{"_id":"6558d1d44b81e8b8fd0f4cca","slug":"elon-musk-spacex-starship-explosion-in-space-heavy-booster-disintegration-2023-11-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"SpaceX Starship: विस्फोट से पहले अंतरिक्ष पहुंचा मस्क का निजी स्पेसक्राफ्ट, भारी बूस्टर भी बिखरने की खबरें","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
SpaceX Starship: विस्फोट से पहले अंतरिक्ष पहुंचा मस्क का निजी स्पेसक्राफ्ट, भारी बूस्टर भी बिखरने की खबरें
Sat, 18 Nov 2023 08:31 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sat, 18 Nov 2023 08:31 PM IST
सार
अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने शनिवार को अपना 'स्टारशिप' लॉन्च किया। हालांकि, मस्क की महत्वाकांक्षा को बड़ा झटका लगा जब यान अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद फट गया। उड़ान के लगभग 8 मिनट बाद विस्फोट हुआ और बूस्टर के बिखरने की खबरें भी सामने आईं।
विज्ञापन
स्पेसएक्स का स्टारशिप (फाइल)
- फोटो : SpaceX
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्पेसएक्स ने अपना अब तक का सबसे बड़ा रॉकेट स्टारशिप लॉन्च किया। हालांकि, मस्क की महत्वाकांक्षी परियोजना को उस समय तगड़ा झटका लगा जब लॉन्च के महज 8 मिनट के बाद यान में विस्फोट हो गया। अंतरिक्ष में प्रवेश के बाद फटे स्टारशिप का भारी बूस्टर भी बिखर गया। इस यान से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संभावित इसकी मदद से मंगल और चंद्रमा पर इंसानों के रहने की संभावना तलाशी जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले असफल प्रक्षेपण से सबक लेकर लॉन्च किया गया यान अंतरिक्ष में प्रवेश के महज 8 मिनट बाद ही फट पड़ा। इस यान को लेकर आई खबरों के मुताबिक स्टारशिप की पृथक्करण प्रक्रिया में संशोधन और विस्फोटों को रोकने के मकसद से कई सुधार किए गए थे। स्टारशिप रॉकेट के बारे में आई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लॉन्चिंग के बाद यान अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित किया जाता, इससे पहले कि उसे तेज झटका लगा। उड़ान के लगभग 8 मिनट बाद अंतरिक्ष यान को "तेजी से अनियोजित विघटन" का अनुभव हुआ। बूस्टर को मैक्सिको की खाड़ी में उतरना था, लेकिन अंतरिक्ष यान से अलग होने के कुछ सेकंड बाद ही इसमें विस्फोट हो गया।
लगभग 400 फीट ऊंचे (122 मीटर) अंतरिक्ष यान में दो तत्व शामिल हैं, दोनों को पूरी तरह से और तेजी से पुन: प्रयोज्य हों, इस तरह डिज़ाइन किए गए हैं। प्रथम चरण के बूस्टर को सुपर हेवी कहा जाता है। एक 165 फुट (50 मीटर) लंबा हिस्सा भी है, जिसे स्टारशिप के ऊपरी चरण के रूप में जाना जाता है।
विज्ञापन
शनिवार का प्रक्षेपण करीब सात महीने पहले अप्रैल में हुए हादसे के बाद किया गया। इस अंतरिक्ष यान को उड़ाने का पहला प्रयास मैक्सिको की खाड़ी के ऊपर ही हुआ था। पिछले प्रयास में भी विस्फोट हुआ था। अप्रैल में लॉन्च के दौरान दोनों घटक अलग होने में विफल रहे थे और स्टारशिप अंतरिक्ष की कक्षा में नहीं पहुंच सका था।
