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WHO Report: कोविड महामारी के दौरान टीबी से होने वाली मौतों में भी हुई बढ़ोत्तरी, WHO की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Sat, 29 Oct 2022 05:52 PM IST
शैलजा श्रीवास्तव यूएन हिंदी समाचार
यूएन हिंदी समाचार Published by: शैलजा श्रीवास्तव Updated Sat, 29 Oct 2022 05:52 PM IST
सार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरूवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान तपेदिक (Tuberculosis) से होने वाली मौतों की संख्या और संक्रमण के मामलों में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है क्योंकि महामारी के कारण उपचार और सहायक सेवाओं तक पहुंच बाधित हुई।
 

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Deaths because of TB also increased during the Covid epidemic, reveals WHO report
कोविड-19 महामारी के प्रभावों से, तपैदिक (TB) का मुकाबला करने के प्रयासों पर भी प्रतिकूल असर पड़ा और - फोटो : WHO

विस्तार

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2021 में, दुनिया भर में अनुमानतः एक करोड़ 6 लाख लोग टीबी से पीड़ित हुए जोकि वर्ष 2020 की तुलना में 4.5 प्रतिशत वृद्धि थी और टीबी से लगभग 16 लाख लोगों की मौत हुई, जिनमें एक लाख 87 हजार मरीज एचआईवी संक्रमण से भी ग्रसित थे।
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इस अवधि में ड्रग रेजिस्टेंट टीबी (DR-TB) में भी तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली। साथ ही, एंटीबायोटिक रिफाम्पिसिन रेजिस्टेंट टीबी (RR-TB) से संक्रमित लगभग साढ़े चार लाख नए मामले भी सामने आए। पिछले कई वर्षों में यह ऐसा पहला मौका है जब टीबी से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई।

महामारी से सबक

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टेडरोस अदनहोम गेब्रेहेसुस ने कहा कि महामारी ने अगर हमें कुछ सिखाया है, तो वह है एकजुटता, दृढ़ संकल्प, नवाचार और उपकरणों के समतापूर्ण प्रयोग से हम गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से भी पार पा सकते हैं। आइए, इसी अनुभव को टीबी पर भी लागू करें। अब सही समय है कि हम लंबे समय से चली आ रही इस जानलेवा बीमारी पर पूर्ण विराम लगाएं। उन्होंने कहा कि हम एकजुटता के साथ काम करके, टीबी का खात्मा कर सकते हैं।


गौरतलब है कि तपैदिक (TB), कोविड-19 महामारी के बाद, दुनिया में सबसे ज्यादा मौतों के लिए जिम्मेदार संक्रामक बीमारी है। यह एक बैक्टीरिया से फैलती है जो सबसे ज्यादा फेफड़ों को प्रभावित करती है। पर इसकी रोकथाम संभव है और उपचार भी किया जा सकता है। कोविड-19 महामारी के दौरान तमाम स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थीं, मगर इस प्रभाव से टीबी का मुकाबला करने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष रूप से व्यापक असर पड़ा। यह स्थिति यूरोप, अफ्रीका और मध्य पूर्व में जारी संघर्षों के कारण और बदतर हुई है।

रोग की पहचान और उपचार में कमी

नवीनतम वैश्विक टीबी रिपोर्ट के अनुसार, इसके संक्रमण के नए मामलों में गिरावट देखी गई है। जो वर्ष 2019 में 71 लाख थे, मगर 2020 में इनकी संख्या घटकर 58 लाख रही। हालांकि वर्ष 2021 के दौरान आंशिक बेहतरी हुई और नए संक्रमण के मामलों की संख्या 64 लाख रही। यह कोविड-19 महामारी शुरू होने से पहले के स्तर से फिर भी कम थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि इन कटौतियों से पता चलता है कि टीबी के संक्रमण से प्रभावित होने वाले और उपचार से वंचित रहने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। जिसके परिणामस्वरूप टीबी से होने वाली मौतें की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। साथ ही समुदाय स्तर पर संक्रमण फैलने में भी बढ़ोत्तरी हुई है। परिणामस्वरूप और अधिक लोग इस बीमारी से संक्रमित हो रहे हैं। टीबी का मुकाबला करने वाली अनिवार्य सेवाओं पर वैश्विक धन खर्च भी कम होता जा रहा है। वर्ष 2019 में यह रकम 6 अरब डॉलर थी जो वर्ष 2021 में घटकर 5.4 अरब हो गई।

तत्काल उपायों की जरूरत 

इस बाधित प्रगति के बीच, कुछ सुखद समाचार भी हैं और रिपोर्ट में कुछ प्रगतियों के दस्तावेज भी शामिल किए गए हैं। वैश्विक स्तर पर वर्ष 2018 और 2022 के दौरान, टीबी के दो करोड़ 63 लाख मरीजों का उपचार किया गया। हालांकि यह संख्या इन चार वर्षों के लिए रखे गए 4 करोड़ के लक्ष्य से बहुत कम रही। रिपोर्ट में देशों से टीबी का मुकाबला करने के लिए अनिवार्य कारगर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बहाल करने के लिए तत्काल उपाय करने की जरूरत को भी रेखांकित किया गया है। रिपोर्ट में टीबी महामारी को प्रभावित करने वाले वृहत्तर कारकों पर ध्यान देने के लिए संसाधन निवेश और कार्रवाई बढ़ाने का भी आह्वान किया गया है। साथ ही नए निदानों, औषधियों और वैक्सीन्स की जरूरत की महत्ता को भी रेखांकित किया गया है। डब्ल्यूएचओ 2023 की शुरुआत में एक उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन बुलाएगा, ताकि कोरोना महामारी से सबक लेकर वैक्सीन के विकास को तेज किया जा सके।

(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)
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