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म्यांमार में तख्तापलट: फायरिंग में किशोरी की मौत, सैकड़ों प्रदर्शनकारी गिरफ्तार
Sun, 14 Feb 2021 07:20 AM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यंगून
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यंगून
Published by: Amit Mandal
Updated Sun, 14 Feb 2021 07:20 AM IST
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म्यांमार में रोक के बावजूद लोग लगातार कर रहे हैं प्रदर्शन
- फोटो : सोशल मीडिया
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म्यांमार में तख्तापलट के बाद विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला लगातार तेज होता जा रहा है। इसके साथ ही आंदोलनकारियों को कुचलने के लिए सेना सड़कों पर उतर आई है। यंगून मे सेना ने प्रदर्शनकारियों को लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के बल पर तितर-बितर किया। सेना की फायरिंग में एक किशोरी मारी गई है।
गोलीबारी में कुछ पांच छात्र घायल हुए हैं। इनमें से माम्य खाइंग को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया। 9 फरवरी को प्रदर्शन के दौरान सेना ने उन्हें सिर में गोली मारी थी। सेना का कहना है कि वह रबर की गोलियां उपयोग कर रही है, लेकिन घायलों को लगी गोलियां असली पाई गई।
यंगून में सेना ने प्रदर्शनकारियों को बलप्रयोग कर खदेड़ दिया। 326 लोकतंत्र समर्थकों को गिरफ्तार किया गया। तख्तापलट के खिलाफ आंदोलन पर उतरे डॉक्टरों को खास निशाना बनाया जा रहा है। नौकरशाह, सरकारी कर्मचारी, कार्यकर्ता, छात्र भी निशाने पर आ गए हैं।
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चीन ने संयुक्त राष्ट्र को कार्रवाई से रोका
संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद में ब्रिटेन व अन्य यूरोपीय संघ देशों द्वारा म्यांमार के सैन्य शासन को सू की व नेताओं की रिहाई का निर्देश देने के लिए प्रस्ताव लाया गया। चीन के नेतृत्व में रूस सहित कुछ देशों ने इसका विरोध किया। इस पर यूएन विशेषज्ञों द्वारा म्यांमार की निगरानी व सेना पर प्रतिबंधों के प्रावधान हटाकर प्रस्ताव लाना पड़ा। इसके बाद भी चीन ने प्रस्ताव से खुद को अलग रखने की घोषणा की।
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गोलीबारी में कुछ पांच छात्र घायल हुए हैं। इनमें से माम्य खाइंग को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया। 9 फरवरी को प्रदर्शन के दौरान सेना ने उन्हें सिर में गोली मारी थी। सेना का कहना है कि वह रबर की गोलियां उपयोग कर रही है, लेकिन घायलों को लगी गोलियां असली पाई गई।
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यंगून में सेना ने प्रदर्शनकारियों को बलप्रयोग कर खदेड़ दिया। 326 लोकतंत्र समर्थकों को गिरफ्तार किया गया। तख्तापलट के खिलाफ आंदोलन पर उतरे डॉक्टरों को खास निशाना बनाया जा रहा है। नौकरशाह, सरकारी कर्मचारी, कार्यकर्ता, छात्र भी निशाने पर आ गए हैं।
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चीन ने संयुक्त राष्ट्र को कार्रवाई से रोका
संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद में ब्रिटेन व अन्य यूरोपीय संघ देशों द्वारा म्यांमार के सैन्य शासन को सू की व नेताओं की रिहाई का निर्देश देने के लिए प्रस्ताव लाया गया। चीन के नेतृत्व में रूस सहित कुछ देशों ने इसका विरोध किया। इस पर यूएन विशेषज्ञों द्वारा म्यांमार की निगरानी व सेना पर प्रतिबंधों के प्रावधान हटाकर प्रस्ताव लाना पड़ा। इसके बाद भी चीन ने प्रस्ताव से खुद को अलग रखने की घोषणा की।