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कोरोना वैक्सीन: एस्ट्राजेनेका और फाइजर के टीके की एक खुराक से 60 फीसदी सुरक्षा
Sat, 26 Jun 2021 09:35 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, लंदन
एजेंसी, लंदन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 26 Jun 2021 09:35 AM IST
सार
- वैज्ञानिकों ने 65 वर्ष और इससे अधिक उर्म्र के 10,412 लोगों पर किया अध्ययन
- 9160 लोगों को टीके की लग चुकी एक डोज
- 3022 को फाइजर और 6138 को एस्ट्राजेनेका टीके की लगी खुराक
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Astrazeneca
- फोटो : social media
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विस्तार
कोरोना की चपेट में आने से बचने के लिए एस्ट्राजेनेका और फाइजर के टीके की एक डोज कारगर है। लैंसेंट में प्रकाशित शोध के अनुसार दोनों टीके की एक डोज से 65 और इससे अधिक उम्र के लोगों को संक्रमण से 60 फीसदी बचाव संभव है।
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यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने केयर्स होम और वृद्धाश्रमों में रहने वाले लोगों पर अध्ययन के बाद ये दावा किया है। शोध डेल्टा वैरिएंट के आने से पहले का है।
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65 और इससे अधिक उम्र के लोगों पर एक डोज का बेहतर प्रभाव
वैज्ञानिकों ने 65 वर्ष और इससे अधिक उर्म्र के 10,412 लोगों पर अध्ययन के बाद ये दावा किया है। अध्ययन में शामिल सभी लोगों को पहले कोरोना हो चुका था। वैज्ञानिकों के अनुसार इसमें से 9160 लोगों को टीके की एक डोज लग चुकी थी।
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इसमें से 3022 को फाइजर और 6138 को एस्ट्राजेनेका टीके की खुराक लगी थी। वैज्ञानिकों ने देखा कि टीका लगवाने के बाद 28 से 34 दिन बाद संक्रमण का खतरा 56 फीसदी कम था। इसी तरह 35 से 48 दिन बाद ये दर बढ़कर 62 फीसदी हो गई थी।
संक्रमण फैलने का भी खतरा कम
वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि एस्ट्राजेनेका टीके की एक डोज बुजुर्ग लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की संभावना को कम करती है। यही नहीं एक डोज लगवाने के बाद वृद्धाश्रमों में संक्रमण फैलने का भी खतरा कम रहता है। वैज्ञानिक इस आधार पर अब टीके की दूसरी डोज के प्रभाव को जानने में लग गए हैं कि कैसे वो बुजुर्गों के लिए फायदेमंद है।