फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Crisis for Sikh heritage in Pakistan?: Bulldozer used on 200-year-old Gurdwara; SGPC expresses displeasure.

पाकिस्तान में सिख विरासत पर संकट?: 200 साल पुराने गुरुद्वारे पर चला बुलडोजर, एसजीपीसी ने जताई नाराजगी

Sat, 29 Aug 2026 11:33 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Sat, 29 Aug 2026 11:33 AM IST
सार

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में 200 साल पुराने गुरुद्वारे को गिरा दिया गया है। इसकी जगह शॉपिंग मॉल बनाने की तैयारी है। वहीं,  भाजपा नेता आरपी सिंह ने इसे सिख विरासत का अपमान बताता है। आईए जानते हैं उन्होंने भारत सरकार से क्या अपील की। 

विज्ञापन
Crisis for Sikh heritage in Pakistan?: Bulldozer used on 200-year-old Gurdwara; SGPC expresses displeasure.
पाकिस्तान में 200 साल पुराने गुरुद्वारा तोड़ा गया। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

 पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एक ऐतिहासिक गुरुद्वारे को गिरा दिया गया है, जिससे सिख समुदाय में भारी नाराजगी है। 200 साल पुराने श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे की जगह अब एक शॉपिंग मॉल बनाया जा रहा है।
विज्ञापन

इस कदम की काफी आलोचना हो रही है। वहीं, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इसे गिराए जाने का विरोध किया है, लेकिन अधिकारियों ने उनकी आपत्तियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
विज्ञापन


भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने क्या कहा? 
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने सोशल मीडिया पर इस मामले की जानकारी दी। एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान सिख काउंसिल के अनुसार, यह घटना पाकिस्तान में सिख धार्मिक विरासत को सुनियोजित तरीके से नष्ट करने और धीरे-धीरे खत्म करने का एक और चिंताजनक उदाहरण है।
विज्ञापन
विज्ञापन


'गुरुद्वारे को गिराना सिख विरासत का अपमान है’
आरपी सिंह ने कहा कि गुरुद्वारा सिर्फ कोई इमारत या जमीन का टुकड़ा नहीं है। यह सिख इतिहास, आस्था, संघर्षों और बलिदानों से जुड़ी एक पवित्र जगह है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे को गिराकर उसकी जगह कमर्शियल प्रॉपर्टी बनाना सिख विरासत और धार्मिक भावनाओं का गंभीर अपमान है।

बलूचिस्तान में अभी कितने गुरुद्वारे हैं? 
सिख समुदाय की रिपोर्टों से पता चलता है कि बलूचिस्तान में कभी 12 गुरुद्वारे हुआ करते थे, लेकिन आज सिर्फ दो ही बचे हैं। खबर है कि पूरे पाकिस्तान में ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थलों की संख्या भी घट रही है।


आरपी सिंह ने विदेश मंत्रालय से क्या अपील किया? 
  •  वह तुरंत पाकिस्तानी सरकार के सामने यह मामला उठाए और इस तोड़-फोड़ की पूरी और निष्पक्ष जांच की मांग करे।
  •  गुरुद्वारे की जमीन पर किसी भी तरह के कमर्शियल निर्माण को तुरंत रोकने की भी मांग की। 
  •  अधिकारियों से कहा कि वे ऐतिहासिक गुरुद्वारा परिसर के पुनर्निर्माण, संरक्षण और बहाली को सुनिश्चित करें।
  •  अकाल तख्त के जत्थेदार से मामले पर ध्यान देने का आग्रह किया। 

उन्होंने कहा कि आज ऐतिहासिक गुरुद्वारों को ध्वस्त किया जाता है और कल उनके स्थान पर मॉल बनाए जाते हैं, तो दुनिया को चुप नहीं रहना चाहिए। यह सिख इतिहास, विरासत और पहचान की रक्षा का मामला है। यह निशान साहिब और गुरु साहिबान की पवित्र स्मृति को संरक्षित करने का मामला है। विदेश मंत्रालय को हस्तक्षेप करना चाहिए। पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed