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संकट : 25 शहर धरती की फिजा में घुल रही 52 प्रतिशत जहरीली हवा के जिम्मेदार, 23 अकेले चीन से
Tue, 13 Jul 2021 07:32 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, लंदन
एजेंसी, लंदन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 13 Jul 2021 07:32 AM IST
सार
- 53 देशों के 167 शहरों पर हुए अध्ययन की रिपोर्ट में वैज्ञानिकों का दावा
- जहरीली गैसों के उत्सर्जन की प्रमुख वजह मेगासिटी भी हैं
- विश्व में अकेले चीन के 23 शहर प्रदूषण व ग्रीनहाउस गैस उत्पन्न करते हैं
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प्रदूषण
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विस्तार
विश्व के 25 शहर धरती की फिजा में घुल रही करीब 52 प्रतिशत ग्रीनहाउस गैसों और जहरीली हवाओं के लिए जिम्मेदार हैं। इनमें से 23 शहर अकेले चीन के हैं। बाकी दो शहर मास्को और टोक्यो हैं। विश्व के दूसरे क्षेत्रों का विश्लेषण करते हुए यह रिपोर्ट सोमवार को अध्ययनकर्ताओं ने दी। इसे फ्रंटियर और सस्टेनेबल सिटी जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
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53 देशों के 167 शहरों पर हुए अध्ययन की रिपोर्ट में वैज्ञानिकों का दावा
अध्ययन में भारत सहित 53 विकसित और विकासशील देशों के शहर हैं। इसमें यह भी साफ किया गया है कि प्रति व्यक्ति के लिहाज से ग्रीनहाउस उत्सर्जन देखें तो विकासशील के मुकाबले विकसित देशों के शहर कहीं आगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार जहां चीन सबसे अधिक उत्सर्जन जिम्मेदार है वहीं अमेरिका और यूरोपीय संघ और भारत से भी बड़े स्तर पर योगदान हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि अगर अब भी हमने इसे रोकने के लिए कदम नहीं उठाया तो जलवायु परिवर्तन को कोई नहीं रोक सकेगा।
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महानगर बने आफत
विशेषज्ञों ने कहा, उत्सर्जन की प्रमुख वजह मेगासिटी भी बन रहे हैं। यहां अनियंत्रित औद्योगिकीकरण रोकना अधिकतर देशों के लिए असंभव हो रहा है। 167 में से केवल 58 देशों ने उत्सर्जन कम करने के लिए तैयार किए हैं। वहीं सिर्फ 30 शहरों को ही कुछ सफलता मिली। चीन जैसे देश अपने शहरों को हर प्रकार की चीजों के उत्पादन का केंद्र बनाना चाहते हैं। वे टनों उत्सर्जन कर रहे हैं इन पर कोई नियंत्रण भी नहीं है।
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