फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   corona virus cases and fear in China children are in fear and writing their will for future

कोरोना का खौफ: चीनियों में बढ़ा मौत का डर, 18 साल के युवा भी लिखवा रहे अपनी वसीयत

Sat, 10 Apr 2021 12:10 PM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Tanuja Yadav Updated Sat, 10 Apr 2021 12:10 PM IST
सार

  • चीन के युवाओं में कोरोना वायरस संक्रमण का डर
  • कोरोना की चपेट में आने से पहले लिखवा रहे वसीयतें
  • 80 फीसदी युवाओं ने अपनी बचत की कराई वसीयतें

विज्ञापन
corona virus cases and fear in China children are in fear and writing their will for future
चीन में कोरोना वायरस (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

दुनिया में कोरोना वायरस का डर अभी भी बरकरार है। कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है और कई लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से लोगों के मन में डर बैठ गया है कि वो पता नहीं कब वो इस वायरस की चपेट में आ जाएं। 

विज्ञापन


ठीक यही हाल चीन के युवाओं का है। चीन में युवा कोरोना वायरस के डर की वजह से अपनी वसीयत लिख रहे हैं। चीन रजिस्ट्रेशन सेंटर की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर यह कहा जा रहा है कि चीन में बड़ी संख्या में युवा अपनी वसीयतें लिख रहे हैं। 
विज्ञापन


बता दें कि साल 1990 के बाद पैदा होने वाले लोगों ने साल 2019-20 के मुकाबले 60 फीसदी से ज्यादा वसीयतें लिखी हैं। यही नहींं एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि चीन में मौत के बारे में चर्चा करना टैबू माना जाता है। यह लोगों के बीच टकराव का विषय बन सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


चीन वसीयत संस्थान के निदेशक यांग यिंगवी ने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से लोगों के मन में डर बैठ गया है और उन्हें लगता है कि अगर कोरोना की चपेट में आकर उनकी मौत हो गई तो उनकी प्रॉपर्टी का क्या होगा। यही वजह है कि वो अभी से वसीयत बनवा रहे हैं। 

एजेंसी ने रिपोर्ट में दावा किया है कि शंघाई में एक 18 साल की छात्र ने सेंटर ब्रांच में पहुंचकर 20 हजार युआन यानी कि करीब दो लाख 28 हजार रुपये की अपनी वसीयत तैयार करवाई है। चीन में छात्रों का कहना है कि वह अपनी जिंदगी को बेहद गंभीरता से लेते हैं। 


चीन के छात्रों का कहना है कि वसीयत लिखना अंत नहीं है बल्कि एक नई शुरुआत है। छात्रों का कहना है कि अगर वो अभी से अपनी वसीयतें तैयार करके रखेंगे तो इससे आगे चलकर किसी की मदद हो सकती है। रिपोर्ट की माने तो 80 फीसदी युवाओं ने बचत के पैसों की वसीयत बनवाई है तो वहीं 70 फीसदी युवाओं ने जमीन-जायदाद को लेकर वसीयत तैयार करवाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed