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Israel War: नीदरलैंड की कोर्ट ने सरकार को दिया आदेश, इस्राइल को F-35 लड़ाकू जेट के पुर्जों की सप्लाई बंद करें

Tue, 13 Feb 2024 08:19 AM IST
यशोधन शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, एम्स्टर्डम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, एम्स्टर्डम Published by: यशोधन शर्मा Updated Tue, 13 Feb 2024 08:19 AM IST
सार

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस बात का स्पष्ट खतरा है कि नीदरलैंड जिन पुर्जों का निर्यात कर रहा है, उनका इस्तेमाल अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के गंभीर उल्लंघन में किया जा रहा है।

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Dutch court orders Netherlands govt to halt delivery of fighter jet parts to Israel
एफ-35 विमान (फाइल फोटो) - फोटो : Lockheed Martin.com

विस्तार

इस्राइल और गाजा के बीच चल रहे संघर्ष के मध्य एक डच अदालत ने नीदरलैंड सरकार को गाजा पट्टी पर बमबारी में इस्राइल द्वारा इस्तेमाल किए गए एफ-35 लड़ाकू जेट के पुर्जों की डिलीवरी रोकने का आदेश दिया।

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अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के स्पष्ट जोखिम का दिया हवाला
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस बात का स्पष्ट खतरा है कि नीदरलैंड जिन पुर्जों का निर्यात कर रहा है, उनका इस्तेमाल अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के गंभीर उल्लंघन में किया जा रहा है। अदालत ने कहा कि ऐसी संभावना है कि इस्राइल गाजा पर हमलों में अपने एफ-35 का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे आम नागरिक हताहत हो रहे हैं।
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हालांकि, सोमवार के फैसले के जवाब में, डच सरकार ने कहा कि वह इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी और तर्क देगी कि हथियार के पुर्जे इस्राइल की क्षेत्र में उदाहरण के तौर पर ईरान, यमन, सीरिया और लेबनान से खतरों से खुद को बचाने के लिए महत्वपूर्ण थे। 
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रिपोर्ट के मुताबिक यह फैसला पिछले साल निचली अदालत के फैसले के खिलाफ एमनेस्टी इंटरनेशनल और ऑक्सफैम की अपील के बाद आया, जिसमें उनके तर्क को खारिज कर दिया गया था कि पुर्जों की आपूर्ति ने कथित तौर पर गाजा में इस्राइल द्वारा मानवीय कानून के व्यापक पैमाने पर और गंभीर उल्लंघन में योगदान दिया। 


मानवाधिकार संगठनों ने लगाए सरकार पर आरोप
इधर, मानवाधिकार संगठनों ने सरकार पर डिलीवरी को बनाए रखकर युद्ध अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया है। दिसंबर में एक अदालत ने मामले को खारिज कर दिया। इसमें कहा गया था कि सरकार को हथियारों के निर्यात पर राजनीतिक और नीतिगत मुद्दों को तौलने में काफी हद तक स्वतंत्रता है। हालांकि, अदालत ने अपील को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया कि राजनीतिक और आर्थिक चिंताएं युद्ध के कानूनों के उल्लंघन के स्पष्ट जोखिम को मात नहीं देतीं।

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