खबरों के मुताबिक स्टारशिप अब तक बनाया गया सबसे बड़ा रॉकेट है। कंपनी को उम्मीद है कि यह एक दिन मंगल और चंद्रमा के उपनिवेशीकरण (इंसानों के रहने की संभावना तलाशने और भावी कार्यक्रम बनाने) में मदद करेगा। सुपर हेवी बूस्टर 74.3 मेगान्यूटन का थ्रस्ट पैदा करता है, जो दुनिया के दूसरे सबसे शक्तिशाली रॉकेट, नासा के स्पेस लॉन्च सिस्टम से लगभग दोगुना है।
नासा ने अपने आर्टेमिस कार्यक्रम के लिए स्टारशिप को पहले चालक दल वाले चंद्र लैंडर के रूप में चुना है। यान के पास कई निजी चंद्रमा मिशन भी हैं।
अलग होने के बाद बूस्टर फटा, स्टारशिप से संपर्क टूटा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बूस्टर के स्टारशिप से अलग होने के कुछ सेकंड बाद, इसमें तेज और अनियोजित डिस्सेप्लर (rapid unplanned disassembly) का अनुभव हुआ। बूस्टर को मैक्सिको की खाड़ी में उतरना था, लेकिन स्पेसएक्स का संपर्क अंतरिक्ष यान के साथ टूट गया। हालांकि, स्पेसएक्स का दावा है कि डेटा लिंक खोने (संपर्क टूटने) से पहले स्टारशिप सफलतापूर्वक अंतरिक्ष की कक्षा में में प्रवेश कर गया था।
स्पेसएक्स के लाइवस्ट्रीम होस्ट जॉन इंस्प्रुकर ने कहा, "हमने दूसरे चरण का डेटा खो दिया है। हवाई के पास प्रशांत महासागर में गिरने से पहले, स्टारशिप को लगभग कक्षीय वेग प्राप्त कर, पृथ्वी के चारों ओर एक आंशिक यात्रा पूरी करनी थी। शनिवार का प्रक्षेपण मूल रूप से शुक्रवार (17 नवंबर) को होना था, लेकिन स्पेसएक्स ने सुपर हेवी के ग्रिड पंखों में से एक को बदलने के प्रयास में देरी की। लोहे के आकार की ये संरचनाएं लॉन्च के बाद बूस्टर को पृथ्वी पर वापस लाने में मदद करती हैं।
पहले लॉन्च से क्या सबक मिला?
बता दें कि स्पेसएक्स ने 20 अप्रैल को पहली बार स्टारशिप को लॉन्च किया था। प्रक्षेपण के केवल चार मिनट बाद धमाका हुआ, क्योंकि दोनों चरण अलग होने में विफल रहे। रॉकेट आग के गोले में तब्दील हो गया और मैक्सिको की खाड़ी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एलन मस्क की महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष परियोजनाओं को लेकर कंपनी का दावा है कि अपनी गलतियों से सीखते हुए SpaceX ने अपने डिज़ाइन में कई बदलाव किये। सबसे बड़ा परिवर्तन इस बात से संबंधित है कि अंतरिक्ष यान बूस्टर से कैसे अलग होता है। पहली लॉन्चिंग में स्टारबेस पर कंपनी के लॉन्चपैड को भी बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। इसे अब उच्च शक्ति वाले कंक्रीट और एक प्रणाली के साथ मजबूत किया गया है।
विज्ञापन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले असफल प्रक्षेपण से सबक लेकर लॉन्च किया गया यान अंतरिक्ष में प्रवेश के महज 8 मिनट बाद ही फट पड़ा। इस यान को लेकर आई खबरों के मुताबिक स्टारशिप की पृथक्करण प्रक्रिया में संशोधन और विस्फोटों को रोकने के मकसद से कई सुधार किए गए थे। स्टारशिप रॉकेट के बारे में आई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लॉन्चिंग के बाद यान अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित किया जाता, इससे पहले कि उसे तेज झटका लगा। उड़ान के लगभग 8 मिनट बाद अंतरिक्ष यान को "तेजी से अनियोजित विघटन" का अनुभव हुआ। बूस्टर को मैक्सिको की खाड़ी में उतरना था, लेकिन अंतरिक्ष यान से अलग होने के कुछ सेकंड बाद ही इसमें विस्फोट हो गया।
विज्ञापन
