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यूरोपीय यूनियन के 28 सदस्य देशों में मई में होगा चुनाव, भारत पर पड़ सकता है असर

Fri, 12 Apr 2019 01:58 PM IST
Priyesh Mishra वर्ल्ड डेस्क, ब्रसेल्स
वर्ल्ड डेस्क, ब्रसेल्स Published by: Priyesh Mishra Updated Fri, 12 Apr 2019 01:58 PM IST
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Election in European Union member Countries in May, India EU relationship will be affacted
भारत-ईयू संबंध - फोटो : PTI
भारत में लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण का मतदान संपन्न हो चुका है। चुनाव के नतीजे 23 मई को सामने आएगें। मई में ही भारत के सबसे बड़े व्यापार सहयोगियों में से एक यूरोपीय यूनियन के 28 सदस्य देशों में भी चुनाव होने हैं। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि चुनाव के नतीजों का असर भारत और ईयू के संबंधों पर पड़ सकता है।
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जनसंख्या में भारत का आधा और क्षेत्रफल में थोड़ा बड़ा यूरोप के अधिकांश देश चुनावी सरगर्मी को झेलेंगे। कई देशों में सत्ता परिवर्तन का आसार दिखाई दे रहा है वहीं कई देश ऐसे भी हैं जहां सत्तारूढ़ पार्टी को ही जीत मिल सकती है।
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क्या है यूरोपीय यूनियन 

यूरोपीय यूनियन 28 यूरोपीय देशों का संगठन है। साल 1957 में 6 देशों बेल्जियम, फ्रांस, इटली, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड्स ने इसको स्थापित किया था। साल 2015 तक के आंकड़ों के मुताबिक यूरोपियन यूनियन की आबादी 50 करोड़ से ज्यादा है। यूरोपीय यूनियन को साल 2012 में यूरोप में शांति और सुलह, लोकतंत्र और मानव अधिकारों की उन्नति में अपने योगदान के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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क्या है नाटो

यूरोपीय यूनियन के 21 देश नाटो के भी सदस्य हैं। यह अमेरिका के नेतृत्व में बनाया गया एक सुरक्षाबलों का वैश्विक संगठन है। उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन एक सैन्य गठबंधन है, जिसकी स्थापना 4 अप्रैल 1949 को हुई थी। इसका मुख्यालय बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में है। इसमें सामूहिक सुरक्षा की व्यवस्था है जिसके तहत सदस्य किसी भी सदस्य देश के उपर हमले को सभी देशों के उपर हमला माना जाएगा। बाहरी हमले की स्थिति में सभी सदस्य देश एक दूसरे का सहयोग करेंगे। 

ये हैं सदस्य देश

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भारत-ईयू संबंध - फोटो : Social Media
यूरोपीय यूनियन में यूरोप के सभी देश शामिल नहीं हैं। इसके सदस्य देशों की संख्या 28 है। जिसमें ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, साइप्रस, चेक गणराज्य, डेनमार्क, एस्तोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आयरलैंड, इटली, लाटविया, लिथुएनिया, लक्जमबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमेनिया, स्लोवाकिया, स्लोवानिया, स्पेन, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं।

19 सदस्य देशों की मुद्रा है यूरो

साल 1999 में यूरोपीय यूनियन ने सदस्य देशों के लिए सार्वभौमिक मुद्रा 'यूरो' की शुरुआत की। जिसे प्रारंभ में पंद्रह सदस्य देशों ने अपनाया। वर्तमान में 19 सदस्य देशों की मुद्रा यूरो है। यूनियन ने अपने सदस्य देशों के लिए विदेश, सुरक्षा, न्याय नीति की भी घोषणा की जो सभी देशों पर लागू होती है। सदस्य राष्ट्रों के बीच श्लेगन संधि के तहत पासपोर्ट नियंत्रण भी समाप्त कर दिया गया। इसके सदस्य देशों की संख्या 26 है।

जनसंख्या

यूरोपीय यूनियन के सभी सदस्य देशों की जनसंख्या उत्तर प्रदेश की कुल जनसंख्या के आधे के बराबर हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश की कुल जनसंख्या लगभग 20 करोड़ है।

भारत का ईयू से संबंध

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भारत-ईयू संबंध - फोटो : Social Media
भारत का यूरोपीय यूनियन के कई देशों के साथ करीबी व्यापारिक संबंध हैं। भारत और ईयू रक्षा, तकनीकी, ऑटोमोबाइल और अंतरिक्ष के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। भारत और यूरोप के बीच कई मुद्दों पर सहमति न बन पाने के कारण अभी तक मुक्त व्यापार संधि नहीं हो पाई है। इससे भारत और ईयू के बीच व्यापार प्रभावित हो रहा है। यूरोप के कई देशों में होने वाले चुनाव का असर भारत के यूरोपीय यूनियन के साथ संबंधों पर भी पड़ने की आशंका है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत और ईयू के बीच संबंधो की शुरूआत 1960 के दशक से ही हो गई थी। भारत पहला ऐसा देश था जो उस समय की यूरोपीय आर्थिक समुदाय के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित किया। साल 1994 में भारत और ईयू के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को लेकर एक एग्रीमेंट भी हुआ। लिस्बन में 28 जून 2000 को पहला भारत-ईयू समिट का आयोजन किया गया। अब तक 13 समिट का आयोजन विभिन्न स्थानों पर किया जा चुका है। 

हेग में 2004 में हुई भारत-ईयू समिट में पहली बार रक्षा सहयोग को लेकर सहमति बनी थी। ब्रसेल्स में आयोजित 13वें समिट में दोनों के बीच इंडिया-ईयू एजेंडा 2020 को अपनाया गया। जिसमें परमाणु सहयोग, पूंजी निवेश, इंटरनेट गवर्नेंस, जलवायु परिवर्तन और 5जी कम्यूनिकेशन पर सहयोग बढ़ाने की बात कही गई थी।

भारत-ईयू व्यापार

यूरोपीय यूनियन भारत का सबसे बड़ा क्षेत्रीय व्यापारिक सहयोगी है। जबकि 2015 में भारत, ईयू का नौवें नंबर का व्यापारिक सहयोगी था। भारत का ईयू के साथ साल 2015 के जनवरी से दिसंबर तक कुल 105.2 बिलियन यूरो का व्यापार था। इसमें सामान और सेवाएं दोनों शामिल थे। 2016-17 के दौरान यूरोपीय देशों के साथ भारत का व्यापार 115 यूरो का हुआ था।

आपके लिए क्यों जरूरी है जानना

भारत का सबसे बड़े क्षेत्रीय आर्थिक सहयोगी यूरोपीय यूनियन से देश के संबंध हर मायने में अच्छे होना जरुरी है। इस समय भारत और ईयू रक्षा, परमाणु सहयोग, ऑटोमोबाइल, अंतरिक्ष के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। आर्थिक और सैन्य रूप से समृद्ध ईयू का समर्थन भारत के लिए जरुरी है। ईयू के सदस्य देशों में भारतीय लोग बड़ी संख्या में रोजगार कर रहे हैं जबकि इन देशों ने भारत में आर्थिक निवेश भी बड़े पैमाने पर किया है। अगर आप इस न्यूज से संबंधित कुछ और जानना चाहते हैं तो हमको बताएं, हम वो खबरें भी आपके सामने रखेंगे। 

कृपया हमारी खबरों पर अपना फीडबैक नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर दें और बताएं कि अर्थ जगत से जुड़ी कौन सी खबर आप पढ़ना चाहते हैं। हम आपके फीडबैक के अनुसार खबरों को प्रस्तुत करेंगे।

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