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UK Corona Alert: जनवरी में आ सकता है कोरोना का पीक, ब्रिटेन में अब सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे महामारी के आंकड़े
Mon, 26 Dec 2022 09:39 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 26 Dec 2022 09:39 PM IST
सार
ब्रिटेन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोरोना के आंकड़े सार्वजनिक करने पर रोक लगाने के फैसले के पीछे का तर्क देते हुए बताया कि कोरोना की चार लहरों के दौरान कोरोना वैक्सीन और अन्य दवाइयों के सहारे ब्रिटेन ऐसी स्थिति में पहुंच गया है जहां उसके देश के निवासियों ने वायरस के साथ रहना सीख लिया है। ऐसे में अब कोरोना के आंकड़ों को सार्वजनिक करने की कोई जरूरत महसूस नहीं हो रही।
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कोरोना के नए वैरिएंट ने चिंता बढ़ा दी है।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
चीन में फैल रहे कोरोना ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी हैं, कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि हर हफ्ते चीन में हजारों लोगों की जा रही है। इस बीच, ब्रिटेन में भी अचानक कोरोना के मामलों में तेजी दर्ज की जा रही है। ब्रिटेन के विशेषज्ञों का कहना है कि इन मामलों के जरिए कोरोना की पांचवी लहर देश में अपनी आमद दर्ज करा रही है। वहीं, कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच ब्रिटेन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि वे नए साल से कोरोना के आंकड़े पेश करना बंद कर देंगे।
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ब्रिटेन ने दिया ये तर्क
ब्रिटेन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोरोना के आंकड़े सार्वजनिक करने पर रोक लगाने के फैसले के पीछे का तर्क देते हुए बताया कि कोरोना की चार लहरों के दौरान कोरोना वैक्सीन और अन्य दवाइयों के सहारे ब्रिटेन ऐसी स्थिति में पहुंच गया है जहां उसके देश के निवासियों ने वायरस के साथ रहना सीख लिया है। ऐसे में अब कोरोना के आंकड़ों को सार्वजनिक करने की कोई जरूरत महसूस नहीं हो रही।
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वहीं, दूसरी ओर ब्रिटेन हेल्थ सिक्योरटी एजेंसी (यूकेएचएसए) ने यह भी कहा है कि देश में मौसमी बुखार जैसी अन्य बीमारियों की तरह ही कोरोना के हालात की निगरानी की जाएगी। गौरतलब है कि ब्रिटेन में इस साल अप्रैल माह से कोरोना की रिप्रोडक्टिव रेट के आंकड़ें हर दो सप्ताह बाद जारी किए जाते रहे हैं।
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जनवरी में जारी होंगे आखिरी आंकड़े
यूकेएचएसए एपडियोमोलॉजी मॉडलिंग रिव्यू ग्रुप (ईएमआरजी) के चेयरमैन डॉ. निक वॉटकिन्स ने इस बारे में बताया कि हाल के समय में की गई व्यापक समीक्षा के बाद तय किया गया है कि कोरोना के अगले आंकड़ें छह जनवरी 2023 को जारी किए जाएंगे और ये आंकड़े आखिरी होंगे।
जनवरी में कोरोना होगा अपने चरम पर
इस बीच, किंग्स कॉलेज लंदन के प्रोफेसर टिम स्पैक्टर ने दावा किया है कि कोरोना और बुखार के मामले ब्रिटेन में इस समय तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने तो यहां तक कहा है कि अगले साल की शुरुआत यानी जनवरी माह में कोरोना अपने पीक पर होगा। हालांकि जनवरी के बाद देश के कोरोना मामलों में गिरावट आएगी।
एक सप्ताह में आए 40 हजार नए मामले
गौरतलब है कि ब्रिटेन में कोरोना की जो वर्तमान स्थिति है उसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि 17 से 23 दिसंबर के बीच हफ्तेभर में देश में करीब 40 हजार नए कोरोना मामले सामने आए हैं। इस एक सप्ताह की समयावधि में 283 लोगों की मौत भी हुई है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यूके को उन 15 देशों में शामिल किया है, जहां कोरोना संक्रमण तेज गति से बढ़ रहा है।