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Pakistan: कराची में जून महीने में 60 बार कांपी धरती, लोगों में दहशत, आपदा के साये में काट रहे रातें
Fri, 04 Jul 2025 10:30 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कराची
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कराची
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 04 Jul 2025 10:30 AM IST
सार
पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में शुमार कराची में जून महीने में 60 बार धरती कांप चुकी है। यहां जून में आए भूकंप के झटके भले ही कम तीव्रता वाले रहे हों, लेकिन लोगों में दहशत बढ़ गई है। लोगों को डर है कि आपदा यहां बड़ी तबाही मचा सकती है।
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कराची में भूकंप के झटके
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इन दिनों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के लोगों की रातें आपदा के साये में कट रही हैं। पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में शुमार कराची में जून महीने में 60 बार धरती कांप चुकी है। यहां जून में आए भूकंप के झटके भले ही कम तीव्रता वाले रहे हों, लेकिन लोगों में दहशत बढ़ गई है। कराची के मेयर मुर्तजा वहाब का कहना है कि दो से 22 जून के बीच आए लगातार भूकंप के झटकों के बाद लोग बेचैन हैं। उनको आपदा का डर सता रहा है।
पाकिस्तान के मौसम विभाग का कहना है कि कराची में कम तीव्रता वाले भूकंप के 33 झटके मलीर के नजदीकी इलाकों में दर्ज किए गए। इसके अलावा कायदाबाद, लांधी, गदप, डीएचए सिटी और डीएचए कराची और कोरंगी में भी धरती कांपी। दो जून को कम से कम 10 बार भूकंप के झटके आए। जबकि इसके अगले दिन एक दर्जन झटके महसूस किए गए। वहीं तीन तीव्रता से अधिक वाले छह भूकंप 22 जून को दर्ज किए गए।
ये भी पढ़ें: शहबाज के सलाहकार बोले- ब्रह्मोस से हमले का था डर, हमारे पास सिर्फ 30 सेकंड थे
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लांधी में एक कपड़ा फैक्टरी में काम करने वाले जहीर उल हसन ने कहा कि हम जानते हैं कि हमें कैसा महसूस हुआ। हम जमीन को हिलता हुआ महसूस कर सकते थे और हमें कुछ बुरा होने की आशंका थी, लेकिन कुछ सेकंड के बाद झटके कम हो गए। जब इतने सारे झटके आते हैं तो जाहिर है कि आप तनाव बढ़ता है।
लांधी में रहने वाले फैजान कादरी कहते हैं कि दो से 22 जून के बीच उन्होंने कम से कम 40 भूकंप के झटके महसूस किए हैं। लगातार आ रहे भूकंप के झटकों ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है। मलीर निवासी निगहत खान ने कहा कि हर बार जब भी भूकंप आता था, चाहे दिन हो या रात, हम अपने परिवार के साथ घरों से बाहर निकल आते थे और मदद के लिए प्रार्थना करते थे।
बड़े भूकंप की संभावना कम: मौसम वैज्ञानिक
मुख्य मौसम विज्ञानी अमीर हैदर लेघारी और समुद्री भूविज्ञानी आसिफ इनाम ने पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर और वित्तीय केंद्र कराची में बड़े भूकंप की संभावना को कम कर दिया है। लेघारी और इनाम ने माना कि इतनी लंबी अवधि तक कम तीव्रता वाले भूकंपों का आना असामान्य है। उन्होंने कहा कि तटीय शहर कराची कई सक्रिय और निष्क्रिय फॉल्ट लाइनों के करीब है। हाल की भूकंपीय घटनाएं क्षेत्र की प्राकृतिक टेक्टोनिक हलचलों से हुई हैं। उन्होंने कहा कि अफसरों को भवन संहिता का सख्ती से पालन करना चाहिए। कराची में पुरानी इमारतों की समीक्षा करनी चाहिए और अनधिकृत भूजल निष्कर्षण को रोकना चाहिए।
