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Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में 6 तीव्रता के भूकंप के झटके, तबाही जैसे हालात; भारत ने बढ़ाए मदद के हाथ

Mon, 01 Sep 2025 02:02 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल Published by: बशु जैन Updated Mon, 01 Sep 2025 02:02 PM IST
सार

पाकिस्तान सीमा के पास दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में भूकंप आया। भूकंप के झटकों की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 6 मापी गई है। भूकंप के तेज झटकों के चलते लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। अफगानिस्तान में बीते एक महीने में पांचवी बार भूकंप आया है।

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Earthquake occurred in Afghanistan, intensity was 6.2, people came out of their homes in panic
earthquake - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

अफगानिस्तान में रविवार रात को एक बार फिर से भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। पाकिस्तान सीमा के पास दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में भूकंप के झटकों की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 6 मापी गई है। कुछ एजेंसियों ने भूकंप की तीव्रता 6.3 बताई। भूकंप के तेज झटकों के चलते लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। अब तक 800 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है, जबकि 2500 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

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इस बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अफगानिस्तान की मदद करने का वादा किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस कठिन समय में अफगानिस्तान को भारत की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। विदेश मंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में आया विनाशकारी भूकंप गहरी चिंता का विषय है। हम अफगान लोगों के प्रति अपना समर्थन और एकजुटता व्यक्त करते हैं, क्योंकि वे इस संकट से जूझ रहे हैं। भारत इस मुश्किल घड़ी में सहायता प्रदान करेगा। पीड़ितों के परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना।'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, 'अफगानिस्तान में भूकंप के कारण हुई जान-माल की हानि से मुझे गहरा दुख हुआ है। इस कठिन घड़ी में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। भारत प्रभावित लोगों को हर संभव मानवीय सहायता और राहत प्रदान करने के लिए तैयार है।'

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अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक भूकंप का केंद्र नांगरहार प्रांत के जलालाबाद के पास 8 किलोमीटर की गहराई पर था। यह रविवार को स्थानीय समयानुसार रात 11:47 बजे आया। नांगरहार सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता नकीबुल्लाह रहीमी ने बताया कि 15 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। लगभग 20 मिनट बाद उसी प्रांत में दूसरा भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 4.5 थी तथा गहराई 10 किलोमीटर थी।

अफगानिस्तान में बीते एक महीने में पांचवी बार भूकंप आया है। अफगानिस्तान भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में यहां लगातार भूकंप आते रहते हैं। इससे पहले अफगानिस्तान में 27 अगस्त को 5.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इससे पहले 17 अगस्त को 4.9 तीव्रता, 13 अगस्त को 10 किलोमीटर की गहराई पर 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था। इससे पहले 8 अगस्त को, 10 किलोमीटर की गहराई पर 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था। 

क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।


जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा। 
 
कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।
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