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Study: गर्भनाल काटने में देरी से घट सकती है नवजात मृत्युदर, इस तरह बढ़ाई जा सकती है जीवन की संभावना

Thu, 16 Nov 2023 07:44 AM IST
यशोधन शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: यशोधन शर्मा Updated Thu, 16 Nov 2023 07:44 AM IST
सार

एनएचएमआरस की शोधकर्ता डॉ. अन्ना लेने सीडलर कहती हैं, दुनिया भर में, हर साल लगभग 1.3 करोड़ बच्चे समय से पहले पैदा होते हैं और जन्म के कुछ समय बाद ही लगभग 10 लाख बच्चे मर जाते हैं।

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Delay in cutting umbilical cord can reduce neonatal mortality, in this way life chances can be increased
नवजात - फोटो : Social Media

विस्तार

जन्म के तुरंत बाद गर्भनाल काटना सामान्य बात है, जबकि गर्भनाल को तुंरत बाद न काटने से नवजात मृत्यु दर के जोखिम को आधा किया जा सकता है। इस बात का खुलासा द लांसेट में प्रकाशित एक अध्ययन रिपोर्ट में हुआ है।

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ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय स्वास्थ्य और चिकित्सा अनुसंधान परिषद (एनएचएमआरसी) की दो शोधकर्ताओं डॉ. अन्ना लेने सीडलर और प्रोफेसर लिसा एस्की की शोध रिर्पोट के अनुसार यदि गर्भनाल काटने में देरी की जाए, तो इससे बच्चे के शरीर में रक्त की मात्रा में वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा ब्लड प्लेटेलेट्स में आयरन का स्तर बढ़ता है। यही नहीं गर्भनाल के देरी से कटने के कारण शिशु के शरीर में रेड ब्लड सेल्स 60 फीसदी तक बढ़ जाते हैं, जबकि वॉल्यूम में 30 फीसदी तक का इजाफा होता है। एजेंसी
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समय से पहले जन्म लेते हैं 1.3 करोड़ बच्चे
एनएचएमआरस की शोधकर्ता डॉ. अन्ना लेने सीडलर कहती हैं, दुनिया भर में, हर साल लगभग 1.3 करोड़ बच्चे समय से पहले पैदा होते हैं और जन्म के कुछ समय बाद ही लगभग 10 लाख बच्चे मर जाते हैं। नए निष्कर्ष बताते हैं कि गर्भनाल काटने में 2 मिनट या उससे देर तक या उससे अधिक समय तक इंतजार करने के बाद समय से पहले जन्मे बच्चों की जान बचाने में मदद मिलती है।
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9000 बच्चों के 60 क्लिनिकल
डॉ. सीडलर की टीम ने पहले पेपर में करीब 9000 से अधिक बच्चों के 60 क्लिनिकल परिक्षण डेटा को शामिल किया। इसमें देखा गया कि जन्म के 30 सेकंड बाद या उससे अधिक समय के बाद गर्भनाल को काटा गया तो समय से पहले जन्म लेने वाले शिशुओं में मृत्यु का जोखिम उन लोगों की तुलना में एक तिहाई कम हो गया, जिनकी गर्भनाल को जन्म के तुरंत बाद काटा गया था।


बढ़ जाती है जीवन की संभावना
प्रोफेसर लिसा एस्की की टीम ने दूसरे पेपर में 47 क्लिनिकल परीक्षणों के डेटा का विश्लेषण किया, जिसमें 6,094 बच्चे शामिल थे। इसमें शोधकर्ताओं ने पाया कि गर्भनाल को कम से कम दो मिनट इंतजार के बाद काटने से नवजात बच्चे की मृत्यु दर को न सिर्फ कम किया जा सकता है बल्कि जन्म के तुरंत बाद मृत्यु रोकने की संभावना 91 प्रतिशत बढ़ जाती है। इस शोध से चिकित्सा जगत को नवजात शिशुओं को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।

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