फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Donald Trump is planning own media, that will strengthen social polarization in America

अमेरिका में सामाजिक ध्रुवीकरण को और पुख्ता करेगा ट्रंप का ‘अपना मीडिया’

Mon, 22 Mar 2021 02:12 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 22 Mar 2021 02:12 PM IST
सार

ट्रंप की राजनीतिक ताकत के पीछे सोशल मीडिया के इस्तेमाल की उनकी क्षमता को एक प्रमुख कारण माना जाता है। खासकर ट्विटर के जरिए संदेश देकर वे अपने आठ करोड़ 90 लाख फॉलोवर्स को लगातार दिमागी तौर पर सक्रिय रखते थे...

विज्ञापन
Donald Trump is planning own media, that will strengthen social polarization in America
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

इस खबर ने अमेरिका में धुर-दक्षिणपंथी गोलबंदी के और मजबूत होने का अंदेशा बढ़ा दिया है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपना मीडिया लॉन्च करने की तैयारी में जुटे हैं। पिछले छह जनवरी को कैपिटल हिल (अमेरिकी संसद भवन) पर हुए हमले के बाद प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने ट्रंप को प्रतिबंधित कर दिया था। इस कारण उन्हें लगभग खामोश बैठना पड़ा है।

विज्ञापन


अब उनके सलाहकार जेसॉन मिलर ने बताया है कि ट्रंप अगले महीनों में अपना मीडिया प्लेटफॉर्म शुरू करेंगे। रविवार को टीवी चैनल फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में मिलर ने दावा किया कि नए मीडिया का मकसद ‘खेल की परिभाषा फिर से तय’ करना है।
विज्ञापन


ट्रंप और उनके समर्थकों की ये शिकायत लंबे समय से रही है कि अमेरिका का मुख्यधारा का मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कंजरवेटिव विचारधारा के विरोधी हैं। छह जनवरी की घटना के बाद उनकी ये शिकायत गहरा गई है। बीते हफ्ते एक मामले में फैसले के दौरान अपनी असहमती जताते हुए अमेरिका के फेडरल अपील कोर्ट के एक कंजरवेटिव जज ने यहां तक कह दिया कि देश के दो प्रमुख अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स और वाशिंगटन पोस्ट असल में डेमोक्रेटिक पार्टी के मुखपत्र हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जज लॉरेंस सिल्बरमैन ने कहा कि ये दोनों अखबार जो दिशा तय करते हैं, वॉल स्ट्रीट जर्नल का न्यूज सेक्शन भी उसका ही अनुपालन करता है। बाकी बड़े अखबार और समाचार एजेंसियां भी उसी दिशा में जाती हैं। यहां तक कि सरकारी नेशनल पब्लिक रेडियो भी उसी को फॉलो करता है। जज ने कहा- ‘प्रेस और मीडिया पर एक पार्टी के नियंत्रण के कारण अमेरिकी लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा हो रहा है।’

छह जनवरी की घटना के बाद ट्रंप फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, गूगल, एपल, अमेजन आदि जैसे प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंधित हैं। उनके समर्थक मीडिया मंचों पार्लर और गैब पर भी इन प्लेटफॉर्म्स ने पाबंदी लगा रखी है। इस बीच उनके खिलाफ अमेरिकी सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव पास नहीं हो सका। इस कारण वे अब 2024 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने गुजरे दो महीनों में बड़ी मात्रा में राजनीतिक चंदा भी इकट्ठा किया है। जेसॉन मिलर ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि रिपब्लिकन पार्टी पर ट्रंप की पकड़ पहले की तरह ही मजबूत बनी हुई है।

ट्रंप की राजनीतिक ताकत के पीछे सोशल मीडिया के इस्तेमाल की उनकी क्षमता को एक प्रमुख कारण माना जाता है। खासकर ट्विटर के जरिए संदेश देकर वे अपने आठ करोड़ 90 लाख फॉलोवर्स को लगातार दिमागी तौर पर सक्रिय रखते थे। पिछले ढाई महीनों से ये संवाद वे नहीं कर पाए हैं। अब अगर उन्होंने अपना मीडिया तैयार किया, तो उससे अपने समर्थकों से उनका फिर से सक्रिय संपर्क बन जाएगा।

फिलहाल कयास लगाए जा रहे हैं कि ट्रंप मीडिया के किस रूप के सामने आएंगे। एक अनुमान यह लगाया गया है कि वे अपना टीवी चैनल लॉन्च कर सकते हैं। फॉक्स न्यूज के रुख बदल लेने के बाद उनके समर्थक एक ऐसे चैनल की जरूरत बताते रहे हैं। बीते जनवरी में एक खबर फैली थी कि ट्रंप जल्द ही अपना एप लॉन्च करेंगे और उसके माध्यम से अपने समर्थकों से संपर्क करेंगे। लेकिन इस खबर की पुष्टि नहीं हो सकी। इस बीच जेसॉन मिलर ने फरवरी में ऑस्ट्रेलिया के चैनल स्काई न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा था कि इस बात की संभावना है कि ट्रंप अपना एप लॉन्च करें।

विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप अपने मीडिया के जरिए उस तरह का प्रभाव नहीं बना सकेंगे, जैसा वे ट्विटर से करते थे। संचार कंसल्टेंट नू वेक्सलर ने कुछ समय पहले अखबार वाशिंगटन पोस्ट से कहा था- ‘ट्विटर से उनकी पहुंच देश के हर रिपोर्टर तक बनती थी। इससे उन्हें मिनटों के भीतर लिबरल शख्सियतों को ट्रोल करने का मौका मिलता था। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से उन्हें ये ताकत मिल पाएगी- ऐसा मुझे मुझे नहीं लगता।


यह मीडिया सिर्फ उनके अपने समर्थकों का इको-चैंबर (जहां एक जैसी बातें होती हैं) होगा।’ लेकिन राजनीतिक पर्यवेक्षक इसी बात से चिंतित हैं कि ट्रंप समर्थकों का इको-चैंबर और मजबूत होगा। इससे जहां सभी समूहों के बीच आपसी संवाद घटेगा, वहीं समाज में ध्रुवीकरण और गहरा होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed