फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Corona Vaccination third dose is being administered to protect those suffering from problem of immunity

टीकाकरण: इम्युनिटी की समस्या से जूझने वाले बचाव के लिए लगवा रहे तीसरी डोज

Tue, 06 Jul 2021 07:39 AM IST
देव कश्यप न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन Published by: देव कश्यप Updated Tue, 06 Jul 2021 07:39 AM IST
सार

  • मॉडर्ना अंग प्रत्यारोपण के 120 मरीजों पर तीसरी डोज का परीक्षण करेगी
  • फाइजर 180 वयस्कों व 180 बच्चों पर करेगी तीसरी खुराक का परीक्षण
  • मंथन : क्या कमजोर रोग प्रतिरोधक तंत्र वालों को तीसरी डोज लगनी चाहिए
  • मुश्किल : अंग प्रत्यारोपण के साथ अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों में दो डोज के बाद भी नहीं दिखी एंटीबॉडीज, तीसरे और चौथी खुराक से उम्मीद।

विज्ञापन
Corona Vaccination third dose is being administered to protect those suffering from problem of immunity
इम्युनिटी की समस्या (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

विस्तार

कोरोना महामारी के प्रकोप को बढ़ते देख दुनिया टीके की बूस्टर डोज पर मंथन कर रही है। वहीं कुछ देशों में रोग प्रतिरोधक तंत्र (इम्युनिटी) से जूझने वाले लोगों में एंटीबॉडीज न बनने के कारण टीके की तीसरी डोज देने की नौबत आ गई है। फ्रांस कैंसर मरीजों के साथ अन्य इम्यून संबंधी तकलीफ वाले मरीजों को तीसरी डोज दे रहा है। अमेरिका में ऐसे मरीज खुद से तीसरी डोज लगवा रहे हैं।

विज्ञापन


फाइजर की दो डोज पर एंटीबॉडीज नहीं
ऑरेगन की रहने वाली एस्थर जोन्स (44) का 2010 में किडनी प्रत्यारोपण हुआ था। फाइजर टीके की दो डोज लगने के बाद भी उनमें एंटीबॉडीज नहीं बनी, तीसरी डोज में मॉडर्ना का टीका लगा। रक्त जांच में एंटीबॉडीज का स्तर तो दिखा लेकिन एक स्वस्थ व्यक्ति में बनने वाली एंटीबॉडीज की तुलना ये काफी कम था। अब चौथे डोज से उम्मीद है कि पर्याप्त एंटीबॉडीज बनेंगी और संक्रमण से बचाव होगा।
विज्ञापन


गंभीर रोग से ग्रसित मरीजों में मामले अधिक
ब्रॉक्स के मॉन्टेफियोर मेडिकल सेंटर के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. बलाज्स हालमोस बताते हैं कि उन्होंने अपने अध्ययन में पाया है कि अंग प्रत्यारोपण वाले मरीजों को बूस्टर डोज की जरूरत पड़ती है। इसी तरह कैंसर के कुछ मरीजों में भी वैक्सीन असर नहीं करती है। वह बताते हैं कि अनुमान है कि पांच फीसदी आबादी इम्युनोकॉम्प्रोमाइज्ड है जिसका कारण कैंसर, अंग प्रत्यारोपण, क्रॉनिक लिवर डिसीज, किडनी फेल, डायलिसिस के मरीजों के साथ कुछ दवाएं जैसे रितुक्जान, स्टेरॉयड और मेथोट्रेक्सेट 50 लाख लोग लेते हैं। इनका इस्तेमाल करने वाले लोगों में भी टीके का प्रभाव कम देखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये पता करना मुश्किल किसे अधिक डोज चाहिए...
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के गठिया रोग विशेषज्ञ डॉ. जोस यू स्केर बतातेे हैं कि ऐसे लोगों पर टीका कम असर कर सकता है। हालांकि अभी ये पता लगाना नामुमकिन है की किसे टीके की दो डोज के बाद अतिरिक्त डोज की जरूरत पड़ सकती है। डॉ. स्केर का कहना है कि अभी कोई ऐसा भी साक्ष्य नहीं है कि इम्युनिटी कम होने के कारण शरीर में वायरस लंबे समय तक अपनी संख्या बढ़ाता है और नए वैरिएंट का रूप लेता है।

मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज भी एक विकल्प
न्यूयॉर्क के वेल कॉर्नेल मेडिसिन के वायरोलॉजिस्ट प्रो. जॉन मोरे के अनुसार जिन लोगों में टीके से एंटीबॉडीज नहीं बनी है उन्हें मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज दे सकते हैं, लेकिन अभी इसको लेकर भी बहुत कुछ स्पष्ट नहीं है। मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज उनके लिए बेहतर हो सकती है जिनमें टीके से एंटीबॉडीज नहीं बनी है, उम्मीद है कि कंपनियां इस दिशा में काम कर रही होंगी। सरकार की नीतियां मददगार साबित हो सकती हैं।

मिथोट्रेक्सेट दवा एक सप्ताह के लिए बंद करें
अमेरिकन कॉलेज ऑफ रियूमेटोलॉजी की सलाह है कि कोरोना का टीका लगवाने से एक सप्ताह पहले मिथोट्रेक्सेट दवा का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। वैज्ञानिकों का कहना है कि कमजोर इम्युनिटी वाले मरीजों को हेपेटाइटिस-बी और इन्फलुएंजा की बूस्टर डोज दी जाती है। ऐसे में कोरोना की वैक्सीन को प्रभावी और असरदार बनाने के लिए रोगी को चल रही कुछ दवाएं डॉक्टरी सलाह पर बंद की जा सकती हैं।


टीके की तीसरी डोज कारगर हो सकती है
वैज्ञानिकों का कहना है कि कई अध्ययनों में पता चला है कि पहली और दूसरी डोज के बाद जिन लोगों में एंटीबॉडीज नहीं बनी है उनमें तीसरी डोज कारगर हो सकती है। मॉडर्ना जल्द ही अंग प्रत्यारोपण करा चुके 120 मरीजों पर तीसरे डोज का परीक्षण करने की तैयारी में है। वहीं फाइजर इम्युन संबंधी तकलीफ से गुजरने वाले 180 वयस्कों और 180 बच्चों पर टीके के तीसरी डोज का परीक्षण करने की तैयारी में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed