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US: अमेरिकी सेना का जवान था टेस्ला साइबरट्रक विस्फोट में मरने वाला शख्स, जर्मनी से लौटा था वापस
Thu, 02 Jan 2025 11:33 PM IST
राहुल कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 02 Jan 2025 11:33 PM IST
सार
Cybertruck driver: सेना के अनुसार टेस्ला साइबरट्रक के विस्फोट में मरने वाला व्यक्ति मैथ्यू लिवेल्सबर्गर सेना के रॉयल ग्रीन बेरेट्स का सदस्य था, जो विशेष बल इकाई और गुरिल्ला युद्ध विशेषज्ञ था।
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टेस्ला साइबरट्रक विस्फोट
- फोटो : ANI
विस्तार
डोनाल्ड ट्रंप के लास वेगास होटल के बाहर टेस्ला साइबरट्रक के विस्फोट में मरने वाला व्यक्ति अमेरिकी सेना का जवान था। अमेरिका के कानून विभाग के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को इस बारे में पुष्टि की। जवान की पहचान मैथ्यू लिवेल्सबर्गर के तौर पर हुई है।
सेना के अनुसार लिवेल्सबर्गर सेना के रॉयल ग्रीन बेरेट्स का सदस्य था, जो विशेष बल इकाई और गुरिल्ला युद्ध विशेषज्ञ था। बता दें कि ग्रीन बेरेट्स दल गैरपरंपरागत तकनीकों का इस्तेमाल करके विदेशों में आतंकवादियों का मुकाबला करने के लिए काम करते हैं। मैथ्यू हाल ही में जर्मनी से छुट्टी पर अमेरिका लौटा था।
एपी की रिपोर्ट में तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि 37 वर्षीय मैथ्यू लिवेल्सबर्गर कोलोराडो निवासी था और सेना की 10वीं एसएफजी के साथ जर्मनी में सेवारत था। रिपोर्ट के मुताबिक, उसने फोर्ट ब्रेग बेस पर भी समय बिताया था। यह उत्तरी कैरोलिना में स्थित एक विशाल बेस है।
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क्या था मामला
गुरुवार को साइबर ट्रक में आग लगने की सूचना पुलिस को सुबह 8.40 के बाद मिली थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो साइबर ट्रक आग की लपटों में घिर चुका था। साइबर ट्रक के भीतर एक व्यक्ति का शव मिला था। एफबीआई इस घटना की जांच कर रही है। अमेरिकी जांच अधिकारियों के अनुसार, साइबर ट्रक में पटाखे, गैस टैंक और कैंपिंग फ्यूल थे, जिनमें आग लगी और ये तीनों एक ही डेटोनेशन सिस्टम से जुड़े थे, जिसका कंट्रोल ड्राइवर के पास था।
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सेना के अनुसार लिवेल्सबर्गर सेना के रॉयल ग्रीन बेरेट्स का सदस्य था, जो विशेष बल इकाई और गुरिल्ला युद्ध विशेषज्ञ था। बता दें कि ग्रीन बेरेट्स दल गैरपरंपरागत तकनीकों का इस्तेमाल करके विदेशों में आतंकवादियों का मुकाबला करने के लिए काम करते हैं। मैथ्यू हाल ही में जर्मनी से छुट्टी पर अमेरिका लौटा था।
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एपी की रिपोर्ट में तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि 37 वर्षीय मैथ्यू लिवेल्सबर्गर कोलोराडो निवासी था और सेना की 10वीं एसएफजी के साथ जर्मनी में सेवारत था। रिपोर्ट के मुताबिक, उसने फोर्ट ब्रेग बेस पर भी समय बिताया था। यह उत्तरी कैरोलिना में स्थित एक विशाल बेस है।
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क्या था मामला
गुरुवार को साइबर ट्रक में आग लगने की सूचना पुलिस को सुबह 8.40 के बाद मिली थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो साइबर ट्रक आग की लपटों में घिर चुका था। साइबर ट्रक के भीतर एक व्यक्ति का शव मिला था। एफबीआई इस घटना की जांच कर रही है। अमेरिकी जांच अधिकारियों के अनुसार, साइबर ट्रक में पटाखे, गैस टैंक और कैंपिंग फ्यूल थे, जिनमें आग लगी और ये तीनों एक ही डेटोनेशन सिस्टम से जुड़े थे, जिसका कंट्रोल ड्राइवर के पास था।