यूरोपीय यूनियन के 28 सदस्य देशों में मई में होगा चुनाव, भारत पर पड़ सकता है असर
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जनसंख्या में भारत का आधा और क्षेत्रफल में थोड़ा बड़ा यूरोप के अधिकांश देश चुनावी सरगर्मी को झेलेंगे। कई देशों में सत्ता परिवर्तन का आसार दिखाई दे रहा है वहीं कई देश ऐसे भी हैं जहां सत्तारूढ़ पार्टी को ही जीत मिल सकती है।
क्या है यूरोपीय यूनियन
यूरोपीय यूनियन 28 यूरोपीय देशों का संगठन है। साल 1957 में 6 देशों बेल्जियम, फ्रांस, इटली, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड्स ने इसको स्थापित किया था। साल 2015 तक के आंकड़ों के मुताबिक यूरोपियन यूनियन की आबादी 50 करोड़ से ज्यादा है। यूरोपीय यूनियन को साल 2012 में यूरोप में शांति और सुलह, लोकतंत्र और मानव अधिकारों की उन्नति में अपने योगदान के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।क्या है नाटो
यूरोपीय यूनियन के 21 देश नाटो के भी सदस्य हैं। यह अमेरिका के नेतृत्व में बनाया गया एक सुरक्षाबलों का वैश्विक संगठन है। उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन एक सैन्य गठबंधन है, जिसकी स्थापना 4 अप्रैल 1949 को हुई थी। इसका मुख्यालय बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में है। इसमें सामूहिक सुरक्षा की व्यवस्था है जिसके तहत सदस्य किसी भी सदस्य देश के उपर हमले को सभी देशों के उपर हमला माना जाएगा। बाहरी हमले की स्थिति में सभी सदस्य देश एक दूसरे का सहयोग करेंगे।ये हैं सदस्य देश
19 सदस्य देशों की मुद्रा है यूरो
साल 1999 में यूरोपीय यूनियन ने सदस्य देशों के लिए सार्वभौमिक मुद्रा 'यूरो' की शुरुआत की। जिसे प्रारंभ में पंद्रह सदस्य देशों ने अपनाया। वर्तमान में 19 सदस्य देशों की मुद्रा यूरो है। यूनियन ने अपने सदस्य देशों के लिए विदेश, सुरक्षा, न्याय नीति की भी घोषणा की जो सभी देशों पर लागू होती है। सदस्य राष्ट्रों के बीच श्लेगन संधि के तहत पासपोर्ट नियंत्रण भी समाप्त कर दिया गया। इसके सदस्य देशों की संख्या 26 है।जनसंख्या
यूरोपीय यूनियन के सभी सदस्य देशों की जनसंख्या उत्तर प्रदेश की कुल जनसंख्या के आधे के बराबर हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश की कुल जनसंख्या लगभग 20 करोड़ है।भारत का ईयू से संबंध
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत और ईयू के बीच संबंधो की शुरूआत 1960 के दशक से ही हो गई थी। भारत पहला ऐसा देश था जो उस समय की यूरोपीय आर्थिक समुदाय के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित किया। साल 1994 में भारत और ईयू के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को लेकर एक एग्रीमेंट भी हुआ। लिस्बन में 28 जून 2000 को पहला भारत-ईयू समिट का आयोजन किया गया। अब तक 13 समिट का आयोजन विभिन्न स्थानों पर किया जा चुका है।
हेग में 2004 में हुई भारत-ईयू समिट में पहली बार रक्षा सहयोग को लेकर सहमति बनी थी। ब्रसेल्स में आयोजित 13वें समिट में दोनों के बीच इंडिया-ईयू एजेंडा 2020 को अपनाया गया। जिसमें परमाणु सहयोग, पूंजी निवेश, इंटरनेट गवर्नेंस, जलवायु परिवर्तन और 5जी कम्यूनिकेशन पर सहयोग बढ़ाने की बात कही गई थी।
भारत-ईयू व्यापार
यूरोपीय यूनियन भारत का सबसे बड़ा क्षेत्रीय व्यापारिक सहयोगी है। जबकि 2015 में भारत, ईयू का नौवें नंबर का व्यापारिक सहयोगी था। भारत का ईयू के साथ साल 2015 के जनवरी से दिसंबर तक कुल 105.2 बिलियन यूरो का व्यापार था। इसमें सामान और सेवाएं दोनों शामिल थे। 2016-17 के दौरान यूरोपीय देशों के साथ भारत का व्यापार 115 यूरो का हुआ था।आपके लिए क्यों जरूरी है जानना
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