लगभग 400 फीट ऊंचे (122 मीटर) अंतरिक्ष यान में दो तत्व शामिल हैं, दोनों को पूरी तरह से और तेजी से पुन: प्रयोज्य हों, इस तरह डिज़ाइन किए गए हैं। प्रथम चरण के बूस्टर को सुपर हेवी कहा जाता है। एक 165 फुट (50 मीटर) लंबा हिस्सा भी है, जिसे स्टारशिप के ऊपरी चरण के रूप में जाना जाता है।
विज्ञापन
शनिवार का प्रक्षेपण करीब सात महीने पहले अप्रैल में हुए हादसे के बाद किया गया। इस अंतरिक्ष यान को उड़ाने का पहला प्रयास मैक्सिको की खाड़ी के ऊपर ही हुआ था। पिछले प्रयास में भी विस्फोट हुआ था। अप्रैल में लॉन्च के दौरान दोनों घटक अलग होने में विफल रहे थे और स्टारशिप अंतरिक्ष की कक्षा में नहीं पहुंच सका था।
खबरों के मुताबिक स्टारशिप अब तक बनाया गया सबसे बड़ा रॉकेट है। कंपनी को उम्मीद है कि यह एक दिन मंगल और चंद्रमा के उपनिवेशीकरण (इंसानों के रहने की संभावना तलाशने और भावी कार्यक्रम बनाने) में मदद करेगा। सुपर हेवी बूस्टर 74.3 मेगान्यूटन का थ्रस्ट पैदा करता है, जो दुनिया के दूसरे सबसे शक्तिशाली रॉकेट, नासा के स्पेस लॉन्च सिस्टम से लगभग दोगुना है।
नासा ने अपने आर्टेमिस कार्यक्रम के लिए स्टारशिप को पहले चालक दल वाले चंद्र लैंडर के रूप में चुना है। यान के पास कई निजी चंद्रमा मिशन भी हैं।
अलग होने के बाद बूस्टर फटा, स्टारशिप से संपर्क टूटा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बूस्टर के स्टारशिप से अलग होने के कुछ सेकंड बाद, इसमें तेज और अनियोजित डिस्सेप्लर (rapid unplanned disassembly) का अनुभव हुआ। बूस्टर को मैक्सिको की खाड़ी में उतरना था, लेकिन स्पेसएक्स का संपर्क अंतरिक्ष यान के साथ टूट गया। हालांकि, स्पेसएक्स का दावा है कि डेटा लिंक खोने (संपर्क टूटने) से पहले स्टारशिप सफलतापूर्वक अंतरिक्ष की कक्षा में में प्रवेश कर गया था।
स्पेसएक्स के लाइवस्ट्रीम होस्ट जॉन इंस्प्रुकर ने कहा, "हमने दूसरे चरण का डेटा खो दिया है। हवाई के पास प्रशांत महासागर में गिरने से पहले, स्टारशिप को लगभग कक्षीय वेग प्राप्त कर, पृथ्वी के चारों ओर एक आंशिक यात्रा पूरी करनी थी। शनिवार का प्रक्षेपण मूल रूप से शुक्रवार (17 नवंबर) को होना था, लेकिन स्पेसएक्स ने सुपर हेवी के ग्रिड पंखों में से एक को बदलने के प्रयास में देरी की। लोहे के आकार की ये संरचनाएं लॉन्च के बाद बूस्टर को पृथ्वी पर वापस लाने में मदद करती हैं।
पहले लॉन्च से क्या सबक मिला?
बता दें कि स्पेसएक्स ने 20 अप्रैल को पहली बार स्टारशिप को लॉन्च किया था। प्रक्षेपण के केवल चार मिनट बाद धमाका हुआ, क्योंकि दोनों चरण अलग होने में विफल रहे। रॉकेट आग के गोले में तब्दील हो गया और मैक्सिको की खाड़ी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एलन मस्क की महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष परियोजनाओं को लेकर कंपनी का दावा है कि अपनी गलतियों से सीखते हुए SpaceX ने अपने डिज़ाइन में कई बदलाव किये। सबसे बड़ा परिवर्तन इस बात से संबंधित है कि अंतरिक्ष यान बूस्टर से कैसे अलग होता है। पहली लॉन्चिंग में स्टारबेस पर कंपनी के लॉन्चपैड को भी बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। इसे अब उच्च शक्ति वाले कंक्रीट और एक प्रणाली के साथ मजबूत किया गया है।