Russia: ‘पर्यावरण बचाने के नाम पर मनमाने व्यापार प्रतिबंधों को सही न ठहराएं’, BRICS के संसदीय मंच में ओम बिरला
ओम बिरला ने चेतावनी दी कि पर्यावरण संरंक्षण के कार्यों के नाम पर कुछ एकतरफा उपायों को सही ठहराया गया है और इसका असर व्यापार पर पड़ रहा है। इस तरह से विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जलवायु परिवर्तन को लेकर दुनिया को चेताया है। उन्होंने रूस में ब्रिक्स के 10वें संसदीय मंच के पूर्ण सत्र को संबोधित किया। इस दौरान बिरला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के तरीकों का इस्तेमाल व्यापार प्रतिबंधों को सही ठहराने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
ओम बिरला ने दी चेतावनी
ओम बिरला ने चेतावनी दी कि पर्यावरण संरंक्षण के कार्यों के नाम पर कुछ मनमाने तरीकों को सही ठहराया गया है और इसका असर व्यापार पर पड़ रहा है। इस तरह से विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय कानूनों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। आपको बता दें कि ओम बिरला इस मंच में भारत के संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने व्यापार में प्रगति के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी देशों को अपनी आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरण संरंक्षण के लक्ष्य पर भी ध्यान रखना चाहिए।
पर्यावरण संरंक्षण की दिशा में मजबूत कदम उठा रहा है भारत
ओम बिरला आगे कहा कि भारतीय संसद अन्य देशों के सांसदों के साथ आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। लोकसभा अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि भारत, संसाधनों की सीमाओं के बावजूद पर्यावरण संरंक्षण की दिशा में लगातार मजबूत कदम उठा रहा है।
‘यूएनएफसीसीसी के प्रति प्रतिबद्ध है भारत’
ओम बिरला ने कहा, ‘भारत ने संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा सम्मेलन (यूएनएफसीसीसी) को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को बनाए रखा। इसे अलावा भारत ने गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा की क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य को भी पार कर लिया है।’ बिरला ने बात पर भी जोर दिया कि जलवायु से संबंधित मुद्दों को यूएनएफसीसीसी के ढांचे के भीतर संबोधित किया जाना चाहिए।