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Trump AI policy: अगली पीढ़ी के एआई पर अमेरिका रखेगा पैनी नजर, तकनीकों को जांचने के लिए बनेगा नया प्रोटोकॉल

Wed, 06 May 2026 07:02 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Wed, 06 May 2026 07:02 AM IST
सार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन अब अगली पीढ़ी के एआई मॉडलों पर सख्त सरकारी निगरानी शुरू करने जा रहा है। इसके लिए व्हाइट हाउस एक 'एआई वर्किंग ग्रुप' बनाएगा। उन्नत मॉडलों के बाजार में आने से पहले उनकी गहन जांच की जाएगी। वहीं, एक अन्य कार्यक्रम में ट्रंप ने हल्के-फुल्के अंदाज में दो और कार्यकाल तक राष्ट्रपति बने रहने का मजाक किया, जिस पर खूब तालियां बजीं।

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Donald Trump AI policy White House working group next-gen models Anthropic Claude Mythos US regulation
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : पीटीआई

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने तकनीक की दुनिया में एक बड़ा और सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। अब अमेरिका में अगली पीढ़ी के एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) मॉडलों पर सरकार की सीधी निगरानी होने जा रही है। यह अहम फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि हाल के दिनों में कई ऐसी बेहद उन्नत और शक्तिशाली प्रणालियां सामने आई हैं, जिनसे भविष्य में कई तरह के खतरे पैदा हो सकते हैं। इन नई और तेज तकनीकों को आम जनता तक पहुंचने से पहले जांचना अब बहुत जरूरी हो गया है। यह कदम इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सरकार तकनीक के बढ़ते खतरों को लेकर पूरी तरह से सतर्क है।
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इस पूरी प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर ठीक से लागू करने के लिए व्हाइट हाउस एक खास 'एआई वर्किंग ग्रुप' बनाने जा रहा है। इसके लिए एक आधिकारिक कार्यकारी आदेश लाने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। यह वर्किंग समूह इस बात की गहराई से जांच करेगा कि तेजी से बढ़ती इस एआई तकनीक से जुड़े खतरों को कैसे संभाला जाए और सरकारी निगरानी तंत्र को प्रभावी ढंग से कैसे लागू किया जाए। इस समूह में उद्योग जगत के बड़े और अनुभवी नेता तथा सरकारी अधिकारी शामिल होंगे। उनका मुख्य काम एक ऐसा नियम या प्रोटोकॉल बनाना होगा, जिससे किसी भी नए एआई मॉडल के बाजार में लॉन्च होने से पहले उसकी पूरी तरह से समीक्षा की जा सके।
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एआई पर निगरानी के लिए ट्रंप प्रशासन ने कंपनियों से बात की?
इस सरकारी निगरानी तंत्र को मजबूती से तैयार करने के लिए ट्रंप प्रशासन ने पहले ही गूगल, एंथ्रोपिक और ओपनएआई जैसी बड़ी तकनीकी कंपनियों के साथ शुरुआती बातचीत कर ली है। व्हाइट हाउस के कुछ अधिकारी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि जब तक अमेरिकी सरकार को इन उन्नत मॉडलों तक पहली पहुंच नहीं मिल जाती, तब तक इनका व्यावसायिक लॉन्च पूरी तरह से रोक दिया जाना चाहिए। इस कड़े फैसले का मुख्य उद्देश्य एआई की वैश्विक दौड़ में अमेरिका को दुनिया में सबसे आगे रखना है। इसके साथ ही, इन उन्नत एआई मॉडलों से होने वाले किसी भी संभावित खतरे को जड़ से खत्म करना भी इसका लक्ष्य है।
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ट्रंप पहले एआई के अबाधित विकास के पक्ष में थे?
सरकार का यह कदम इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले एआई उद्योग के बिना किसी रोक-टोक के विकास की जोरदार पैरवी कर चुके हैं। पिछले साल जुलाई में उन्होंने ही कहा था कि हम इस उद्योग को बिल्कुल शीर्ष पर पहुंचाएंगे क्योंकि यह एक सुंदर बच्चे की तरह है जिसका अभी जन्म हुआ है और हम इसे रोक नहीं सकते हैं। इसे राजनीति से भी नहीं रोका जा सकता है। हालांकि, इस साल की शुरुआत में जब अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने एंथ्रोपिक को आपूर्ति शृंखला के लिए बड़ा जोखिम बताया और एंथ्रोपिक ने 'क्लाउडी मायथस' को लॉन्च किया, तब से ही इस तकनीक पर निगरानी का दबाव बहुत तेज हो गया था।

ट्रंप व्हाइट हाउस में दो और कार्यकाल तक रुकना चाहते हैं?
इन सब गंभीर तकनीकी चर्चाओं के बीच मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भविष्य को लेकर एक बड़ा मजाक भी किया। व्हाइट हाउस में आयोजित एक लघु व्यवसाय शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वे दो और कार्यकाल पूरे करने के बाद ही व्हाइट हाउस छोड़ सकते हैं। व्यापारी समुदाय के लिए कर कटौती से जुड़े कानून का जिक्र करते हुए उन्होंने हंसते हुए कहा कि आठ-नौ साल बाद जब वह पद छोड़ेंगे, तब इसका इस्तेमाल कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि हम सचमुच अमेरिका को महान बना रहे हैं। उनके इतना कहते ही हॉल में बैठे व्यापारी समुदाय के लोगों में हंसी गूंज उठी और सबने तालियां बजाईं। गौरतलब है कि अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के अनुसार, कोई भी व्यक्ति दो बार से अधिक राष्ट्रपति नहीं चुना जा सकता है।

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