रूसः कोरोना के कहर से राजधानी मॉस्को हुई तबाह, मृतकों की संख्या पर घिरे पुतिन
- रूस में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,81,752 तक पहुंच गई
- संक्रमितों की संख्या के मामले में अमेरिका से मात्र एक कदम पीछे
- रूस में मौत के आंकड़े को लेकर लोग कर रहे संदेह
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दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। वायरस से निपटने के लिए सभी देशों की सरकारें हरसंभव कोशिश कर रही है। इस बीच, रूस में पिछले 24 घंटे में 9709 नए मामले सामने आए हैं। इन नए मामलों के साथ देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,81,752 तक पहुंच गई है जो कि अमेरिका के बाद दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। 24 घंटे में 94 लोगों की मौतें भी हुईं हैं जिससे मृतकों की संख्या 2631 हो गई है।
रूस की राजधानी मॉस्को की बात करें तो यहां का आंकड़ा सबसे अधिक डराने वाला है जहां कुल संक्रमितों की संख्या 142,824 हो गई है जो कि देश के कुल संक्रमितों की संख्या का आधा है। यानि कि रूस के कुल कोरोना मरीजों में आधा राजधानी मॉस्को से है। सीएनसीएन की रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस मॉस्को में तबाही मचाने के बाद अब दूरस्थ एवं बीमार क्षेत्रों में अपना पांव पसार रहा है। जो कि रूस की सरकार के लिए काफी चिंताजनक है।
रूस के 85 क्षेत्रीय प्रमुखों के साथ सोमवार को एक वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अब स्थानीय लोगों को तय करना होगा कि क्या लॉकडाउन को अब भी जारी रखना है या अर्थव्यवस्था को फिर से खोलने के लिए सावधानीपूर्वक कुछ प्रतिबंधों के साथ इसमें ढ़ील देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारा देश बहुत बड़ा है और विज्ञान के अनुसार महामारी का प्रभाव हर क्षेत्रों में अलग-अलग होता है। उन्होंने आगे कहा कि अगले चरण में हमें सावधानीपूर्वक कदम उठाने होंगे। वहीं आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अलास्का से लेकर बेरिंग जलसन्धि एवं पोलैंड और लिथुआनिया के बीच कैलिनिनग्राद एक्सक्लेव से लेकर रूस के लगभग सभी घटक भागों में महामारी पहुंच चुकी है।
मौत के आंकड़े को लेकर संदेह
हालांकि इन आधिकारिक आंकड़ों के बावजूद रूस में कोरोना से मरने वालों वालों की संख्या कम होने को लेकर लगातार लोगों ने शक भरी निगाह से देखा है और ऐसे संकेत दिए हैं कि रूस मौत के आंकड़ों को छुपा रहा है लेकिन अधिकारियों ने इससे इनकार किया और ऐसे बयानों को झूठा एवं भ्रामक बताया।
रूस में ही कई संस्था संक्रमितों एवं मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े पेश कर रहे हैं। एक वेबसाइट स्टॉपकोरोनोवायरस.आरएफ और स्थानीय सरकारी वेबसाइटों पर प्रकाशित मृत्यु दर और संक्रमितों की संख्या अलग-अलग हैं।
वहीं एक रिपोर्ट में कैलिनिनग्राद क्षेत्र ने शुक्रवार तक 13 मौतों की सूचना दी, जबकि राष्ट्र के कोरोनोवायरस मुख्यालय द्वारा मृतकों की संख्या 11 बताई गई । स्थानीय रिपोर्ट पेश करने वाली संस्था और राष्ट्रीय स्तर पर आंकड़े पेश करने वाली संस्था अपनी- अपनी रिपोर्ट को सही ठहरा रहा है।
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन सख्ती के पक्ष में
इस सप्ताह की शुरुआत में, पुतिन ने स्थानीय नेतृत्व से सलाह लेकर देश भर में प्रतिबंधों में ढील देने की घोषणा की थी लेकिन मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बाद में स्पष्ट किया कि वह लॉकडाउन को समाप्त करने की कोई जल्दी नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि प्रतिबंधों का समयपूर्व हटाने से दूसरे बार महामारी के संक्रमण का खतरा बना रहता है।
मेयर ने आगे कहा कि मॉस्को के पास उपयुक्त बजट है और हम इस बजट से कोरोना के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था वाला अस्पताल एक महीनें के अंदर इसका निर्माण करवा दिया। उन्होंने आगे कहा कि हमने लॉकडाउन को कड़ाई से पालन करवाने के लिए इलेक्ट्रोनिक पास भी जारी करवाया है।
उन्होंने आगे कहा कि यहां अब रूस में एक दिन में 40 हज़ार से अधिक लोगों के टेस्ट किए जा रहे हैं। जल्द मामलों को पकड़ना और अस्पताल में भर्ती करके इलाज शुरू करना भी रूस के लिए मददगार साबित हो रहा है जिससे बहुत ज़्यादा मौतों से भी बचा जा सका है।यूरोप के कई हिस्सों में मरने वालों की संख्या इतनी अधिक रही है कि मॉर्चरी में भी जगह नहीं रही।
बढ़ रही है बेरोजगारी
रूस में बेरोज़गारी लगातार बढ़ रही है. महामारी की शुरुआत से अब तक में बेरोज़गारी के आधिकारिक आँकड़े दोगुना हो चुके हैं। स्वतंत्र पोलिंग फर्म लेवाडा ने इस मंत्र अपने पोल में पाया कि हर चार में से एक शख़्स की नौकरी जा चुकी है या नौकरी जाने के संकट में है। एक तिहाई लोगों का वेतन कटा है या उनके काम के घंटे कम कर दिए गए हैं।