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पुलवामा हमले के बाद भारत के छोटे से एक्शन से पाकिस्तान में मच गया हाहाकार

Thu, 21 Feb 2019 03:48 PM IST
Shilpa Thakur वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Thu, 21 Feb 2019 03:48 PM IST
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सार
  • पाकिस्तान के लोगों के लिए टमाटर खरीदना तक मुश्किल हो गया है।
  • सरकार ने पाकिस्तान निर्यात होने वाले सामान पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 200 फीसदी तक बढ़ा दिया है। 
  • किसानों का कहना है कि भले ही उनके टमाटर सड़ जाएं लेकिन वह पाकिस्तान को टमाटर नहीं देंगे।
  • ट्रेडर्स और किसानों ने पाकिस्तान में माल भेजना बंद कर दिया है।
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Economic attack of India in Pakistan, price of tomato is 180 rupees per KG
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान

विस्तार

पुलवामा हमले के बाद भारत की नाराजगी का असर अब पाकिस्तान में दिखने लगा है। सरकार की आर्थिक कार्यवाई के बाद अब पाकिस्तान के लोगों के लिए टमाटर खरीदना तक मुश्किल हो गया है। देशभर में इस हमले से इतना रोष है कि ट्रेडर्स और किसानों ने पाकिस्तान में माल भेजना बंद कर दिया है। इसके साथ ही भारत सरकार ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा भी छीन लिया है। जिससे उसकी हालत और भी खराब हो गई है।



सरकार ने पाकिस्तान निर्यात होने वाले सामान पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 200 फीसदी तक बढ़ा दिया है। किसानों के पाकिस्तान में उत्पाद भेजने से इनकार के कारण सड़क से सप्लाई होने वाले सामान में कमी देखी गई है। हालात ये हैं कि पाकिस्तान में टमाटर के दाम काफी बढ़ गए हैं। लाहौर में टमाटर 180 रुपये प्रति किलो बिक रहा है जबकि भारत में महज 10 रुपये प्रति किलो में टमाटर बिक रहा है। ये जानकारी साउथ एशिया की एक पत्रकार ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर दी है।

 

बता दें जम्मू कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था। जिसमें 40 जवान शहीद हो गए। 14 फरवरी को हुए इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। 

क्या कह रहे किसान?

पुलवामा हमले के प्रति विरोध जताते किसानों का कहना है कि भले ही उनके टमाटर सड़ जाएं लेकिन वह पाकिस्तान को टमाटर नहीं देंगे। मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में करीब 5 हजार किसान टमाटर की खेती करते हैं। 


रविंद्र पाटीदार नामक किसान का कहना है, "हम किसान हैं और टमाटर उगाते हैं। हम पाकिस्तान को भी टमाटर का निर्यात करते हैं। और हमारा खाना खाकर, वो हमारे सैनिकों को मार रहे हैं। अब हम चाहते हैं कि पाकिस्तान तबाह हो जाए। हम किसी अन्य देश को भी पाकिस्तान में टमाटर नहीं भेजने देंगे।"

एक अन्य किसान ने कहा, "हम निर्यात होने वाले टमाटरों की कीमत को लेकर चिंतित नहीं हैं। अगर कोई सैनिक नहीं होगा तो हम कैसे बचेंगे। निर्यात से आने वाला सारा पैसा व्यर्थ हो जाएगा।" विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान में और भी कई वस्तुएं महंगी हो जाएंगी।

कई सब्जियां हुईं महंगी

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

आजादपुर मंडी से नहीं जा रहा टमाटर?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आजादपुर मंडी से अटारी-वाघा मार्ग से रोजाना 75 से 100 ट्रक टमाटर पाकिस्तान जाता था। लेकिन अब व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने माल नहीं भेजने का फैसला लिया है। बता दें पाकिस्तान को इसी मंडी से सबसे ज्यादा फल-सब्जियां सप्लाई की जाती हैं। व्यापारियों के फैसले के बाद ट्रकों को पाकिस्तान जाने से रोक दिया गया है।

बाकी सब्जियों के दाम भी बढ़े

केवल टमाटर ही नहीं बल्कि आलू समेत कई सब्जियों के दाम भी पाकिस्तान में काफी बढ़ गए हैं। यहां आलू के दाम पहले 10-12 रुपये प्रति किलो थे, लेकिन अब 30-35 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। इसके अलावा खीरे और तोरी 80 रुपये प्रति किलो में बिक रहे हैं।

एमएनएफ का दर्जा छिनने से क्या नुकसान?

विश्व व्यापार संगठन और अतंरराष्ट्रीय व्यापार नियम के आधार पर व्यापार में किसी देश को मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएनएफ) सर्वाधिक तरजीह वाले देश का दर्जा दिया जाता है। एमएफएन का दर्जा मिल जाने पर दर्जाप्राप्त देश को इस बात का आश्वासन रहता है कि उसे कारोबार में नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। उसके सामान पर अतिरिक्त कर नहीं लगाया जाएगा। आयात और निर्यात वाली वस्तुओं का ध्यान रखा जाएगा। 

लेकिन अब भारत ने पाकिस्तान से ये दर्जा छीन लिया है। 1996 में खुद को एमएफएन दर्जा मिलने के बावजूद पाकिस्तान ने कभी भारत को यह दर्जा नहीं दिया। उसकी तरफ से महज ऐसा किए जाने की बात कही गई।

घाटे में रहेगा पाकिस्तान

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

कितने का होता है व्यापार?

भारत का पाकिस्तान के साथ आयात कम है और निर्यात अधिक है। इसका मतलब ये कि भारत सरप्लस में है। भारत और पाकिस्तान के बीच वित्त वर्ष 2017-18 में कुल व्यापार 2.4 अरब डॉलर का था, जो भारत के कुल व्यापार के 0.5 फीसदी से भी कम है। वहीं भारत ने पाकिस्तान को 1.9 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया, जो इसके कुल निर्यात के एक फीसदी से भी कम है। भारत से बड़ी मात्रा में पाकिस्तान को टमाटर का भी निर्यात किया जाता है।

कितने सामान का होता है आयात?

पाकिस्तान अटारी-वाघा सीमा पर भारत से केवल 138 वस्तुओं को आयात करने की अनुमति देता है। पाकिस्तान ने एक नकारात्मक सूची बनाई हुई है, जिसमें भारत के वो 1,209 आइटम शामिल हैं जिनका आयात नहीं किया जा सकता है।

पाकिस्तान से आने वाले मुख्य उत्पाद

ताजे फल, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद, थोक खनिज व अयस्क, तैयार चमड़ा, संसाधित खनिज, ड्राई फ्रूट्स, इनऑर्गेनिक कैमिकल, कच्ची कपास, मसाले, ऊन, रबर उत्पाद, एल्कोहल पेय, मेडिकल उपकरण, समुद्री उत्पाद, प्लास्टिक, रंगाई की डाई और खेल उत्पाद आदि।

भारत से जाने वाले मुख्य उत्पाद

चीनी, कच्चा कपास, टमाटर, सूती धागा, कैमिकल, प्लास्टिक, हस्तनिर्मित धागा और रंगाई की गई डाई आदि।

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