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सिंगापुर: तमिल की जगह हिंदी में छपे पर्चे पर विवाद
Sun, 24 Mar 2019 05:35 AM IST
Avdhesh Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 24 Mar 2019 05:35 AM IST
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तमिल की जगह हिंदी में छपे पर्चे
- फोटो : Social Media
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सिंगापुर में तमिल की जगह हिंदी भाषा में पर्चे छपवाने पर विवाद हो गया। चीनी मूल के व्यवसायी ने गलती से सिंगापुर की आधिकारिक भाषाओं में से एक तमिल की जगह हिंदी में इन पर्चों को छपवाकर बंटवा दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने काफी नाराजगी जताई। ये पर्चे एक मार्केट को स्थानांतरित किए जाने के बारे में थे, लेकिन गलती से तमिल की जगह हिंदी में अनुवाद कर दिया गया।
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भारतीय मूल की महिला विजया कंडासामी ने 22 मार्च को फेसबुक पर पर्चे की फोटो पोस्ट की और लिखा कि मुझे लगता है कि देश में तमिल को पढ़ने और समझने वाले ज्यादा लोग हैं। यह कौन सी भाषा है? कृपया ऐसे व्यक्ति को अपनी टीम से हटा दें, जिसे अपने देश की आधिकारिक भाषा तक के बारे में जानकारी नहीं है। इसके अलावा कई लोगों ने मलय भाषा के अनुवाद पर भी सवाल उठाए।
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वहीं, भारतीय मूल के सांसद विक्रम नायर ने कहा कि इन पर्चों को वेट मार्केट के एक स्वतंत्र ऑपरेटर ने छापा था, जो हिंदी या तमिल नहीं बोल पाता है। उसने पर्चे छापने से पहले इसके लिए कोई आधिकारिक मंजूरी भी नहीं ली थी। हमने ऑपरेटर से संपर्क किया और वह अपनी गलती पर बेहद शर्मिंदा है।
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चार भाषाओं में मांगी माफी
स्ट्रेट्स टाइम्स के मुताबिक, व्यवसायी वेन नियो ने गलती स्वीकार करते हुए सिंगापुर की चार आधिकारिक भाषाओं अंग्रेजी, मंदारिन, मलय और तमिल में माफी पत्र संबंधित अधिकारियों को सौंपा। मार्केट के प्रवक्ता ने बताया कि यह हमारी तरफ से एक बड़ी गलती थी और इसके लिए कोई बहाना नहीं बनाया जा सकता।
शुरुआत में हमने यह तय किया था कि पर्चे अंग्रेजी में छपवाए जाएंगे, लेकिन बाद में सोचा कि इलाके के कुछ बुजुर्ग अंग्रेजी समझ नहीं पाएंगे, इसलिए चारों भाषाओं में छपवाने का फैसला किया गया।
गूगल ट्रांसलेट का किया इस्तेमाल
नियो और उसकी टीम ने अनुवाद करने के लिए गूगल ट्रांसलेट की मदद ली और तमिल की जगह गलती से हिंदी का चयन कर दिया। इतना ही नहीं गूगल ट्रांसलेट की वजह से मलय भाषा में अनुवाद भी काफी खराब हुआ।