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Trump: ट्रंप प्रशासन को एक और झटका, कानूनी फर्मों के खिलाफ कार्यकारी आदेश पर संघीय जज ने लगाई रोक
Wed, 28 May 2025 08:02 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 28 May 2025 08:02 AM IST
सार
सरकार के फैसले के खिलाफ अपील करने वाली फर्मों ने ऐसे संकेत दिए हैं कि उन फर्मों और लोगों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, जिन्होंने या तो ट्रंप सरकार के किसी कानून संबंधी आदेश का विरोध किया या फिर वे ट्रंप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का हिस्सा रहीं।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : आकाशवाणी
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विस्तार
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन को एक और झटका लगा है। दरअसल राष्ट्रपति ट्रंप के कानूनी फर्मों के खिलाफ जारी किए गए कार्यकारी आदेश पर वॉशिंगटन के संघीय जज ने रोक लगा दी है। ट्रंप ने अपने कार्यकारी आदेश में कई कानूनी फर्मों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। मंगलवार को विल्मरहेल नामक कानूनी फर्म के पक्ष में फैसला सुनाते हुए संघीय जज ने ट्रंप के आदेश को असंवैधानिक बताया और इसके लागू करने पर रोक लगा दी।
अदालत ने क्या कहा
जज रिचर्ड लियोन ने कहा कि 'अदालत द्वारा गैरकानूनी कार्यकारी आदेश को स्थायी रूप से रोकने का फैसला हमारे ग्राहकों के मूलभूत संवैधानिक अधिकारों की दृढ़ता से पुष्टि करता है। हम अपनी फर्म, अपने लोगों और अपने ग्राहकों की रक्षा करने में गर्व महसूस करते हैं।' अपील दायर करने वाली कानूनी फर्म ने भी अदालत के फैसले की सराहना की। जज रिचर्ड लियोन को पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश द्वारा नियुक्त किया गया था। इससे पहले एक अन्य फर्म के मुकदमे में भी एक अन्य जज ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ फैसला दिया था। इस तरह के कुल तीन मामलों में अदालतों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ फैसले दिए हैं।
ये भी पढ़ें- US vs Canada: ब्रिटेन के राजा को कनाडा की चिंता; कहा- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के कारण भविष्य को लेकर चिंतित
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ट्रंप सरकार ने वकीलों पर कई प्रतिबंध लगाने का एलान किया था
कुल मिलाकर अदालतों ने ट्रंप प्रशासन के फैसले को कानूनी प्रणाली का अपमान और इस मूलभूत सिद्धांत के खिलाफ बताया है कि वकील बिना सरकारी प्रतिशोध के ग्राहकों या कारणों का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के फैसले के तहत वकीलों की सुरक्षा मंजूरी को निलंबित कर दिया गया था और उनकी संघीय भवनों तक पहुंच को रोक दिया गया था। माना जा रहा है कि ट्रंप सरकार का कानूनी फर्मों के खिलाफ आदेश अपने विरोधियों को निशाना बनाने और उन्हें मिलने वाली रियायतों को खत्म करने और उन्हें अपनी इच्छा के अनुरूप झुकाने की कोशिश है।
ट्रंप सरकार पर लगे ये आरोप
सरकार के फैसले के खिलाफ अपील करने वाली फर्मों ने ऐसे संकेत दिए हैं कि उन फर्मों और लोगों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, जिन्होंने या तो ट्रंप सरकार के किसी कानून संबंधी आदेश का विरोध किया या फिर वे ट्रंप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का हिस्सा रहीं। कानूनी फर्म विल्मरहेल के खिलाफ कार्रवाई को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है क्योंकि न्याय विभाग के पूर्व विशेष वकील रॉबर्ट मुलेर भी विल्मरहेल फर्म के कर्मचारी थे। मुलेर ने ही ट्रंप के रूस के साथ कथित संबंधों की जांच की थी।
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अदालत ने क्या कहा
जज रिचर्ड लियोन ने कहा कि 'अदालत द्वारा गैरकानूनी कार्यकारी आदेश को स्थायी रूप से रोकने का फैसला हमारे ग्राहकों के मूलभूत संवैधानिक अधिकारों की दृढ़ता से पुष्टि करता है। हम अपनी फर्म, अपने लोगों और अपने ग्राहकों की रक्षा करने में गर्व महसूस करते हैं।' अपील दायर करने वाली कानूनी फर्म ने भी अदालत के फैसले की सराहना की। जज रिचर्ड लियोन को पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश द्वारा नियुक्त किया गया था। इससे पहले एक अन्य फर्म के मुकदमे में भी एक अन्य जज ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ फैसला दिया था। इस तरह के कुल तीन मामलों में अदालतों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ फैसले दिए हैं।
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ट्रंप सरकार ने वकीलों पर कई प्रतिबंध लगाने का एलान किया था
कुल मिलाकर अदालतों ने ट्रंप प्रशासन के फैसले को कानूनी प्रणाली का अपमान और इस मूलभूत सिद्धांत के खिलाफ बताया है कि वकील बिना सरकारी प्रतिशोध के ग्राहकों या कारणों का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के फैसले के तहत वकीलों की सुरक्षा मंजूरी को निलंबित कर दिया गया था और उनकी संघीय भवनों तक पहुंच को रोक दिया गया था। माना जा रहा है कि ट्रंप सरकार का कानूनी फर्मों के खिलाफ आदेश अपने विरोधियों को निशाना बनाने और उन्हें मिलने वाली रियायतों को खत्म करने और उन्हें अपनी इच्छा के अनुरूप झुकाने की कोशिश है।
ट्रंप सरकार पर लगे ये आरोप
सरकार के फैसले के खिलाफ अपील करने वाली फर्मों ने ऐसे संकेत दिए हैं कि उन फर्मों और लोगों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, जिन्होंने या तो ट्रंप सरकार के किसी कानून संबंधी आदेश का विरोध किया या फिर वे ट्रंप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का हिस्सा रहीं। कानूनी फर्म विल्मरहेल के खिलाफ कार्रवाई को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है क्योंकि न्याय विभाग के पूर्व विशेष वकील रॉबर्ट मुलेर भी विल्मरहेल फर्म के कर्मचारी थे। मुलेर ने ही ट्रंप के रूस के साथ कथित संबंधों की जांच की थी।