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गरीब देशों में ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ रहे कोरोना के मरीज
Thu, 25 Jun 2020 05:49 AM IST
योगेश साहू
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन।
Published by: योगेश साहू
Updated Thu, 25 Jun 2020 05:49 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कोरोना महामारी से जूझ रहे गरीब देशों में ऑक्सीजन की कमी के कारण बड़ी संख्या में मरीज दम तोड़ रहे हैं। अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और दक्षिण एशिया के कई देशों में लचर स्वास्थ्य सेवाओं के चलते वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर व अन्य उपकरणों की भारी कमी है, जो फेफड़े फेल होने की सूरत में जान बचाने में काफी अहम होते हैं।
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अफ्रीकी देश कोंगो में मई में इंटरनेशनल मेडिकल एक्शन अलायंस (अलीमा) ने 123 कोरोना मरीजों का इलाज किया। डॉक्टर बावेने मायूम बरका ने बताया, 56 मरीजों की ऑक्सीजन की जरूरत थी, लेकिन हमारे पास आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं थे। दुर्भाग्य से 24 घंटे से भी कम समय में 70 फीसदी यानी 26 मरीजों की मौत हो गई।
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अलीमा को 40 ऑक्सीजन उपकरणों की जरूरत थी, लेकिन हमारे पास सिर्फ आठ ही उपलब्ध थे। नाइजीरिया में यूनीसेफ की स्वास्थ्य प्रमुख डॉ. संजना भारद्वाज ने कहा, इस देश में भी ऑक्सीजन सिलिंडर की बहुत कमी है। मई में लागोस और कानो में कई ऐसे बुजुर्ग रोगी आए, जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत थी। इनमें से कई की मौत हो गई।
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डबल्यूएचओ के अनुमान के मुताबिक, चाहे अमीर देश हो या गरीब कुल कोरोना मरीजों में से लगभग 15 फीसदी मरीजों गंभीर निमोनिया की चपेट में आते हैं और उन्हें अतिरिक्त ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ती है। हालांकि उनकी स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखा जाए। लेकिन गरीब देशों में तो वेंटिलेटर ही बेहद दुर्लभ है।
10 अफ्रीकी देशों में वेंटिलेटर नहीं
अफ्रीका महाद्वीप के 55 देशों में दस के पास वेंटिलेटर की सुविधा ही नहीं है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, 41 अफ्रीकी देशों में केवल दो हजार वेंटिलेटर ही काम कर रहे हैं। वहीं, एक करोड़ से ज्यादा आबादी वाले दक्षिण सूडान में पांच उपराष्ट्रपति हैं, लेकिन वेंटिलेटर महज चार ही हैं। वहीं, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में तीन और लाइबेरिया में सिर्फ छह वेंटिलेटर हैं।
अलीमा ने चलाई मुहिम
इस बीच, अलीमा ने ‘ऑक्सीजन फॉर अफ्रीका’ मुहिम चलाई है, जिसका मकसद छह गरीब देशों में करीब 500 ऑक्सीजन किट उपलब्ध कराने के लिए धन एकत्र करना है। वहीं, यूनीसेफ ने 90 देशों के लिए 16 हजार किट का ऑर्डर दिया है। फिलहाल इनमें से सिर्फ 700 ही मिल पाई हैं। डब्ल्यूएचओ ने 14 हजार किट का ऑर्डर दिया है। डब्ल्यूएचओ ने ऑक्सीजन आपूर्ति बढ़ाने के लिए करीब 250 मिलियन डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा है।