Nepal: नेपाल में 12 घंटे में कई बार कांपी धरती, 20 मकान धराशायी, 75 अन्य क्षतिग्रस्त; कोई हताहत नहीं
Nepal: काठमांडू से 90 किलोमीटर पश्चिम में स्थित धाडिंग जिले के ज्वालामुखी देहात नगर पालिका में 20 मकान नष्ट हो गए और 75 अन्य मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इस जिले में सुबह सात बजकर 39 मिनट पर आए तेज झटके के बाद 29 मिनट के अंदर भूकंप के चार झटके महसूस किए गए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नेपाल में रविवार को 12 घंटे में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह राजधानी काठमांडू में तेज भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 6.1 मापी गई। इस भूकंप के कारण 20 मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कई अन्य को भी नुकसान हुआ।
राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार, सुबह सात बजकर 39 मिनट पर आए भूकंप का केंद्र धाडिंग जिले में था। भूकंप के झटके बागमती और गंडकी प्रांतों के अन्य जिलों में भी महसूस किए गए। इसके बाद शाम पांच बजकर 18 मिनट पर एक और भूकंप का झटका आया। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.3 मापी गई।
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो काठमांडू से 90 किलोमीटर पश्चिम में स्थित धाडिंग जिले के ज्वालामुखी देहात नगर पालिका में 20 मकान नष्ट हो गए और 75 अन्य मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इस जिले में सुबह सात बजकर 39 मिनट पर आए तेज झटके के बाद 29 मिनट के अंदर भूकंप के चार झटके महसूस किए गए।
लोगों में दहशत फैल गई
भूकंप माप केंद्र के अनुसार, सुबह आठ बजकर आठ मिनट पर 4.3 तीव्रता, सुबह आठ बजकर 28 मिनट पर 4.3 तीव्रता और आठ बजकर 59 मिनट पर 4.1 तीव्रता के झटके आए। भूकंप और इसके बाद लगातार आए झटकों से लोगों में दहशत फैल गई।
नेपाल में आते रहते हैं भूकंप
नेपाल में भूकंप आना आम बात है। दरअसल, नेपाल उस पर्वत श्रृंखला पर स्थित है जहां तिब्बती और भारतीय टेक्टोनिक प्लेट मिलती हैं और ये हर सदी एक-दूसरे के तकरीबन दो मीटर पास खिसकती जाती हैं] जिसके परिणामस्वरूप दबाव उत्पन्न होता है और भूकंप आते हैं।
16 अक्तूबर को 4.8 तीव्रता का भूकंप आया था
इससे पहले नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रांत में 16 अक्तूबर को 4.8 तीव्रता का भूकंप आया था। नेपाल में 2015 में 7.8 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आए झटकों के कारण लगभग 9,000 लोगों की मौत हो गई थी। भूकंप के लिहाज से नेपाल दुनिया का 11वां संवेदनशील देश है।