फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Daniel Noboa Re-elected as Ecuador’s President, Tough Stance on Crime Proves Decisive

Daniel Noboa: इक्वाडोर ने डेनियल नोबोआ को दोबारा राष्ट्रपति चुना, अपराध के खिलाफ उनकी बेबाक लड़ाई बनी निर्णायक

Mon, 14 Apr 2025 07:27 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 14 Apr 2025 07:27 AM IST
सार

अपराध से थक चुके इक्वाडोर के मतदाताओं ने रविवार को राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ को फिर से विजयी बना दिया है। उनके प्रतिद्वंद्वियों ने इसे चुनावी धोखाधड़ी बताते हुए पुनर्मतगणना की मांग की है। राष्ट्रीय चुनाव परिषद के आंकड़ों के मुताबिक, 90 फीसदी से अधिक मतों की गिनती के बाद नोबोआ को 55.8% मत मिले, जबकि लुइसा गोंजालेज को 44% मत मिले हैं।

विज्ञापन
Daniel Noboa Re-elected as Ecuador’s President, Tough Stance on Crime Proves Decisive
इक्वाडोर राष्ट्रपति चुनाव - फोटो : PTI

विस्तार

इक्वाडोर ने डेनियल नोबोआ को दोबारा राष्ट्रपति चुन लिया है। रूढ़िवादी करोड़पति का अपराध के खिलाफ जंग छेड़ने का रिकॉर्ड बेमिसाल रहा है। कानून व्यवस्था को लेकर उनके बेबाक फैसले की वजह से इक्वाडोर ने उन्हें सर्वोच्च पद  के लिए एक बार फिर से चुना है। कट्टर दक्षिणपंथी राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ को करीब 15 उम्मीदवार टक्कर दे रहे थे। 37 साल के अरबपति नोबोआ केले के व्यापारी के हैं। वह करीब 15 महीने पहले ही सत्ता में आए थे। उनका सबसे करीबी मुकाबला वामपंथी सांसद लुइसा गोंजालेज से था। वह पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोरेया की 47 वर्षीय शागिर्द हैं।

विज्ञापन


यह भी पढ़ें- Mehul Choksi Arrested: भगोड़ा मेहुल चोकसी बेल्जियम में गिरफ्तार, भारत की प्रत्यर्पण की अपील के बाद कार्रवाई
विज्ञापन


पहले चरण का मतदान 9 फरवरी को कराया गया था। इस दौरान किसी भी उम्मीदार को 50 फीसदी वोट नहीं मिले थे। वहां के कानून के मुताबिक, अगर किसी भी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत वोट न मिलें हैं या उसे निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर 10 अंकों की बढ़त के साथ 40 प्रतिशत वोट न मिल सकें तो दूसरे दौर का मतदान कराना अनिवार्य होता है। इसी वजह से यहां 13 अप्रैल को फिर से मतदान कराया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


दक्षिण अमेरिकी देश में दो साल से भी कम समय में यह दूसरा राष्ट्रपति चुनाव था। नोबोआ ने मतदाताओं से जबरन वसूली, हत्या, अपहरण और अन्य अपराधों को जड़ से खत्म करने का वादा किया था। अपराध देश के महामारी से उभरने के बाद आम हो गए हैं। यहां के लोग 2021 में हुई हिंसा के बाद से चिंतित हैं। उस हिंसा ने देश को बदलकर रख दिया था और पड़ोसी कोलंबिया और पेरू में बन रही कोकीन की तस्करी से जुड़े अपराध में बढ़ोतरी देखी जाने लगी थी।  इक्वाडोरवासियों ने वामपंथी वकील लुइसा गोंजालेज के मुकाबले एक बार फिर नोबोआ पर भरोसा जताया।

 
यह भी पढ़ें- आईसीजी और एटीएस को देखते ही समुद्र में 300 KG मादक पदार्थ फेंक भागे तस्कर, कीमत 1800 करोड़ आंकी गई

2023 में अचानक कराने पड़े थे चुनाव 
इससे पहले अक्तूबर 2023 में हुए अचानक चुनाव के दूसरे चरण में मतदाताओं ने भी गोंजालेज के मुकाबले नोबोआ को चुना था। पहले दौर के चुनाव में सबसे अधिक वोट पाने के बाद अक्तूबर में नोबोआ को 44.17% वोट मिले, जबकि गोंजालेज को 44% वोट मिले थे। 2023 में नोबोआ और गोंजालेज अपनी-अपनी सियासी पारी शुरू कर रहे थे। वे पहली बार राष्ट्रपति पद की दौड़ में थे। मई 2023 में वे पहली बार तब सांसद बने थे, जब तत्कालीन राष्ट्रपति गिलर्मो लास्सो ने नेशनल असेंबली को भंग कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने अपना जनादेश खो दिया और देश में अचानक चुनाव कराने पड़े।

मतदान न करने पर 46 डॉलर का जुर्माना
इक्वाडोर में 1.3 करोड़ से अधिक लोग मतदान के पात्र हैं। मतदान 65 वर्ष की आयु तक के वयस्कों के लिए अनिवार्य है। इसके इतर मतदान 16-17 वर्ष की आयु और 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए वैकल्पिक है। मतदान न करने पर 46 डॉलर का जुर्माना लगाया जाता है।

संबंधित वीडियो

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed