फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Donald Trump sends a stern message to Iran: 'Military pressure will not be lifted until a deal is finalized

ईरान पर से कब हटेगा सैन्य दबाव?: ट्रंप ने बताई पूरी योजना, क्या है 'न्यूक्लियर डस्ट' जिसे वापस लाएगा अमेरिका

Sat, 18 Apr 2026 09:40 AM IST
Riya Dubey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Riya Dubey Updated Sat, 18 Apr 2026 09:40 AM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि ईरान पर अमेरिकी सैन्य दबाव तब तक जारी रहेगा, जब तक दोनों देशों के बीच 100% व्यापक और अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते। साथ ही उन्होंने न्यूक्लियर डस्ट को अमेरिका लाने की योजना का जिक्र किया है। 

विज्ञापन
Donald Trump sends a stern message to Iran: 'Military pressure will not be lifted until a deal is finalized
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा है कि ईरान पर अमेरिकी सैन्य दबाव तब तक जारी रहेगा, जब तक दोनों देशों के बीच 100 फीसदी व्यापक और अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते।
विज्ञापन

कब हटेगा सैन्य दबाव?

एरिजोना में टर्निंग पॉइंट यूएसए के कार्यक्रम में ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका किसी भी आंशिक या अंतरिम डील से संतुष्ट नहीं होगा। उनके मुताबिक, फुल एंड फाइनल समझौता ही एकमात्र शर्त है, जिसके बाद ही सैन्य दबाव, जिसमें नेवल ब्लॉकेड और क्षेत्रीय सैन्य मौजूदगी शामिल है, उन्हें हटाया जाएगा।
विज्ञापन


ट्रंप का यह बयान संकेत देता है कि अमेरिका की मैक्सिमम प्रेशर रणनीति अभी जारी रहेगी, ताकि ईरान को परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय गतिविधियों और सुरक्षा मुद्दों पर व्यापक समझौते के लिए मजबूर किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

होर्मुज स्ट्रेट और रणनीतिक दबाव

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब खुला है और वैश्विक व्यापार के लिए सुरक्षित है। यह दुनिया का सबसे अहम ऊर्जा कॉरिडोर माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल गुजरता है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी और दबाव में कोई कमी नहीं आएगी।

क्या है न्यूक्लियर डस्ट?

अपने बयान में ट्रंप ने न्यूक्लियर डस्ट को अमेरिका वापस लाने की योजना का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, यह ईरान में पहले हुए अमेरिकी हमलों या परमाणु गतिविधियों से जुड़ा अवशेष (रेडियोधर्मी मलबा) है।

हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक न्यूक्लियर डस्ट कोई औपचारिक या मान्यता प्राप्त तकनीकी शब्द नहीं है। आम तौर पर इसका मतलब परमाणु विस्फोट या गतिविधि के बाद बचने वाले रेडियोधर्मी कणों से लगाया जा सकता है। ऐसे पदार्थ को निकालना और सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करना बेहद जटिल और जोखिम भरा होता है, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय निगरानी और वैज्ञानिक प्रोटोकॉल जरूरी होते हैं।


ट्रंप ने इसके लिए संयुक्त खुदाई ऑपरेशन का सुझाव दिया है, लेकिन इस तरह के किसी भी कदम के लिए ईरान की सहमति और वैश्विक संस्थाओं की भूमिका अहम होगी।

सीजफायर को लेकर ट्रंप का दावा

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के प्रयासों से पश्चिम एशिया में तनाव कुछ हद तक कम हुआ है। इस्राइल और लेबनान के बीच एक ऐसा सीजफायर हुआ है जो पहले कभी नहीं हुआ। ऐसा डेवलपमेंट 78 वर्षों में नहीं हुआ था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed