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Department of War: कार्यकारी आदेश पर ट्रंप के साइन से बदला अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का नाम, अब युद्ध मंत्रालय...

Sat, 06 Sep 2025 06:34 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 06 Sep 2025 06:34 AM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके चलते रक्षा मंत्रालय का नाम बदलकर अब युद्ध मंत्रालय हो गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए यह नाम 'अधिक उपयुक्त' है। जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि यह नया नाम अमेरिकी दुश्मनों और सहयोगियों को क्या संदेश देता है, तो उन्होंने कहा, 'यह विजय और शक्ति का संदेश देता है।'
 

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Department of War Trump signature on executive order name of US Defense Ministry aka pentagon changed know all
कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : एएनआई
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विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रक्षा मंत्रालय का नाम बदलकर अब युद्ध मंत्रालय कर दिया है। इसके लिए उन्होंने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को आधिकारिक तौर पर एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर उनके साथ युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ डैन केन भी मौजूद थे। 

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आदेश पर हस्ताक्षर करने से पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया को बताया कि वह कुछ समय से पीट हेगसेथ और डैन केन के साथ इस विचार पर चर्चा कर रहे थे। ट्रंप ने कहा, 'हमने प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध जीता। उससे पहले और बीच के सभी युद्ध जीते और फिर हमने जागरूक होने का फैसला किया और नाम बदलकर रक्षा मंत्रालय कर दिया, इसलिए हम 'युद्ध मंत्रालय' कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए यह नाम 'अधिक उपयुक्त' है। 
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यह सिर्फ नाम बदलने की बात नहीं, पुनर्स्थापना है: हेगसेथ
युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा, 'यह सिर्फ नाम बदलने की बात नहीं है, बल्कि यह पुनर्स्थापना है। शब्द मायने रखते हैं। यह योद्ध के चरित्र को पुनर्स्थापित करना, विजय और स्पष्टता को पुनर्स्थापित करना और इरादे को पुनर्स्थापित करना है। युद्ध मंत्रालय निर्णायक रूप से लड़ेगा, अंतहीन युद्ध नहीं। यह हारने के लिए नहीं, बल्कि जीतने के लिए लड़ेगा। हम केवल रक्षा के लिए नहीं, बल्कि आक्रमण के लिए जा रहे हैं। अधिकतम मारक क्षमता होगी, न कि कानूनी औपचारिकता; असरदार ताकत होगी, न कि राजनीतिक शुद्धता। हम केवल रक्षकों को नहीं, बल्कि योद्धाओं को आगे बढ़ाएंगे।'
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युद्ध मंत्रालय से जीते थे प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध: हेगसेथ
जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि यह नया नाम अमेरिकी दुश्मनों और सहयोगियों को क्या संदेश देता है, तो उन्होंने कहा, 'यह विजय और शक्ति का संदेश देता है।' व्हाइट हाउस ने भी एक्स पर एक पोस्ट में इस घोषणा को साझा किया। 'डिपार्टमेंट ऑफ वॉर' की ओर से जारी एक वीडियो में पीट हिगसेथ ने एक इंटरव्यू में कहा, 'हमने प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध रक्षा मंत्रालय से नहीं, बल्कि युद्ध मंत्रालय से जीते थे।' वीडियो में अमेरिकी सेना के कई पहलुओं को भी प्रदर्शित किया गया। 


जॉर्ज वाशिंगटन ने की थी डिपार्टमेंट ऑफ वॉर की स्थापना
गौरतलब है कि 'डिपार्टमेंट ऑफ वॉर' की स्थापना मूल रूप से राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन ने सेना के गठन के समय की थी। बाद में 1949 में राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने सैन्य ढांचे में बड़े बदलाव किए और इसका नाम बदलकर 'डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस' कर दिया। ट्रूमैन ने 1947 में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत नौसेना विभाग, नवगठित वायु सेना विभाग और थल सेना विभाग (जो पहले वॉर डिपार्टमेंट था) को एक असैन्य रक्षा मंत्री के नेतृत्व में राष्ट्रीय सैन्य प्रतिष्ठान में मिला दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगस्त 1949 में इस प्रतिष्ठान का नाम बदलकर रक्षा मंत्रालय कर दिया गया। इसी अधिनियम ने सैन्य योजना और रणनीति पर राष्ट्रपति के सलाहकार निकाय के रूप में ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ का भी गठन किया। 

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हेगसेथ ने पहले नौसेना के तेलवाहक जहाज का भी बदला था नाम
रिपोर्ट के मुताबिक, यह नवीनतम कदम पुरानी सैन्य परंपराओं को बहाल करने के पीट हेगसेथ के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने बाइडन प्रशासन के समय हटाए गए कॉन्फेडरेट नेताओं के नामों को फोर्ट ब्रैग और फोर्ट हूड जैसी सैन्य छावनियों पर दोबारा बहाल किया है, हालांकि अब इन्हें आधिकारिक रूप से अलग व्यक्तियों के नाम पर रखा गया है। जून में, हेगसेथ ने नौसेना के एक तेलवाहक जहाज का नाम भी बदल दिया था, जिसे पहले समलैंगिक अधिकार कार्यकर्ता और नौसेना के पूर्व सैनिक हार्वे मिल्क के नाम पर रखा गया था।

 

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