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US: नाइजीरिया में मारा गया ISIS का दूसरा सबसे बड़ा कमांडर अबू-बिलाल अल-मिनुकी, राष्ट्रपति ट्रंप ने दी जानकारी
Sat, 16 May 2026 10:39 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Sat, 16 May 2026 10:39 AM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाइजीरिया में आईएसआईएस के दूसरे सबसे बड़े कमांडर अबू-बिलाल अल-मिनुकी को मार गिराने की घोषणा की। अमेरिकी और नाइजीरियाई सेना ने मिलकर यह जटिल ऑपरेशन किया। ट्रंप ने कहा कि इससे दुनिया भर में आईएसआईएस की आतंकी गतिविधियां कमजोर होंगी।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : ANI
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने नाइजीरिया में आईएसआईएस के दूसरे सबसे बड़े वैश्विक कमांडर अबू-बिलाल अल-मिनुकी को खत्म कर दिया है। यह आतंकी पूरी दुनिया में आईएसआईएस का दूसरा सबसे बड़ा नेता माना जाता था।
ट्रंप ने दी जानकारी
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस खबर को साझा किया। उन्होंने बताया कि यह एक बहुत ही जटिल और सुनियोजित मिशन था। अमेरिकी सेना और नाइजीरियाई सशस्त्र बलों ने मिलकर इस ऑपरेशन को पूरी सटीकता के साथ अंजाम दिया। ट्रंप ने अल-मिनुकी को दुनिया का सबसे सक्रिय आतंकवादी बताया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अल-मिनुकी को लगा था कि वह अफ्रीका में छिप सकता है। लेकिन अमेरिका के पास ऐसे सूत्र थे जो उसकी हर हरकत की जानकारी दे रहे थे। ट्रंप ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि अब यह आतंकी अफ्रीका के लोगों को नहीं डरा पाएगा। वह अब अमेरिकियों को निशाना बनाने की साजिश भी नहीं रच सकेगा। ट्रंप का मानना है कि इस आतंकी के खात्मे से दुनिया भर में आईएसआईएस का नेटवर्क बहुत कमजोर हो जाएगा। उन्होंने इस ऑपरेशन में सहयोग के लिए नाइजीरिया सरकार का आभार भी जताया।
ये भी पढ़ें: US: ट्रंप की नाराजगी का दिखने लगा असर, अमेरिका ने जर्मनी के साथ पोलैंड में भी अमेरिकी सैनिकों की तैनाती रोकी
कौन है अबू-बिलाल अल-मिनुकी?
अबू-बिलाल अल-मिनुकी को अबू बक्र इब्र मुहम्मद इब्र अली अल-मैनुकी के नाम से भी जाना जाता था। वह मुख्य रूप से अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में सक्रिय था। यह क्षेत्र अटलांटिक महासागर से लाल सागर तक करीब 5,900 किलोमीटर में फैला है। इसमें सेनेगल, मॉरिटानिया, माली, बुर्किना फासो, नाइजर, नाइजीरिया, चाड और सूडान जैसे देश शामिल हैं। इसके अलावा इसका प्रभाव गाम्बिया, गिनी, कैमरून और इरिट्रिया तक भी था।
आतंकी समूहों पर नजर रखने वाली संस्था काउंटर एक्सट्रीमिज्म प्रोजेक्ट के अनुसार, 1982 में नाइजीरिया के बोर्नो प्रांत में जन्मे अल-मैनुकी ने 2018 में मम्मन नूर के मारे जाने के बाद पश्चिम अफ्रीका में आईएस शाखा की बागडोर संभाली थी। माना जाता है कि उसने एक दशक पहले लीबिया में लड़ाई लड़ी थी जब आईएस उत्तरी अफ्रीकी देश में सक्रिय था। ट्रंप ने पिछले साल दिसंबर में अमेरिकी सेना को नाइजीरिया में आईएस के खिलाफ अभियान चलाने का आदेश दिया था।
अल-मिनुकी इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (ISWAP) का वरिष्ठ कमांडर था। वह आईएसआईएस के लेक चाड डिवीजन के ऑपरेशनों का नेतृत्व करता था। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी गुटों को पैसा और निर्देश पहुंचाने का काम करता था। उसकी खतरनाक गतिविधियों को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने जून 2023 में उसे विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) घोषित किया था। ट्रंप ने इस मिशन को अंजाम देने वाले सैनिकों की बहादुरी की तारीफ की और इसे दुनिया के लिए एक बड़ी राहत बताया।
