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चीन में बिजली संकट: विश्व सप्लाई चेन बाधित होने का अंदेशा, कारखानों पर पड़ा खराब असर, गिर सकती है जीडीपी वृद्धि दर

Wed, 29 Sep 2021 07:53 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांग कांग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांग कांग Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 29 Sep 2021 07:53 PM IST
सार

हांगकांग स्थित रिसर्च संस्था काउंटरप्वाइंट रिसर्च के निदेशक डेल गई के मुताबिक चीन में बिजली की कटौती से टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन के लिए बड़ा सिरदर्द पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि इससे उतनी बड़ी समस्या पैदा नहीं होगी, जितनी कंप्यूटर चिप की कमी के कारण देखने को मिली है...

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Electricity crisis in China: World supply chain is expected to be disrupted, expected GDP growth rate may fall
power grid - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

चीन में जारी बिजली संकट से अब विश्व सप्लाई चेन में नई रुकावटें पैदा होने का अंदेशा पैदा हो गया है। चीन में पूरी बिजली ना मिल पाने के कारण अलग-अलग इलाकों में कारखानों के कामकाज पर बहुत खराब असर पड़ा है। खबरों के मुताबिक उन कंपनियों को भी बिजली की कमखर्ची करने को कहा गया है, जिनका संबंध विश्व सप्लाई चेन से है।

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चीनी मीडिया ने अभी हो रही बिजली की कटौती को ‘अनपेक्षित और अभूतपूर्व’ बताया है। सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक मंगलवार को हीलोंगजियांग, जिलिन और लियाओनिंग प्रांतों में बिजली की सप्लाई में रुकावट के कारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और कारोबारी गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं। अखबार ने बताया कि इन प्रांतों में बिजली संकट ने सोमवार से ही गंभीर रूप ले रखा है। बिजली की कमी का असर दक्षिणी प्रांत गुआंगडोंग पर भी पड़ा है। गुआंगडोंग निर्यात का एक बड़ा केंद्र है। वहां कई कंपनियों में बिजली बचाने के लिए फिलहाल सप्ताह में सिर्फ दो या तीन दिन ही काम हो रहा है।
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चीन के सरकारी पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ने कहा है कि वह बिजली सप्लाई बहाल करने के लिए पूरी जद्दोजहद कर रहा है। कॉरपोरेशन ने कहा कि उसकी प्राथमिकता पहले आवासीय उपभोग को सामान्य करना है। इस संकट की खबरों ने अमेरिका से लेकर यूरोप तक में चिंता पैदा की है। वहां के कई कारोबार और बाजार चीनी उत्पादों पर निर्भर हैं।
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ताइवान की कंपनी पेगाट्रोन ने मंगलवार को आरोप लगाया कि ये संकट चीन सरकार की ऊर्जा बचाने की सख्त नीति के कारण पैदा हुआ है। ये कंपनी एपल के आईफोन के पुर्जे बनाती और उनकी असेंबलिंग करती है। इस कंपनी का एक बड़ा कारखाना चीन के कुनशान शहर में है। उसके प्रवक्ता ने अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन से कहा कि चीनी अधिकारियों ने अपनी सोची-समझी नीति के तहत बिजली की सप्लाई में कटौती कर दी है।

हांगकांग स्थित रिसर्च संस्था काउंटरप्वाइंट रिसर्च के निदेशक डेल गई के मुताबिक चीन में बिजली की कटौती से टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन के लिए बड़ा सिरदर्द पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि इससे उतनी बड़ी समस्या पैदा नहीं होगी, जितनी कंप्यूटर चिप की कमी के कारण देखने को मिली है। मगर स्मार्टफोन की वैश्विक सप्लाई में जरूर बड़ी रुकावट आ सकती है। निर्माता कंपनियों को उसके पुर्जों के लिए कई हफ्तों तक इंतजार करना पड़ सकता है।

इस बीच बिजली संकट के कारण अब अर्थशास्त्रियों ने चीन की जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान में कटौती शुरू कर दी है। जापानी एजेंसी नोमुरा ने अपनी ताजा भविष्यवाणी में कहा है कि 2021 में अब चीन की वृद्धि दर 7.7 फीसदी ही रहेगी। पहले नोमुरा ने ये वृद्धि दर 8.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था। गोल्डमैन सैक्श ने मंगलवार को अपना नया अनुमान जारी किया। उसके मुताबिक इस साल चीन की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 फीसदी रहेगी। इस एजेंसी ने भी ये दर 8.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था।

दोनों एजेंसियों ने कहा है कि बिजली संकट के कारण इस साल की अंतिम तिमाही को लेकर भारी अनिश्चय पैदा हो गया है। एक तरफ चीन रिएल एस्टेट फर्म एवरग्रैंड के संभावित डिफॉल्ट संकट से जूझ रहा था, ऊपर से बिजली संकट आ गया। इसका मारक असर होगा।
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