कोरोना: स्वीडन में हर चेतावनी दरकिनार, पीएम ने नहीं किया लॉकडाउन, वैज्ञानिक बोले- तबाही की ओर जा रहे
- पीएम ने कहा-अर्थव्यवस्था बेपटरी हो जाएगी वैज्ञानिक बोले, तबाही की ओर जा रहा देश
- 4,435 संक्रमित ,108 की मौत इसके बाद भी स्कूल, कॉलेज, बाजार, सिनेमा, रेस्टोरेंट, पब खुले
- बड़ी संख्या में लोगों की न तो जांच हो रही है, न ही संदिग्धों की पहचान की जा रही है
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कोरोना वायरस के कहर को देख यूरोपीय देशों के साथ दुनिया के अन्य देशों में लॉकडाउन है। वहीं स्वीडन दुनिया का अकेला ऐसा देश है जहां वायरस के कहर के बीच सरकार ने अर्थव्यवस्था का हवाला देकर लॉकडाउन घोषित नहीं किया है।
यहां स्कूल, कॉलेज, बाजार, सिनेमा, रेस्टोरेंट, पब आदि जैसे सार्वजनिक स्थल खुले हैं। डॉक्टर और वैज्ञानिक चेता रहे हैं कि हम तबाही की ओर जा रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री का कहना है कि वायरस से लड़ने के लिए देश के हर व्यक्ति के पास भारी भरकम जिम्मेदारी है।
स्वीडन की सरकार का कहना है कि लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था बेपटरी हो जाएगी और सबकुछ तहस-नहस हो जाएगा। वहीं डॉक्टरों और वैज्ञानिकों का कहना है कि सरकार इंतजार कर रही है कि हालात ठीक हो जाएंगे और इसी का नतीजा है कि सरकार ने अब तक कोरोना को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े डॉक्टर, वैज्ञानिक और पैरामेडिकल स्टाफ लोग दहशत में हैं। वो कह रहे हैं कि हालात ऐसे ही रहे तो हम तबाह हो जाएंगे जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो पाएगी। स्वीडन में अब तक कुल 4,435 मामले सामने आ चुके हैं और 180 लोगों की मौत हो चुकी है।
हर चीज पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते: पीएम
स्वीडन के प्रधानमंत्री ने स्टीफन लॉफवेन ने लोगों से कहा है कि हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी लेनी होगी। हम हर चीज पर अंकुश या प्रतिबंध नहीं लगा सकते हैं क्योंकि ये सवाल सामान्य बुद्धिमत्ता का है। जो युवा हैं, वो अपनी जिम्मेदारी निभाएं, अफवाह न फैलाएं, कोई इस घड़ी में अकेला नहीं है। हर व्यक्ति के पास देश के प्रति भारी भरकम जिम्मेदारी है।
वायरस को हम जानलेवा बना रहे हैं
स्वीडन की कारोलिन्सका इंस्टीट्यूट की प्रो. सेसीलिया सॉडरबर्ग नॉक्लर का कहना है कि हम बहुत अधिक लोगों की जांच नहीं कर रहे हैं, न ही वायरस से संक्रमित लोगों की पहचान कर रहे हैं और न ही अधिक से अधिक लोगों को आइसोलेट कर रहे हैं। इसका मतलब है कि हम वायरस को जानलेवा बना रहे हैं जो हमें तबाही की ओर ले जाएगा।
डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की सरकार से अपील
कोरोना के भयावहता को समझने वाले डॉक्टर, वैज्ञानिक और प्रोफेसरों न सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। दो हजार डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों ने सरकार के सामने अपील दायर करते हुए इस दिशा में कड़े कदम उठाने की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि जितनी देरी इसमें होगी उतनी ही भयावहता देश की सरकार और उसकेलोगों को देखनी होगी।
50 से अधिक लोग नहीं हो सकते एकत्र
स्वीडन के प्रधानमंत्री ने स्टीफन लॉफवेन ने वायरस से बचाव के लिए एक आदेश जरूरी जारी किया जिसमें एक स्थान पर 50 से अधिक लोग एकत्र नहीं हो सकते।
इस कारण नहीं है वायरस का डर
स्वीडन के उपसाला यूनिवर्सिटी के संक्रामक रोग विभाग के प्रो. बजॉर्न ऑलसेन का कहना है कि स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में अधिकतर आबादी अकेली रहती है। हां स्वीडन के दूसरे शहरों में भीड़ है लेकिन वो सतर्क हैं जिस कारण डरने की जरूरत नहीं है। हां घर में एक साथ कई पीढ़िया रह रही हैं और बुजुर्ग अधिक हैं तो खतरा है लेकिन ऐसे परिवारों के लोग खुद से सावधानी बरतने लगे हैं।