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US: ट्रंप ने नाटो देशों पर रक्षा खर्च बढ़ाने का डाला दबाव, कहा- जीडीपी का पांच फीसदी होना चाहिए

Wed, 08 Jan 2025 03:49 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 08 Jan 2025 03:49 AM IST
सार

डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से नाटो की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से यूरोप में सुरक्षा का एक मुख्य स्तंभ है। उन्होंने पिछले महीने धमकी दी थी कि यदि नाटो सदस्य अपने खर्च में वृद्धि नहीं करते हैं, तो वे गठबंधन छोड़ सकते हैं।

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Donald Trump pressured NATO countries to increase defense spending to five percent of GDP
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : पीटीआई

विस्तार

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को नाटो सदस्यों पर अपने रक्षा खर्च को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के पांच फीसदी तक बढ़ाने का दबाव डाला। इससे ट्रंप के लंबे समय से चले आ रहे दावों को बल मिला है, जिसमें वह कहते आ रहे हैं कि नाटो देश अमेरिकी सुरक्षा के लिए कम भुगतान कर रहे हैं। 

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ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि नाटो देश इसे वहन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें दो फीसदी नहीं, बल्कि पांच फीसदी होना चाहिए। ट्रंप ने आगे कहा, 'यूरोप को हमारे पास मौजूद धन का बहुत छोटा हिस्सा ही मिलेगा। हमारे बीच एक महासागर है, हमें यूरोप की तुलना में अरबों-खरबों डॉलर अधिक धन क्यों खर्च करना चाहिए?'
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नाटो की भूमिका पर लंबे समय से सवाल उठाते रहे हैं ट्रंप
ट्रंप लंबे समय से नाटो की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से यूरोप में सुरक्षा का एक मुख्य स्तंभ है। उन्होंने पिछले महीने धमकी दी थी कि यदि नाटो सदस्य अपने खर्च में वृद्धि नहीं करते हैं, तो वे गठबंधन छोड़ सकते हैं।
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नाटो के 32 देशों ने 2023 में जीडीपी के दो फीसदी के रक्षा खर्च का न्यूनतम स्तर निर्धारित किया था। यूक्रेन में रूस के युद्ध ने नाटो को अपने पूर्वी हिस्से को मजबूत करने और खर्च बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। 

वृद्धि की मांग करने वाले ट्रंप एकमात्र नहीं
वृद्धि की मांग करने वाले ट्रंप एकमात्र नहीं है। नाटो प्रमुख मार्क रूट भी पिछले महीने कह चुके हैं कि हमें दो फीसदी से कहीं अधिक की आवश्यकता होगी। रूट ने यह भी चेतावनी दी थी कि यूरोपीय देश रूस के साथ संभावित युद्ध के खतरे के लिए तैयार नहीं हैं, इसलिए उन्होंने यूरोपीय देशों से रक्षा खर्च बढ़ाने का आह्वान किया। 

ट्रंप बोले- बाइडन के सुझाव से रूस का आक्रमण बढ़ा
इसके अलावा, ट्रंप ने यह भी दावा किया कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि यूक्रेन को नाटो में शामिल होने की अनुमति दी जानी चाहिए, बाइडन के इस सुझाव के चलते रूस का आक्रमण बढ़ा है। ट्रंप ने कहा, 'अगर मैं राष्ट्रपति होता तो यह युद्ध कभी नहीं होता।' ट्रंप ने रूस के युद्ध को समाप्त करने के लिए एक त्वरित शांति समझौते पर जोर दिया है, जिससे यूक्रेन को अमेरिका की सैन्य सहायता को लेकर भविष्य की चिंताएं बढ़ गई हैं। 


अमेरिका ने इस्राइल और मिस्र को दी जाने वाली सैन्य सहायता से 100 मिलियन डॉलर लेबनान को दिया
बाइडन प्रशासन अपने अंतिम दिनों में इस्राइल और मिस्र को दी जा रही सैन्य सहायता में से 100 मिलियन डॉलर लेबनान को भेज रहा है। इसमें मिस्र के हिस्से से 95 मिलियन डॉलर और इस्राइल से 7.5 मिलियन डॉलर की राशि लेबनान को हस्तांतरित की जा रही है। इसके पीछे का उद्देश्य इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम समझौते को मजबूत करना है। 
 

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