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COP28: भारत ने कहा- जलवायु कार्रवाई का आधार हो समानता और न्याय, विकसित देश करें मेजबानी
Sat, 09 Dec 2023 07:05 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 09 Dec 2023 07:05 PM IST
सार
COP28: विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन के एक उच्च स्तरीय सत्र को संबोधित करते हुए पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भारत के योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली ने 2005 और 2019 के बीच अपनी जीडीपी उत्सर्जन तीव्रता को 33 फीसदी तक कम कर दिया।
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पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव
- फोटो : एक्स/भूपेंद्र यादव
विस्तार
भारत का मजबूती से भरोसा है कि समानता और जलवायु न्याय जलवायु कार्रवाई का आधार होना चाहिए। यह तभी सुनिश्चित किया जा सकता है जब विकसित देश जलवायु परिवर्तन से निपटने में नेतृत्व करें। यह बात पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को कॉप-28 में कही।
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यादव ने वार्षिक जलवायु सम्मेलन के उच्च-स्तरीय सत्र में देश का राष्ट्रीय वक्तव्य देते हुए यादव ने भारत के योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली ने 2005 और 2019 के बीच अपनी जीडीपी उत्सर्जन तीव्रता को 33 फीसदी तक कम कर दिया और 11 साल पहले ही लक्ष्य को हासिल कर लिया।
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उन्होंने यह भी कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन से निपटने में सार्थक और प्रासंगिक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए ग्लोबल स्टॉक टेक (जीएसटी) के नतीजों को लेकर आशान्वित है। जीएसटी पेरिस समझौते के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सामूहिक वैश्विक प्रयासों की दो साल की समीक्षा है। इसमें खासतौर पर ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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