ये भी पढ़ें: इमरान बोले- गुलामी कबूल करने से बेहतर है जेल की काल कोठरी में रहना; समर्थकों से की आंदोलन की अपील
भूकंप से सुरक्षित नहीं कराची
निजी भूकंप समाचार एवं अनुसंधान केंद्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शाहबाज लघारी इस बात को नकार रहे हैं कि कराची उच्च तीव्रता वाले भूकंप से सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि जब कम तीव्रता वाले भूकंप के झटके इतनी बार आते हैं, तो इसका मतलब है कि बड़ा भूकंप आ सकता है। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से और अनियोजित तरीके से कराची का विकास हुआ है, वह ठीक नहीं है। 4.5 या 5.5 तीव्रता का भूकंप भी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में तबाही मचा सकता है।
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पाकिस्तान के मौसम विभाग का कहना है कि कराची में कम तीव्रता वाले भूकंप के 33 झटके मलीर के नजदीकी इलाकों में दर्ज किए गए। इसके अलावा कायदाबाद, लांधी, गदप, डीएचए सिटी और डीएचए कराची और कोरंगी में भी धरती कांपी। दो जून को कम से कम 10 बार भूकंप के झटके आए। जबकि इसके अगले दिन एक दर्जन झटके महसूस किए गए। वहीं तीन तीव्रता से अधिक वाले छह भूकंप 22 जून को दर्ज किए गए।
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लांधी में एक कपड़ा फैक्टरी में काम करने वाले जहीर उल हसन ने कहा कि हम जानते हैं कि हमें कैसा महसूस हुआ। हम जमीन को हिलता हुआ महसूस कर सकते थे और हमें कुछ बुरा होने की आशंका थी, लेकिन कुछ सेकंड के बाद झटके कम हो गए। जब इतने सारे झटके आते हैं तो जाहिर है कि आप तनाव बढ़ता है।
लांधी में रहने वाले फैजान कादरी कहते हैं कि दो से 22 जून के बीच उन्होंने कम से कम 40 भूकंप के झटके महसूस किए हैं। लगातार आ रहे भूकंप के झटकों ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है। मलीर निवासी निगहत खान ने कहा कि हर बार जब भी भूकंप आता था, चाहे दिन हो या रात, हम अपने परिवार के साथ घरों से बाहर निकल आते थे और मदद के लिए प्रार्थना करते थे।
बड़े भूकंप की संभावना कम: मौसम वैज्ञानिक
मुख्य मौसम विज्ञानी अमीर हैदर लेघारी और समुद्री भूविज्ञानी आसिफ इनाम ने पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर और वित्तीय केंद्र कराची में बड़े भूकंप की संभावना को कम कर दिया है। लेघारी और इनाम ने माना कि इतनी लंबी अवधि तक कम तीव्रता वाले भूकंपों का आना असामान्य है। उन्होंने कहा कि तटीय शहर कराची कई सक्रिय और निष्क्रिय फॉल्ट लाइनों के करीब है। हाल की भूकंपीय घटनाएं क्षेत्र की प्राकृतिक टेक्टोनिक हलचलों से हुई हैं। उन्होंने कहा कि अफसरों को भवन संहिता का सख्ती से पालन करना चाहिए। कराची में पुरानी इमारतों की समीक्षा करनी चाहिए और अनधिकृत भूजल निष्कर्षण को रोकना चाहिए।
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भूकंप से सुरक्षित नहीं कराची
निजी भूकंप समाचार एवं अनुसंधान केंद्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शाहबाज लघारी इस बात को नकार रहे हैं कि कराची उच्च तीव्रता वाले भूकंप से सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि जब कम तीव्रता वाले भूकंप के झटके इतनी बार आते हैं, तो इसका मतलब है कि बड़ा भूकंप आ सकता है। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से और अनियोजित तरीके से कराची का विकास हुआ है, वह ठीक नहीं है। 4.5 या 5.5 तीव्रता का भूकंप भी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में तबाही मचा सकता है।
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