{"_id":"603a3fedddc21013f5795abc","slug":"democratic-party-mps-are-criticising-us-president-joe-biden-after-allowing-airstrikes-on-syria","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीरिया पर हमला करके अपनी ही पार्टी में घिर गए जो बाइडन, डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सांसदों ने की आलोचना","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
सीरिया पर हमला करके अपनी ही पार्टी में घिर गए जो बाइडन, डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सांसदों ने की आलोचना
Sat, 27 Feb 2021 06:19 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Sat, 27 Feb 2021 06:19 PM IST
सार
डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर टिम कैन ने कहा- कांग्रेस की मंजूरी के बिना सैनिक हमला संवैधानिक नहीं है। सिर्फ असाधारण स्थितियों में ऐसा किया जा सकता है...
विज्ञापन
जो बाइडन (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीरिया पर हवाई हमलों की इजाजत देने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन अब अपनी पार्टी में आलोचना का शिकार हो गए हैं। इसके अलावा कई कानून विशेषज्ञों ने भी बाइडन के इस निर्णय पर कड़े सवाल उठाए हैं। इन जानकारों का कहना कि इन हमलों का कोई वैधानिक आधार नहीं था।
विज्ञापन
दो रोज पहले बाइडन प्रशासन ने एलान किया कि अमेरिका ने सीरिया में ईरान समर्थित दो हथियारबंद गुटों के ठिकानों पर बमबारी की है। इस दौरान 500 पाउंड के बम गिराए गए। बाइडन प्रशासन ने कहा कि इन हथियारबंद गुटों ने इराक में इर्बिल के पास अमेरिकी फौज पर हमला किया था। इसका बदला लेने के लिए ये कार्रवाई की गई।
विज्ञापन
लेकिन इस कार्रवाई की डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सांसदों ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका का सीरिया के साथ युद्ध नहीं चल रहा है। कांग्रेस (अमेरिकी संसद) ने किसी हमले की अनुमति नहीं दी थी। इन सांसदों का कहना है कि इस रूप में बाइडन ने गैर कानूनी हमलों की इजाजत दी।
विज्ञापन
डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर टिम कैन ने कहा- ‘कांग्रेस की मंजूरी के बिना सैनिक हमला संवैधानिक नहीं है। सिर्फ असाधारण स्थितियों में ऐसा किया जा सकता है।’ टिम कैन ने कहा कि अमेरिकी संविधान के मुताबिक युद्ध की घोषणा करने का अधिकार सिर्फ कांग्रेस को है। राष्ट्रपति ऐसा नहीं कर सकते।
हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य रो खन्ना ने कहा कि राष्ट्रपति ने जिन सैनिक हमलों की इजाजत दी, वह किसी रूप में उचित नहीं है। इसी सदन की सदस्य इलहान उमर ने ह्वाइट हाउस की मौजूदा प्रेस सचिव जेन साकी के एक 2017 के ट्विट का हवाला दिया, जिसमें साकी ने सीरिया पर हमले के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले की आलोचना की थी। तब उन्होंने पूछा था- ‘हमले की कानूनी वैधता क्या है। सीरिया एक संप्रभु देश है।’ इसे एक महत्त्वपूर्ण सवाल बताते हुए इलहान उमर ने साकी के उस ट्वीट को री-ट्विट किया।
ट्रंप ने 2018 में जब सीरिया पर हमले की इजाजत दी थी, तब उस पर मौजूदा उप राष्ट्रपति और तत्कालीन सीनेटर कमला हैरिस ने भी सवाल उठाए थे। इसका भी हवाला आलोचकों ने अब दिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने बाइडन प्रशासन की इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है कि ईरान समर्थिक गुटों ने अमेरिकी सैनिकों के लिए खतरा पैदा किया, इसलिए अमेरिका ने अपनी रक्षा में ये कार्रवाई की।
कुछ विश्लेषकों ने ध्यान दिलाया है कि हालांकि युद्ध के बारे फैसला लेने का अधिकार कांग्रेस को है, लेकिन कांग्रेस ने दशकों से अपनी ये जिम्मेदारी नहीं निभाई है। उन्होंने ध्यान दिलाया है कि कोरिया और वियतनाम में अमेरिका ने बिना कांग्रेस की मंजूरी के युद्ध लड़ा। 2001 में अफगानिस्तान पर हमले के लिए पास विधेयक में मौजूद कई खामियों की लगातार चर्चा होती रही है।
लेकिन 2019 में कांग्रेस ने अपना युद्ध संबंधी अधिकार वापस पाने की कोशिश की। तब कांग्रेस ने युद्ध अधिकार प्रस्ताव पारित किए, जिसके जरिए यमन में अमेरिकी सेना भेजने के ट्रंप प्रशासन के इरादे को नाकाम कर दिया गया। अब डेमोक्रेट सांसदों ने कहा है कि जो नियम ट्रंप प्रशासन के लिए बने, वे बाइडन प्रशासन पर भी लागू होते हैं।
इंडियाना स्थित नोट्रे डेम यूनिवर्सिटी में कानून की प्रोफेसर मेरी एलन ओ’कॉनेल ने वेबसाइट वॉक्स से कहा कि इस हमले कि इजाजत देने के पहले बाइडन प्रशासन को कांग्रेस के पास जाना चाहिए था। वहां कोई फौरी खतरा नहीं था, जिसे टालने के लिए तुरंत कार्रवाई की जरूरत थी।
डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर क्रिस मर्फी ने शुक्रवार को कहा- ऐसी जवाबी सैनिक कार्रवाइयां जो फौरी खतरे को टालने के लिए नहीं हैं, वे कांग्रेस के सैन्य कार्रवाई अधिकृत करने संबंधी नियमों के दायरे में आती हैं। कांग्रेस को इस मामले में मौजूदा प्रशासन पर वही मानदंड लागू करने चाहिए, जो उसने पिछले प्रशासन पर किए थे।
हवाई हमलों का एलान करते वक्त अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के प्रवक्ता यह नहीं बता पाए थे कि आखिर सीरिया या इराक में अमेरिकी सेनाओं के लिए क्या तात्कालिक खतरा पैदा हो गया था। उन्होंने सिर्फ यह कहा कि ये हमले भविष्य में अमेरिकियों पर ईरान के हमलों को रोकने के लिए किए गए हैं।
इसके बाद अमेरिका के प्रगतिशील हलकों में इस कार्रवाई की आलोचना शुरू हो गई। लेकिन राष्ट्रपति बाइडन के लिए ज्यादा असहज स्थिति अपनी डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर हुई आलोचना से पैदा हुई है।