी-वैज्ञानिकों के एक शोध दल ने इस पक्षी को दक्षिण पश्चिम क्यूबा की जापाटा दलदल में देखा। इसी दलदल के नाम पर इस पक्षी का नाम भी रखा गया है। मोटे तौर पर यह अनुमान लगाया जाता है कि दुनिया भर में जापाटा रेल्स प्रजाति के 400 से भी कम पक्षी बचे हैं।
प्रायद्वीपीय पक्षी जापाटा रेल्स ज्यादा नहीं उड़ पाता है। यही वजह है कि इसका आसानी से शिकार संभव है और लोगों की बसावट से भी इसके अस्तित्व पर ख़तरा बढ़ा है। 17वीं शताब्दी के बाद अब तक इस पक्षी की 15 प्रजातियां लुप्त हो गई हैं।
20वीं सदी के बाद से एक ही घोंसला
वैज्ञानिकों के शोध दल ने इस दुर्लभ प्रजाति के पक्षी को नवंबर 2014 में देखा था, लेकिन इसे बर्डलाइफ़ इंटरनेशनल के ज़रिए अब सार्वजनिक किया गया है। पक्षी वैज्ञानिकों के दल में शामिल एंडी मिचेल ने कहा, "पहली झलक में पक्षी का सिर घास में छुपा हुआ था। लेकिन कुछ ही सेकेंड के बाद पक्षी पुरा दिखाई देने लगा फिर कुछ ही पलों में घास में गायब हो गया।"
हालांकि इस दुर्लभ पक्षी की कुछ तस्वीरें मौजूद हैं लेकिन इसके बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। पहली बार इस पक्षी का जिक्र 20वीं शताब्दी के शुरुआत में मिलता है। इसके बाद इस पक्षी का एक ही घोंसला अब तक मिला है। इस पक्षी के स्वभाव और इसके पारिस्थितिकीय प्रजनन जैसे पहलुओं के बारे में बेहद कम जानकारी है।
हालांकि चार दशक के बाद इस पक्षी की झलक से पक्षी वैज्ञानिकों को खासा उत्साहित किया है। बर्डलाइफ इंटरनेशनल की ओर से कहा गया है कि इस पक्षी के संरक्षण की दिशा में खासे प्रयास किए जा रहे हैं।