फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   EAM Dr S Jaishankar said we did a round of consultations on what we call the Voice of Global South process

India-Caricom: दवाओं-तकनीक से लेकर प्रोजेक्ट्स में निवेश तक, कैरिबियाई देशों के लिए भारत ने रखी योजना, पढ़ें

Sat, 22 Apr 2023 12:57 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Sat, 22 Apr 2023 12:57 PM IST
सार

विदेश मंत्री एस जयशंकर तीन दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को गुयाना पहुंचे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद से निपटने सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

विज्ञापन
EAM Dr S Jaishankar said we did a round of consultations on what we call the Voice of Global South process
EAM Dr S Jaishankar in Vienna - फोटो : ANI

विस्तार

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुयाना की राजधानी में जमैका के विदेश मंत्री कामिनाज स्मिथ के साथ चौथी भारत-कैरिकॉम मंत्रिस्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि भारत अपनी G20 की अध्यक्षता के दौरान सभी अहम मुद्दों को सामने लाएगा और उस पर बात करेगा। साथ ही उन्होंने अफ्रीका को कम दाम वाली दवाएं मुहैया कराने पर भी बात की।

विज्ञापन

गौरतलब है, विदेश मंत्री एस जयशंकर तीन दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को गुयाना पहुंचे हैं। यहां उन्होंने जमैका के विदेश मंत्री कामिना जॉनसन स्मिथ के साथ चौथी भारत-कैरीकॉम मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद से निपटने सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने शनिवार को ट्वीट एफएम गुयाना ह्यूग टॉड को धन्यवाद किया। 

विज्ञापन

सभी देशों की रखेंगे बात

जयशंकर ने कहा कि इस वर्ष हमें G20 की अध्यक्षता करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी इस बात को लेकर स्पष्ट हैं कि हम न केवल अपने लिए बल्कि उन देशों के के मुद्दों को सामने रखेंगे जो जी 20 समूह का हिस्सा नहीं हैं। इसलिए, हमने वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ पर विचार-विमर्श किया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले पांच वर्ष में कई समस्याएं

उन्होंने कहा कि अगर कोई ध्यान दे तो पिछले पांच वर्षों में कई बड़ी समस्याएं सामने आई हैं। कोरोना महामारी, जलवायु परिवर्तन की बढ़ती घटनाएं, व्यापार तनाव, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा चिंताएं वास्तव में ऐसे मुद्दे हैं, जिनपर बैठकर बात करने की जरूरत है। इन मसलों पर गहनता से विचार होना चाहिए। 

स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने की जरूरत

विदेश मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी ने स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पता चलता है कि हमें स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत कुछ करने की जरूरत है। हमें विचार करना चाहिए कि ऐसा क्या है जो हम और अधिक कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास एक घरेलू पहल है जिसे हम वैश्विक मंच पर ले रहे हैं। इससे कम आय वाले उपभोक्ताओं को लाभ होगा। उन्होंने इस मौके पर कहा कि अगर आपको (कैरिबियाई देशों) लगता है कि यह रुचिपूर्ण है तो हम कम दाम वाली दवाएं मुहैया करा सकते हैं। हम उसके लिए एक क्षेत्रीय केंद्र बनाना चाहेंगे। ये सभी अमेरिका के एफडीए से अनुमति प्राप्त होंगे।

अफ्रीका के सामने रखा प्रस्ताव

भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि आज मैं आपके सामने छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमों के क्षेत्र में एक प्रस्ताव रखना चाहता हूं। हम अनुदान के आधार पर 10 लाख रुपये तक की व्यक्तिगत परियोजनाओं का समर्थन करने के लिए तैयार हैं। हम भारत में एक भागीदार समूह बनाना चाहते हैं। साथ ही यह देखेंगे कि क्या हमारी भागीदारी सफल रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर आप इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं तो हमें बहुत खुशी होगी। भारत 


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed