{"_id":"5e967f7d8ebc3e769a044435","slug":"coronavirus-in-america-this-is-not-the-time-to-reduce-who-resources-says-un-chief-antonio-guterres","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रंप ने रोकी डब्ल्यूएचओ की फंडिंग, यूएन महासचिव बोले- यह समय ठीक नहीं है","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
ट्रंप ने रोकी डब्ल्यूएचओ की फंडिंग, यूएन महासचिव बोले- यह समय ठीक नहीं है
Wed, 15 Apr 2020 08:59 AM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 15 Apr 2020 08:59 AM IST
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस
- फोटो : social media
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन के वित्त पोषण (फंडिंग) पर रोक लगाने की घोषणा के बाद संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि अभी डब्ल्यूएचओ के संसाधनों को कम करने का समय नहीं है क्योंकि यह संस्था अभी कोविड-19 महामारी से लड़ रही है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि ट्रंप ने मंगलवार को डब्ल्यूएचओ के फंडिंग पर रोक लगाने की घोषणा की और उस पर घातक कोरोना वायरस के प्रसार को कम करने को लेकर प्रबंधन में गंभीर गलती करने और जानकारी को छुपाने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह साथ मिलकर काम करने का समय
महामारी को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने डब्ल्यूएचओ के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि अब पीछे मुड़कर देखने का समय नहीं है और इस पर विचार करें कि इस संकट से निकलने के लिए सभी लोगों को क्या करना चाहिए। गुटेरेस ने मंगलवार को कहा, 'जैसा कि यह समय ठीक नहीं है, यह समय वायरस से निपटने में लगे विश्व स्वास्थ्य संगठन या किसी अन्य मानवीय संगठन के अभियानों के लिए संसाधनों को कम करने का भी नहीं है।’
उन्होंने कहा कि यह समय एकजुटता का है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह समय इस वायरस और इसके विनाशकारी परिणामों को रोकने के लिए एकजुटता के साथ मिलकर काम करने का है। अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार, चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में पहली बार उभरा कोरोना वायरस अब तक दुनियाभर के 19.7 लाख लोगों को संक्रमित कर चुका है और कम से कम 1,26,500 लोगों की जान ले चुका है। अकेले अमेरिका में 25,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
ट्रंप ने रोकी डब्ल्यूएचओ की फंडिंग
ट्रंप प्रशासन ने डब्ल्यूएचओ पर चीन की तरफदारी करने का आरोप लगाया है। जिसकी वजह से अमेरिका की अर्थव्यवस्था में ठहराव आ गया है। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, ‘जब तक कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने व इससे निपटने में गंभीर कुप्रबंधन और इसे छुपाने में संस्था की भूमिका का आकलन करने के लिए समीक्षा की जा रही है, तब तक मैं अपने प्रशासन को विश्व स्वास्थ्य संगठन के वित्त पोषण को रोकने का निर्देश दे रहा हूं। हर कोई जानता है कि वहां क्या हुआ है।’
चीन की तरफदारी करने का लगाया आरोप
राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका के करदाता डब्ल्यूएचओ को सालाना यूएस डॉलर 400 (लगभग 30 अरब) से 500 मिलियन (लगभग 38 अरब) की राशि देते हैं। जबकि चीन मोटे तौर पर सालाना यूएस डॉलर 40 मिलियन (लगभग तीन अरब) या उससे भी कम राशि देता है। ट्रंप का कहना है कि कोरोना के प्रकोप में अपना कर्तव्य निभाने में डब्ल्यूएचओ पूरी तरह नाकाम हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन में जब यह वायरस फैला तो संयुक्त राष्ट्र की संस्था ने उसे छुपाने की कोशिश की और इसके लिए उसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
मामले को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए: डब्ल्यूएचओ महानिदेशक
ट्रंप के अनुसार डब्ल्यूएचओ ने कोरोना महामारी को लेकर पारदर्शिता नहीं रखी और संयुक्त राष्ट्र की इस संस्था को सबसे ज्यादा फंड देने वाला अमेरिका अब इसपर विचार करेगा कि संगठन को दिए जाने वाले पैसे का क्या किया जाए। हाल ही में डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस ने कहा था कि कोविड-19 के मामले को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए।
फंडिंग रोकने पर चीन चिंतित
चीन ने बुधवार को कहा कि उसे अमेरिका के विश्व स्वास्थ्य संगठन का कोष रोकने के निर्णय को लेकर ‘काफी चिंता’ है। साथ ही उसने अमेरिका से आग्रह किया कि कोरोना वायरस के संकट के समय वह अपने दायित्वों को पूरा करे।
चीन के अधिकारी झाओ लिजीआन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, अमेरिका के निर्णय से डब्ल्यूएचओ की क्षमताएं कम होंगी और महामारी के खिलाफ अभियान में अंतरराष्ट्रीय सहयोग कम होगा।