Donald Trump: न्यूयॉर्क की अदालत से राहत की आस, वकीलों की अपील- सजा पर रोक लगाएं; फैसले को चुनौती देने की पहल
अमेरिका में राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण से दो हफ्ते पहले अहम घटनाक्रम सामने आया है। एक अदालत में ट्रंप को हश मनी मामले में दोषी पाया गया और सजा भी सुनाई गई। अब न्यूयॉर्क की अदालत से राहत की आस लगाए वकीलों ने अपील दायर की है। उन्होंने सजा पर रोक लगाने की गुहार लगाई और कहा कि ट्रंप दोषसिद्धि वाले फैसले को चुनौती देेंगे।
विस्तार
अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वकीलों ने न्यूयॉर्क के न्यायाधीश से सजा पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। वकीलों ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप अदालत के फैसले को चुनौती देंगे। इसलिए उनकी सजा पर रोक लगाई जानी चाहिए। एपी की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को अदालत ने डोनाल्ड ट्रंप को हश मनी ट्रायल में दोषी पाया और सजा सुनाई। वकीलों ने इस पर रोक लगाने की मांग की है। अब नजरें न्यूयॉर्क के न्यायाधीश के फैसले पर टिकी हैं।
जज मर्चन ने खारिज की डोनाल्ड ट्रंप की मांग
मामले में डोनाल्ड ट्रंप के वकीलों ने कहा कि वे स्टेट अपील कोर्ट से जज जुआन मर्चन के पिछले हफ्ते के फैसले को पलटने की मांग करेंगे। इस फैसले में जज ने शुक्रवार को सजा की तारीख तय की थी, जो डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से करीब 10 दिन पहले है। हाल के हफ्तों में, जज मर्चन ने डोनाल्ड ट्रंप की उस मांग को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति पद की छूट (इम्युनिटी) और व्हाइट हाउस में उनकी वापसी के आधार पर फैसला रद्द करने की मांग की थी।
'ट्रंप की अपील स्वतः रोक का आधार बनती है'
पिछले हफ्ते जज ने संकेत दिया कि वह डोनाल्ड ट्रंप को उनकी 34 आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि के लिए कोई सजा देने की संभावना नहीं रखते। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को सजा के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने या वीडियो के जरिए शामिल होने का विकल्प दिया। सोमवार को ट्रंप के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि उनकी अपील स्वतः रोक का आधार बनती है, जिससे कार्रवाई पर रोक लग जानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता, तो जज मर्चन को सजा को रोकना चाहिए और शुक्रवार को सुनवाई होने से बचाना चाहिए।
ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की छूट का हवाला देकर की मांग
डोनाल्ड ट्रंप के प्रवक्ता स्टीवन चेउंग ने कहा, 'आज, राष्ट्रपति ट्रंप की कानूनी टीम ने मैनहट्टन डीए के इस बदले की भावना से गैरकानूनी सजा को रोकने के लिए कदम उठाया है।। सुप्रीम कोर्ट के इम्युनिटी पर ऐतिहासिक फैसले और न्यूयॉर्क के संविधान के तहत यह मामला खारिज होना चाहिए।' वहीं मैनहट्टन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ऑफिस ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की छूट और अपने दूसरे कार्यकाल का हवाला देकर सजा को खत्म करने की मांग की थी, लेकिन जज मर्चन ने 3 जनवरी के फैसले में लिखा कि 'इस मामले को अंतिम रूप देना' न्याय के हित में है। जज ने सुझाव दिया कि डोनाल्ड ट्रंप को बिना जेल, जुर्माना या प्रोबेशन की बिना शर्त रिहाई देना सबसे उपयुक्त समाधान हो सकता है।
'राष्ट्रपति पद का अंत जैसा हम जानते हैं, वैसा हो जाएगा'
इसके साथ डोनाल्ड ट्रंप पहले ऐसे राष्ट्रपति बनेंगे जो किसी अपराध में दोषी ठहराए जाने के बाद पद संभालेंगे। सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा कि अगर यह फैसला बरकरार रहा, तो 'राष्ट्रपति पद का अंत जैसा हम जानते हैं, वैसा हो जाएगा।' यह मामला ट्रंप के 2016 के चुनाव प्रचार के आखिरी हफ्तों में एडल्ट फिल्म स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को चुप कराने के लिए भुगतान छुपाने की योजना पर आधारित है। डेनियल्स का दावा है कि उन्होंने ट्रंप के साथ सालों पहले संबंध बनाए थे, जिसे ट्रंप ने झूठा बताया और कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया।
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