फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   El Nino wreaks havoc, severe heat alert, WMO warning, there will be outcry all over the world

El Nino: 'अल नीनो' ढाएगा कहर, प्रचंड गर्मी का अलर्ट, WMO की चेतावनी, पूरी दुनिया में मचेगा हाहाकार

Sat, 04 Mar 2023 06:26 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, लंदन।
एजेंसी, लंदन। Published by: देव कश्यप Updated Sat, 04 Mar 2023 06:26 AM IST
सार

डब्ल्यूएमओ के महासचिव पेटेरी तालस ने बताया कि  बीते आठ वर्ष से जारी ट्रिपल डिप ला नीना अब खत्म होने वाला है, जिसकी वजह से बढ़ते वैश्विक तापमान पर एक अस्थायी ब्रेक लगा हुआ था। मौजूदा ला-नीना सितंबर 2020 से बना हुआ है।

विज्ञापन
El Nino wreaks havoc, severe heat alert, WMO warning, there will be outcry all over the world
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने चेतावनी दी है कि एक-दो माह में अल-नीनो के सक्रिय होने के साथ ही पूरी दुनिया में गर्मी बढ़ जाएगी। खासतौर पर भारत जैसे देशों में गर्मी प्रचंड रूप धारण कर लेगी। डब्ल्यूएमओ के महासचिव पेटेरी तालस ने बताया कि दुनिया जल्द ही अल नीनो की स्थिति में जाने वाली है, इससे वैश्विक तापमान में तीव्र वृद्धि होगी।

विज्ञापन


तालस ने बताया कि बीते आठ वर्ष से जारी ट्रिपल डिप ला नीना अब खत्म होने वाला है, जिसकी वजह से बढ़ते वैश्विक तापमान पर एक अस्थायी ब्रेक लगा हुआ था। मौजूदा ला-नीना सितंबर 2020 से बना हुआ है।
विज्ञापन


2016 सबसे गर्म साल रहा
डब्ल्यूएमओ ने बताया कि इस साल मार्च से मई के दौरान अल-नीनो साउदर्न ऑस्किलशन (ईएनएसओ) की स्थिति बनेगी। इससे पहले 2016 में अल-नीनो की स्थिति बनी थी और यही अबतक का सबसे गर्म साल बना हुआ है। लेकिन, अब 2016 का रिकॉर्ड टूट सकता है। खासतौर पर जलवायु परिवर्तन की वजह से पहले ही वैश्विक तापमान में वृद्धि हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है अल-नीनो और ला-नीना
अल-नीनो और ला-नीना प्राकृतिक परिघटनाएं हैं, जो कि वैश्विक जलवायु प्रणाली का एक स्वाभाविक हिस्सा हैं। प्रशांत महासागर और उसके ऊपर के वातावरण की सामान्य स्थिति में बदलाव आने पर यह परिघटनाएं घटित होती हैं। उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में मध्य व पूर्वी प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक होने पर अल नीनो की स्थिति बनती है। जबकि, ला-निना में तेज व्यापारिक पवनें अमेरिका के पश्चिमी तट से गर्म पानी एशिया की तरफ धकेलती हैं, जिससे समुद्र के नीचे का ठंडा पानी सतह पर आने लगता है। इससे वैश्विक तापमान में कमी आती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed