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Hindi News ›   World ›   Disputes should resolved through dialogue and diplomacy S. Jaishankar's message to the world from Azerbaijan

बाकू: 'झगड़ों को बातचीत और डिप्लोमेसी से सुलझाया जाना चाहिए', एस जयशंकर ने अजरबैजान से दुनिया को दिया संदेश

Fri, 23 Oct 2026 06:30 PM IST
एएनआई, बाकू Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Fri, 23 Oct 2026 06:30 PM IST
सार

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को बाकू में अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बायरामोव से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, परिवहन और कनेक्टिविटी बढ़ाने पर चर्चा की। जयशंकर ने पश्चिम एशिया और यूरेशिया के संघर्षों पर चिंता जताते हुए कहा कि विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति से होना चाहिए।

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Disputes should resolved through dialogue and diplomacy S. Jaishankar's message to the world from Azerbaijan
एस. जयशंकर , विदेश मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को अजरबैजान के अपने समकक्ष जेहुन बायरामोव के साथ बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच राजनीतिक बातचीत, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन, शिक्षा, विज्ञान और सांस्कृतिक सहयोग जैसे द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
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विदेश मंत्री ने क्या कहा? 
बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, 'हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव की हाल ही में पिछले महीने बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी। मेरी आज की बाकू यात्रा उसी मुलाकात का अगला कदम है। हमारी बातचीत काफी केंद्रित और भविष्य की ओर देखने वाली रही, जिसमें हमने अपने संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया।'
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द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने पर चर्चा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आगे कहा, 'अजरबैजान के विदेश मंत्री के साथ हुई मेरी बातचीत में, हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और विस्तार देने पर चर्चा की। हमने आर्थिक सहयोग के बारे में बात की, जिसमें व्यापार, निवेश और ऊर्जा शामिल हैं। जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों के मुख्य आधार हैं। हमारी अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं, इसलिए हमें विश्वास है कि हमारे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को और बढ़ाने की काफी अच्छी संभावनाएं हैं। हमने विभिन्न गतिविधियों और आपसी आदान-प्रदान पर भी चर्चा की कि इसे आगे कैसे बढ़ाया जाए।'
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आगे कहा, 'आपने विदेश मंत्री से सुना ही होगा कि भारत ने अजरबैजान की अर्थव्यवस्था में हाल ही में बड़ा निवेश किया है। भारतीय कंपनियां काफी समय से और बड़ी संख्या में यहां मौजूद हैं, लेकिन तेल और ऊर्जा क्षेत्र में हमारा निवेश विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। आज हम इस बात पर सहमत हुए कि हमें न केवल इस क्षेत्र में अपने संबंधों को और गहरा करना चाहिए, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार करना चाहिए। हमने कनेक्टिविटी (संपर्क) के बारे में भी बात की, क्योंकि आज की वैश्वीकृत अर्थव्यवस्था में यह बहुत महत्वपूर्ण है।


विवादों पर क्या बोले एस जयशंकर?
एस. जयशंकर ने आगे कहा, 'भारत का रुख बिल्कुल साफ है कि विवादों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। इसी संदर्भ में, हमने पश्चिम एशिया, यूरेशिया और यूरोप पर चर्चा की। हमने इन संघर्षों के वैश्विक प्रभावों का भी आकलन किया, क्योंकि आज इन्होंने एक बड़ी समस्या खड़ी कर दी है - खासकर 'ग्लोबल साउथ' की अर्थव्यवस्थाओं के लिए, जो भोजन, ईंधन, उर्वरक और वित्त से जुड़ी हैं। शांति, प्रगति और समृद्धि को बढ़ावा देने में हमारे साझा हित हैं, जबकि आतंकवाद, संघर्ष और अस्थिरता जैसे खतरे हमारे साझा दुश्मन हैं। हमने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों में सुधार और उनके विस्तार पर भी कुछ चर्चा की... हमारी बातचीत काफी सार्थक रही और इससे हमारे संबंधों को आगे बढ़ाने का रास्ता तय करने में मदद मिली है। 
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