{"_id":"63455114fc6e18174b2d1c8f","slug":"direct-flights-between-india-and-china-unlikely-to-be-resumed-in-near-future-due-to-beijing-covid-rules","type":"story","status":"publish","title_hn":"India-China: चीन जाने वाले भारतीयों को सीधी उड़ान के लिए करना होगा इंतजार, इन देशों के जरिए कर सकते हैं यात्रा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
India-China: चीन जाने वाले भारतीयों को सीधी उड़ान के लिए करना होगा इंतजार, इन देशों के जरिए कर सकते हैं यात्रा
Tue, 11 Oct 2022 04:48 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 11 Oct 2022 04:48 PM IST
सार
साल 2019 के आखिर में वुहान में पहली बार कोरोनावायरस के फैलने और वहां से इसके दुनिया भर में फैलने के बाद से दोनों देशों के बीच उड़ान सेवाओं पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इस प्रतिबंधों के चलते सबसे ज्यादा परेशानी चीन में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों को हो रही है।
विज्ञापन
भारत-चीन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना के कारण बंद हुई भारत और चीन के बीच की सीधी उड़ान सेवाओं के दोबारा शुरू होने की कोई संभावना बनती नहीं दिख रही है। सूत्रों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। सूत्रों का कहना है कि ये रोक उस वक्त तक लगी रहेगी जब तक की बीजिंग अपने कोविड नियमों में परिवर्तन नहीं करता है। बता दें कि जिनपिंग सरकार ने अपनी जीरो कोविड पॉलिसी के तहत, चीनी हवाईअड्डों पर आने के बाद अगर किसी भी यात्री का COVID परीक्षण सकारात्मक आता है तो वहां निर्धारित उड़ानों को अचानक रद्द करने की नीति बना रखी है।
विज्ञापन
कोरोना के कारण लगा था प्रतिबंध
गौरतलब है कि साल 2019 के आखिर में वुहान में पहली बार कोरोनावायरस के फैलने और वहां से इसके दुनिया भर में फैलने के बाद से दोनों देशों के बीच उड़ान सेवाओं पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इस प्रतिबंधों के चलते सबसे ज्यादा परेशानी चीन में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों को हो रही है। इसके अलावा चीन में काम करने वाले भारतीयों के परिवार और दोनों देशों के बीच व्यापार करने वाले व्यापारियों को भी सीधी उड़ान सेवा बाधित होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि हाल ही में चीन ने लगभग तीन सालों बाद वीजा प्रतिबंध हटा लिया था। चीन ने 2020 में नवबंर माह में भारतीयों के लिए वीजा आवेदन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके अलावा भारत आने-जाने वाली उड़ानों पर भी प्रभावी रूप से प्रतिबंध लगा दिया था।
विज्ञापन
तीसरे देश के जरिए चीन जा रहे भारतीय
छात्रों और वहां काम करने वाले लोगों ने तीसरे देशों के माध्यम से जा रही उड़ानों से चीन में वापसी की है। हालांकि ये उडानें अत्यधिक महंगी थीं। गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में 100 से अधिक भारतीय छात्रों ने कथित तौर पर तीसरे देश के मार्गों से यात्रा करते हुए चीन में वापसी की है। इनमें से ज्यादातर वाया हांगकांग चीन गए हैं।
विज्ञापन
सूत्रों ने भारतीय यात्रियों को वाया हांगकांग चीन की यात्रा करने की सलाह दी है। हांगकांग की भारत से दैनिक कनेक्टिविटी है। हांगकांग से भारतीय यात्री चीन के अलग-अलग शहरों के लिए उड़ान भर सकते हैं। ऐसे यात्रियों को चीन में सात दिन तक क्वारंटाइन रहना होगा। इसके अलावा, भारतीय यात्री इस समय श्रीलंका, नेपाल और म्यांमार के रास्ते चीन की यात्रा कर रहे हैं।
16 अक्टूबर से यहां सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं कांग्रेस के शुरू होने के बाद भी चीन को अपनी शून्य COVID नीति में बदलाव की उम्मीद नहीं है। सूत्रों ने कहा कि भारत और चीन सीमित उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए कई महीनों से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन बीजिंग द्वारा COVID यात्रियों से संबंधित उड़ान रद्द करने के नियम पर जोर देने के कारण बातचीत सामान्य रूप से नहीं हो पा रही है।
12 हजार भारतीय विद्यार्थियों ने जताई चीन लौटने की इच्छा
अप्रैल में भारत और चीन में विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी कराने पर सहमति बनी थी। चीनी दूतावास ने लौटने के इच्छुक भारतीयों का विवरण एकत्र करने को कहा था। चीन में 23 हजार से ज्यादा भारतीय विद्यार्थी थे। इनमें ज्यादातर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। दिसंबर 2019 में कोरोना के प्रकोप के कारण उन्हें लौटना पड़ा था। अब इनमें से 12 हजार से ज्यादा ने पढ़ाई पूरी करने के लिए फिर चीन जाने की इच्छा जताई थी। इन छात्रों का विवरण भी चीनी दूतावास को उपलब्ध कराया जा रहा है। अभी दोनों देशों के बीच केवल राजनयिकों के लिए विमान सेवा उपलब्ध है।
पाकिस्तान, थाईलैंड, सोलोमन के विद्यार्थी पहले ही लौट चुके
हाल के महीनों में चीन ने अपने मित्र देशों में गिने जाने वाले पाकिस्तान, थाईलैंड, सोलोमन आइसलैंड और इनके बाद श्रीलंका के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए लौटने की इजाजत दी थी। इनके विद्यार्थी वहां पहुंच चुके हैं।