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DRDO: स्टार्टअप्स को आरएंडडी फंड देना होगा आसान, फंडिंग के लिए बनेंगे नए नियम
Wed, 12 Nov 2025 09:22 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 12 Nov 2025 09:22 PM IST
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समीर वी. कामत
- फोटो : एएनआई
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख समीर वी कामत ने रक्षा क्षेत्र में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दिया है। उन्होंने बुधवार को दिल्ली डिफेंस डायलॉग 2025 में कहा कि डीआरडीओ अब स्टार्टअप्स, एमएसएमई और बड़ी इंडस्ट्रीज में रिसर्च और डेवलपमेंट (आरएंडडी) के लिए फंडिंग को आसान बनाने हेतु जनरल फाइनेंशियल रूल्स (जीएफआर) में एक नया अध्याय जोड़ने पर विचार कर रहा है।
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कामत ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को अमेरिका की डीएआरपीए जैसी स्वायत्तता की आवश्यकता है, ताकि आरएंडडी प्रोजेक्ट्स की विफलता के लिए जवाबदेही का डर कम हो सके। उन्होंने कहा, आरएंडडी को खर्च के बजाय निवेश के तौर पर देखा जाना चाहिए। प्रोजेक्ट विफल होने पर भी मिलने वाले सबक दूसरे प्रोजेक्ट्स में काम आते हैं। इस नए चैप्टर से अत्याधुनिक अनुसंधान के लिए अनुदान तेज होगा।
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सेना प्रमुख ने बताया युद्ध का बदलता चेहरा
इसी कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी भविष्य के युद्ध के मैदान पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यूक्रेन-रूस संघर्ष दिखाता है कि कैसे ड्रोन, एआई और साइबर टूल्स युद्ध को बदल रहे हैं। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में 3डी (लोकतंत्रीकरण, प्रसार और जनसांख्यिकी) पर जोर दिया, यानी आम नागरिकों और तकनीक को युद्ध का हिस्सा बनाना। उन्होंने एआई और रोबोटिक्स जैसे नई तकनीकों के इस्तेमाल की वकालत की।
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