फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Earthquake of magnitude 5.4 hits Afghanistan's Hindu Kush region

Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में आया  5.4 तीव्रता का भूकंप, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग

Wed, 27 Aug 2025 07:33 PM IST
राहुल कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल Published by: राहुल कुमार Updated Wed, 27 Aug 2025 07:33 PM IST
सार

अफगानिस्तान में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि बुधवार को अफगानिस्तान के हिंदुकुश क्षेत्र में 5.6 तीव्रता का भूकंप आया है।
 

विज्ञापन
Earthquake of magnitude 5.4 hits Afghanistan's Hindu Kush region
earthquake भूकंप - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

अफगानिस्तान में बुधवार को एक बार फिर से भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने इसकी जानकारी देते हुए बताया है कि बुधवार को आए भूकंप के झटकों की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 5.4 मापी गई है। अफगानिस्तान में बीते एक महीने में चौथी बार भूकंप आया है। अफगानिस्तान भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में यहां लगातार भूकंप आते रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

इससे पहले अफगानिस्तान में 17 अगस्त को 4.9 तीव्रता का भूकंप आया था। इससे पहले 13 अगस्त को, 10 किलोमीटर की गहराई पर 4.2 तीव्रता का एक और भूकंप आया था। इससे पहले 8 अगस्त को, 10 किलोमीटर की गहराई पर 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था।

ये भी पढ़ें:  US Tariffs: 50% अमेरिकी टैरिफ के नुकसान से कैसे निपटेगा भारत? जानिए वो पांच मोर्चे जहां से देश को मिलेगी मदद


क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा। 
 
कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

कितनी तबाही लाता है भूकंप?
रिक्टर स्केल    असर
0 से 1.9    सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है।
2 से 2.9    हल्का कंपन
3 से 3.9    कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर
4 से 4.9    खिड़कियां टूट सकती हैं और दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं।
5 से 5.9    फर्नीचर हिल सकता है।
6 से 6.9    इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है।
7 से 7.9     इमारतें गिर जाती हैं। जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं।
8 से 8.9     इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं। सुनामी का खतरा।
9 और उससे ज्यादा     पूरी तबाही, कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी। समंदर नजदीक हो तो सुनामी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed