Afghanistan Earthquake: भूकंप के झटकों से फिर दहला अफगानिस्तान; रिक्टर स्केल पर दर्ज की गई 5.3 तीव्रता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आज आए भूकंप के कारण किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना अब तक नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप का केंद्र अधिक गहराई में होने के कारण झटके अपेक्षाकृत कम प्रभावी रहे।
EQ of M: 5.3, On: 02/09/2025 17:59:43 IST, Lat: 34.55 N, Long: 70.68 E, Depth: 130 Km, Location: Afghanistan.
For more information Download the BhooKamp App https://t.co/5gCOtjdtw0 @DrJitendraSingh @OfficeOfDrJS @Ravi_MoES @Dr_Mishra1966 @ndmaindia pic.twitter.com/vyeZolEPEUविज्ञापन विज्ञापन— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) September 2, 2025
दो दिन पहले आए भूकंप में अब तक 1400 लोगों की मौत
इससे पहले रविवार रात आए 6.0 तीव्रता के भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा 1400 के पार पहुंच गया है और करीब 3,000 लोग घायल हुए हैं। अभी भी राहत टीमें मलबे के नीचे फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं। यह भूकंप एक पहाड़ी क्षेत्र में आया था, जिससे कई गांवों में घर पूरी तरह ढह गए और लोग घंटों तक मलबे के नीचे दबे रहे।
अफगानिस्तान में क्यों लगातार भूकंप आते हैं?
अफगानिस्तान में लगातार भूकंपों के लिए इसकी भौगोलिक स्थिति सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। दरअसल, अफगानिस्तान ठीक उस जगह पर स्थित हैं, जहां दो सक्रिय प्लेट्स- इंडियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट मिलती हैं। यह दोनों प्लेट्स आपस में काफी टकराती हैं, जिससे क्षेत्र में भूकंप की स्थिति बनी रहती है।
नेपाल में 2 बार आया 4 तीव्रता वाला भूकंप
वहीं, नेपाल में मंगलवार को कम तीव्रता के भूकंप दो बार आए। इससे संबंधित इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात है कि इन झटकों से किसी नुकसान की सूचना नहीं है। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार सुबह 6.15 बजे गोरखा जिले में भूकंप की तीव्रता 4 रही। भूकंप का केंद्र काठमांडो से 150 किलोमीटर पश्चिम में गोरखा के हंसपुर में था। दोपहर 3.15 बजे 4.1 तीव्रता का एक और भूकंप आया। इसका केंद्र दोलखा जिले के लापिलांग में था। दोलखा काठमांडो से 180 किलोमीटर पूर्व में स्थित है।