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ट्रंप ने दी जानकारी
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस खबर को साझा किया। उन्होंने बताया कि यह एक बहुत ही जटिल और सुनियोजित मिशन था। अमेरिकी सेना और नाइजीरियाई सशस्त्र बलों ने मिलकर इस ऑपरेशन को पूरी सटीकता के साथ अंजाम दिया। ट्रंप ने अल-मिनुकी को दुनिया का सबसे सक्रिय आतंकवादी बताया।
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US President Donald Trump posts, "Tonight, at my direction, brave American forces and the Armed Forces of Nigeria flawlessly executed a meticulously planned and very complex mission to eliminate the most active terrorist in the world from the battlefield. Abu-Bilal al-Minuki,… pic.twitter.com/DKs2UqnI00
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 16, 2026
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अल-मिनुकी को लगा था कि वह अफ्रीका में छिप सकता है। लेकिन अमेरिका के पास ऐसे सूत्र थे जो उसकी हर हरकत की जानकारी दे रहे थे। ट्रंप ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि अब यह आतंकी अफ्रीका के लोगों को नहीं डरा पाएगा। वह अब अमेरिकियों को निशाना बनाने की साजिश भी नहीं रच सकेगा। ट्रंप का मानना है कि इस आतंकी के खात्मे से दुनिया भर में आईएसआईएस का नेटवर्क बहुत कमजोर हो जाएगा। उन्होंने इस ऑपरेशन में सहयोग के लिए नाइजीरिया सरकार का आभार भी जताया।
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कौन है अबू-बिलाल अल-मिनुकी?
अबू-बिलाल अल-मिनुकी को अबू बक्र इब्र मुहम्मद इब्र अली अल-मैनुकी के नाम से भी जाना जाता था। वह मुख्य रूप से अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में सक्रिय था। यह क्षेत्र अटलांटिक महासागर से लाल सागर तक करीब 5,900 किलोमीटर में फैला है। इसमें सेनेगल, मॉरिटानिया, माली, बुर्किना फासो, नाइजर, नाइजीरिया, चाड और सूडान जैसे देश शामिल हैं। इसके अलावा इसका प्रभाव गाम्बिया, गिनी, कैमरून और इरिट्रिया तक भी था।
आतंकी समूहों पर नजर रखने वाली संस्था काउंटर एक्सट्रीमिज्म प्रोजेक्ट के अनुसार, 1982 में नाइजीरिया के बोर्नो प्रांत में जन्मे अल-मैनुकी ने 2018 में मम्मन नूर के मारे जाने के बाद पश्चिम अफ्रीका में आईएस शाखा की बागडोर संभाली थी। माना जाता है कि उसने एक दशक पहले लीबिया में लड़ाई लड़ी थी जब आईएस उत्तरी अफ्रीकी देश में सक्रिय था। ट्रंप ने पिछले साल दिसंबर में अमेरिकी सेना को नाइजीरिया में आईएस के खिलाफ अभियान चलाने का आदेश दिया था।
अल-मिनुकी इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (ISWAP) का वरिष्ठ कमांडर था। वह आईएसआईएस के लेक चाड डिवीजन के ऑपरेशनों का नेतृत्व करता था। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी गुटों को पैसा और निर्देश पहुंचाने का काम करता था। उसकी खतरनाक गतिविधियों को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने जून 2023 में उसे विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) घोषित किया था। ट्रंप ने इस मिशन को अंजाम देने वाले सैनिकों की बहादुरी की तारीफ की और इसे दुनिया के लिए एक बड़ी राहत बताया।